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बढ़ रहा जलस्तर:शहर के निचले इलाकों के गांव और मुहल्लों में घुसा पंचाने नदी का पानी

बिहारशरीफ़2 महीने पहले
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हरनौत: पंचाने नदी में बहाव से कटती मिट्टी - Dainik Bhaskar
हरनौत: पंचाने नदी में बहाव से कटती मिट्टी
  • पहले यास चक्रवात के कारण हुई बारिश और अब रूक-रूककर हो रही मानसून की बारिश से सभी प्रमुख नदियों में पानी आ गया

पहले यास चक्रवात के कारण हुई बारिश और अब रूक-रूककर हो रही मानसूनी बारिश से जिले की सभी प्रमुख नदियों नदियों का पानी खतरे के निशान के करीब आ गया है। हालांकि शुक्रवार को मौसम ठीक रहा। पंचाने नदी तो निचले इलाकों की आबादी के बीच पहुंच भी चुकी है। अस्थावां में जिराईन नदी भी सदरपुर गांव के खंधा में प्रवेश कर चुकी है। डीएम योगेंद्र सिंह ने बताया कि सभी अंचलों और जल संसाधन के अभियंताओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण विभाग के अभियंताओं प्रतिदिन दो बार नदियों का जलस्तर मापने और रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। साथ ही नदियों के जलस्तर बढ़ने के उद्गम स्थल यानि नवादा और झारखंड में जलस्तर पर नजर रखने को कहा गया है। बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल विभाग से जारी आंकड़े के अनुसार पैमार,पंचाने,गोइठवा और सोइयवा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं सकरी नदी के जलस्तर में कुछ कमी तो कुंभरी नदी का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। पंचाने नदी में तेजी से पानी बढ़ रहा है। शुक्रवार को घंटे भर में दो फुट पानी बढ़ गया है। जिसके कारण बिहारशरीफ़ के निचले इलाकों में भी पानी सड़क से ऊपर बहने लगा है।

फल्गु और लोकाइन से बढ़ा खतरा

फल्गु व लोकाइन में बढ़े जलस्तर से एकंगरसराय के कुछ इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इस इलाके के ग्रामीण तीन बार बाढ़ की विभीषिका झेल चुके हैं। फल्गु और लोकाइन नदी में फिर से पानी बढ़ने से क्षेत्र के लोग सहमे हुए हैं। गया जिला में भारी बारिश से फल्गु उफान पर है। हालांकि, जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से थोड़ा नीचे है। बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण विभाग द्वारा 17 जून को जारी रिपोर्ट के मुताबिक फल्गु का जलस्तर 59.1 मापा गया जबकि खतरे का लेबल 61.5 है। इसी तरह लोकाइन का जलस्तर 56.45 मापा गया जबकि खतरे का लेबल 57.8 है।

बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण विभाग के अभियंताओं को प्रतिदिन दो बार नदियों का जलस्तर मापने और रिपोर्ट देने का निर्देश

क्षतिग्रस्त पथ
रेड़ी-चिकसौरा-बांसबिगहा पथ, रामघाट-डियावां-बेरथु पथ, थरथरी-परवलपुर-बेन-छबिलापुर पथ, बड़ी मठ-देवरियापथ भाया मुरगावां-रामगंज-मैजरा, राजगीर बाईपथ पथ, नालंदा-इसलामपुर भाया बेन पथ, राजकीय उच्च पथ संख्या 71 को मरम्मत के लिए चिह्नित किया गया है।

शहरी इलाकों में पंचाने का पानी
बारिश के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पंचाने नदी का जलस्तर बढ़ने से शहरी क्षेत्र में नदी किनारे बसे लोगों के आंखों से नींद उड़ गई है। देवीसराय एवं सलेमपुर मुहल्ला के रविदास टोला में कई घरों पानी में घुस गया है। जलस्तर और बढ़ा तो कई और घर चपेट में आ सकते हैं। कुछ प्रमुख रास्ताें पर भी पानी चढ़ने लगा है। मोगलकुंआ से आशानगर जाने वाली सड़क पर अभी से ही आवागमन करने में परेशानी होने लगी है। किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है। खेतों तक पानी पहुंचने लगा है।

नदियों का जलस्तर नदी 17 का लेवल 18 का लेवल खतरे का लेवल
सकरी 81.40 80.80 81.70
पैमार 65.30 65.60 68.96
पंचाने 53.60 54.65 56.55
गोइठवा 52.47 53.07 55.47
जिराइन 59.72 59.72 60.50
सोइयवा 53.84 54.44 56.84
कुंभरी 56.87 56.87 59.15नदी 17 का लेवल 18 का लेवल खतरे का लेवल
सकरी 81.40 80.80 81.70
पैमार 65.30 65.60 68.96
पंचाने 53.60 54.65 56.55
गोइठवा 52.47 53.07 55.47
जिराइन 59.72 59.72 60.50
सोइयवा 53.84 54.44 56.84
कुंभरी 56.87 56.87 59.15

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