कार्रवाई:प्रसूता की मौत के बाद कंपाउंडर व दो डॉक्टरों की तलाश, बोर्ड-पर्ची पर अलग-अलग डॉक्टर के नाम

परबलपुर13 दिन पहले
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  • एमबीबीएस बता कंपाउंडर ने डॉक्टरों संग किया था गर्भवती का ऑपरेशन

परबलपुर थाना क्षेत्र के बाजार इलाके में स्थित शिवांशु सेवा सदन नामक क्लिनिक में शुक्रवार को ताला लटका मिला। बुधवार की रात ऑपरेशन से प्रसव के दौरान प्रसूता की मौत हो गई थी। घटना के बाद आक्रोशितों ने क्लिनिक के बाहर शव रख, सड़क जामकर आंसू बहाते हुए घंटों हंगामा किया। हंगामा होता देख संचालक व कर्मी फरार हो गया। परिजन ऑपरेशन में लापरवाही व मौत के बाद रेफर किए जाने का आरोप लगा रहे थे। हंगामा की सूचना पाकर आई पुलिस आक्रोशितों को कार्रवाई का आश्वासन दे शांत कराया। शव को कब्जे में कर पुलिस पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल ले गई। परिजन ने डॉ. जितेंद्र कुमार मधुकर, डॉ. अरविंद कुमार और डॉ. विरेंद्र कुमार को आरोपित किया है। प्रारंभिक जांच से खुलासा हुआ आरोपित विरेंद्र डॉक्टर नहीं, कंपाउंडर है। मृतका बेन थाना क्षेत्र के लालगंज गांव निवासी पारो लाल उर्फ पारो सिंदूरिया की 21 वर्षीया पुत्री अर्चना कुमारी है। मौके पर परिवार की चीख पुकार गूंज रही थी।

मौत होने पर किया रेफर : पिता ने बताया कि रात में बेटी को प्रसव के लिए क्लिनिक लेकर आएं। देर रात क्लिनिक में मौजूद तीनों आरोपियों ने हालत सीरियस बता ऑपरेशन से प्रसव करा दिया। प्रसव के दौरान जच्चा की मौत हो गई। जबकि, बच्चा सुरक्षित था। एंबुलेस में शव रख रेफर कर दिया।

कंपाउंडर करता है ऑपरेशन
क्लिनिक का कंपाउंडर बिरेंद्र कुमार खुद को डॉक्टर बताते हुए मरीजों का ऑपरेशन करता था। कंपाउंडर व संचालक कई लोगों की जान ले चुका है। बोर्ड में नामी डॉक्टरों का नाम लिख, संचालक गरीबों को बरगला रहा था। मोटी रकम वसूलता था।

इलाज के नाम पर जान लेने का खेल
जिले के अन्य प्रखंडों में भी इस तरह का गोरखधंधा चल रहा है। जहां आरएमपी नामी डॉक्टर का बोर्ड लगा मरीजों का ऑपरेशन कर उसकी जान ले लेते हैं। सुदूरवर्ती देहातों में धड़ल्ले से यह गोरखधंधा चल रहा है। जिम्मेवार ऐसे क्लिनिकों की जांच नहीं करते हैं।

परिजन ने तीन डॉक्टरों को आरोपित किया है। प्रारंभिक जांच से खुलासा हुआ कि विरेंद्र कुमार डॉक्टर नहीं कंपाउंडर है। बोर्ड और पर्ची पर अलग-अलग डॉक्टरों का नाम अंकित था। पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई में जुटी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के हवाले कर दिया गया। शशिरंजन, थानाध्यक्ष

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