दंपती संपर्क अभियान:10 -29 तक चलेगा मिशन परिवार विकास अभियान, पुरुषों की भागीदारी पर होगा जोर

बिहारशरीफ16 दिन पहले
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असहायों व जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल वितरण किया। - Dainik Bhaskar
असहायों व जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल वितरण किया।
  • 7 माह के दौरान जिले के 9 प्रखंडों में नहीं हुई है एक भी पुरुष की नसबंदी

जिले में मिशन परिवार विकास अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए विभागीय तैयारी शुरू कर दी गई है। इस बार पुरूष भागीदारी पर पूरा जोर होगा। एसीएमओ ने बताया कि 10-29 जनवरी तक जनसंख्या नियंत्रण को लेकर मिशन परिवार विकास अभियान चलाया जाएगा। 10-16 जनवरी तक दंपती संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान योग्य दंपत्ति का चयन कर उनसे संपर्क किया जाएगा और जरूरत के मुताबिक संसाधनों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके बाद 17-29 जनवरी तक परिवार नियोजन पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस दौरान सभी प्रखंडों में अभियान के तौर पर बंध्याकरण, कॉपर-टी लगाने के साथ-साथ विभिन्न संसाधनों का वितरण किया जाएगा।
की गई समीक्षा
जनसंख्या नियंत्रण को लेकर चलाए जा रहे परिवार नियोजन पखवाड़ा में प्रखंड स्तरीय प्रगति कार्यो की समीक्षा बैठक की गई। सदर अस्पताल के सभागार में एमओआईसी एवं स्वास्थ्य प्रबंधक के साथ की गई समीक्षा बैठक के दौरान बीते सात माह के दौरान किए गए कार्यो की जानकारी ली गई। जिला सामुदायिक उत्प्रेरक द्वारा पीपीटी के माध्यम से दी गई जानकारी के अनुसार जिले में पुरूष नसबंदी की स्थिति काफी खराब रही। 9 प्रखंडों में एक भी पुरूष का नसबंदी नहीं किया गया है। इसके अलावे अन्य संसाधनों का वितरण आदि में भी कुछ ही प्रखंड की स्थिति बेहतर पाई गई। महिला बंध्याकरण में बिंद, परवलपुर एवं सरमेरा में लक्ष्य से अधिक काम किया गया है। वहीं बिहारशरीफ सहित 10 प्रखंडों में अपेक्षा से कम बंध्याकरण किया गया। प्रसव के सात दिन के अंदर 11 प्रखंडों में ही 50 प्रतिशत से उपर लक्ष्य पूरा किया गया है। कॉपर-टी लगाने के मामले में भी मात्र 10 प्रखंड की स्थिति ही बेहतर दिखी। इसके अलावे शेष अन्य संसाधनों के मामले में भी अधिकांश प्रखंडों की स्थिति बेहतर नहीं दिखी।

फैमिली प्लानिंग में पुरूषों को आना होगा आगे
एसीएमओ ने बताया कि फैमिली प्लानिंग में पुरूषों को आगे आना होगा तभी सरकार द्वारा अभियान सफल हो पाएगा। क्योंकि महिला बंध्याकरण के अपेक्षा पुरूष नसबंदी में सहुलियत के साथ-साथ मरीजों को भी परेशानी और खतरा की संभावना कम होती है। अप्रैल-नवम्बर के बीच का रिपोर्ट देखा जाय तो काफी कम संख्या में पुरूष बंध्यकरण हुआ है। 11 प्रखंड को छोड़कर कहीं से भी पुरूष बंध्याकरण नहीं किया गया है। लेकिन लक्ष्य के अनुरूप कहीं काम नहीं हुआ है। सबसे ज्यादा एकंगरसराय में 6, अस्थावां में 5, करायपरसुराय में 2, बिहारशरीफ 5 पुरूषों ने बंध्याकरण कराया है।

जागरुकता के प्रति देना होगा ध्यान : एसीएमओ डॉ. विजय कुमार सिंह ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण को लेकर सरकार काफी सजग है। इसके लिए मिशन परिवार विकास अभियान के तहत लगातार कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके बावजूद भी बेहतर परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। प्रजेंटेशन के माध्यम से मिली जानकारी से स्पष्ट हो रहा है कि परिवार नियोजन से संबंधित संसाधनों को आम लोगों तक पहुंचाने में प्रखंड स्तर पर रूचि नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जागरूकता के प्रति ध्यान देना होगा। दंपत्ति सम्पर्क अभियान के दौरान जितने लोगों से संपर्क किया जाता है। उनसे लगातार संपर्क बनाए रखने और परिवार नियोजन पखवाड़ा में उनकी भागीदारी सुनिश्चित कराने को कहा गया है। इस मौके पर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. राकेश कुमार, केयर इंडिया के डीटीएल डॉ. संजय महापात्रा, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक उज्जवल कुमार, डॉ. लवली रानी आदि उपस्थित थे।

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