दुर्गोत्सव:कलश स्थापना के साथ ही शुरू हो गया मां शक्ति की आराधना का पर्व नवरात्र

बिहारशरीफ10 दिन पहले
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इसलामपुर में कलश यात्रा में शामिल महिलाएं। - Dainik Bhaskar
इसलामपुर में कलश यात्रा में शामिल महिलाएं।
  • शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना, आज होगी माता के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा
  • भक्तिगीतों और मां के भजनों से गुंजायमान हुआ पूरा वातावरण, जगह-जगह पूजा-पंडालों में वीराजेंगी मांदुर्गा की प्रतिमा
  • प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी, भक्तों की लगी है कतार भवानी से गूंजा वातावरण, मां की आराधना में लीन रहे भक्त

कलश स्थापना के साथ ही गुरुवार से शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की आराधना का नौ दिवसीय अनुष्ठान शुरू हो गया। ग्रामीण इलाकों के मंदिरों, पूजा पंडालों के साथ-साथ श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों में कलश स्थापना कर मां दुर्गा की आराधना शुरू कर दी।
कलश स्थापन के साथ शारदीय नवरात्र शुरू
इसलामपुर | नवरात्र के अवसर पर श्री सिद्ध पीठ मां दुर्गा बड़ी देवी पूजा प्रबंध समिति द्वारा मंडप को विशेष रूप से सजाया गया है। यहां कलश स्थापना के साथ पूजा पाठ शुरू हो गया है। सिद्ध पीठ बड़ी देवी मंडप के गर्भगृह में महाकाली, महालक्ष्मी, महा सरस्वती की पिंडी है। स्थानीय बाजार स्थित श्री सिद्ध पीठ मां दुर्गा बड़ी देवी पूजा महोत्सव में काफी संख्या में श्रद्धालु पूजा करते पहुंचते हैं। मनोकामना पूर्ण होने पर चढ़ावा आदि चढ़ाते हैं।

652 कलशों की निकाली गयी शोभायात्रा

इसलामपुर | प्रखंड के कटवा रसलपुर गांव में ग्रामीणों द्वारा शारदीय नवरात्र की कलश स्थापना के पूर्व 652 कलशों की शोभायात्रा निकाली गयी। ग्रामीण सदन लाल सिन्हा, मुंद्रिका सिंह, इंद्रजीत कुमार, अरविंद कुमार, शैलेंद्र कुमार, श्याम किशोर प्रसाद, उमेश मिस्त्री आदि ने बताया कि इस गांव के देवी स्थान में शारदीय नवरात्र पर कलश स्थापना कर मां दुर्गा की पूजा की जा रही है। साथ ही 13 अक्टूबर से 24 घंटे के लिए अखंड कीर्तन का आयोजन किया जायेगा। इसके पूर्व खरजमा गांव के पास राम-जानकी मंदिर तालाब से 501 कलशों में जलभारी की गयी। सभी कलशों को देवी स्थान में रखा गया। इस मौके पर विजेंद्र प्रसाद चौरसिया, अनुराधा देवी आदि उपस्थित थे। इधर इसलामपुर के इचहोस गांव में ग्रामीणो की सहयोग से नवनिर्मित देवी मंदिर नवरात्रा की कलश स्थापना हुई।

भक्तिमय हुआ माहौल
कतरीसराय | कलश स्थापन के साथ ही नवरात्र शुरू हो गया। लोग भक्ति भाव में डूबे हैं। वातावरण भक्तिमय हो गया है। प्रखंड क्षेत्र के सात गांव में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। कटौना, कतरीसराय, दरवेशपुरा, बिलारी, बहादुरगंज, कतरीडीह एवं सकुचीडीह गांव में मां की प्रतिमा स्थापित की जाती है।

गिरियक में कलश स्थापना को लेकर निकली गयी शोभायात्रा
प्रखंड क्षेत्र में कलश स्थापना के साथ ही शारदीय नवरात्र शुरू हो गया। कलश स्थापना को लेकर सैकड़ों महिला श्रद्धालुओं द्वारा कलश शोभा यात्रा निकाली गयी। कलश यात्रा में शामिल लोग पंचाने नदी से जलभरी कर पैदल ठाकुर स्थान होते दुर्गा मंडप के समीप पहुंचे। जहां कलश की स्थापना की गई। आचार्यों ने बताया कि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार कलश को सुख समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। वहीं दैवीय पुराण में कलश को नौ देवियों का स्वरूप माना गया है। कहा जाता है कि कलश के मुख में श्रीहरि भगवान विष्णु, कंठ में रुद्र और मूल में ब्रह्मा जी वास करते हैं। तथा इसके बीच में दैवीय शक्तियों का वास होता है। प्रखंड के दुर्गापुर, चोरसुआ और गिरियक में भी दुर्गा पूजा को लेकर कलश स्थापना की गई है। पावापुरी अम्बे लोक दुर्गा मंदिर के आयोजक रामाशीष सिंह ने बताया कि बहुत दिनों बाद कोरोना काल के कारण सादगी के साथ पूजा अर्चना की जा रही थी। इस वर्ष सरकारी दिशा निर्देश के अनुसार भव्यता के साथ पूजा अर्चना की जायेगी।

गिरियक में कलशयात्रा में शामिल श्रद्धालु।
गिरियक में कलशयात्रा में शामिल श्रद्धालु।

नवरात्रि पर मंदिरों में उमड़ी भीड़
रहुई | मां दुर्गा की आराधना के लिए कलश की स्थापन के साथ ही नवरात्र शुरू हो गया। प्रखंड के तमाम लोग भक्ति वातावरण डूब गये। रहुई प्रखंड के रहुई बाजार, भागन बिगहा, धमौली, वेना में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इन जगहों पर कलश की स्थापना की गयी है। प्रशासन द्वारा सभी पूजा समिति के सदस्यों को सूचना दे दी गयी है कि कोरोना गाइड लाइन का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा
चंडी | शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा पर मां दुर्गा के अराधना का पर्व गुरुवार से शुरू हो गया है। प्रखंड के गौढ़ापर गांव में नवनिर्मित दुर्गा मंदिर में धूमधाम के साथ पूजा-अर्चना कर कलश स्थापन की गयी। नवरात्र के प्रथम दिन नौ देवियों में से मां शैलपुत्री की दर्शन-पूजन का विधान है। नवरात्र में दुर्गा सप्तशती के अनुसार मां भगवती की पूजा-अर्चना से सुख व सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है। मां दुर्गा, काली, लक्ष्मी एवं सरस्वती की विशेष आराधना फलदायी मानी जाती है।

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