अबतक नहीं पकड़ी रफ्तार:अबतक 1,654 किसानों से 13, 687.02 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई

बिहारशरीफ़एक महीने पहले
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  • 15 नवंबर से शुरू की गई है धान की खरीद, अब भी अधिसंख्य पैक्स धान की खरीद में नहीं दिखा रहे हैं अपनी रुचि
  • धान जमा कराए जाने के लिए रोस्टर भी बनाया जाएगा

जिले में लक्ष्य के अनुरूप धान अधिप्राप्ति अब भी रफ्तार नहीं पकड़ रही है। समय बीतता जा रहा है, लेकिन जिले में धान खरीद की गति नहीं पकड़ पा रही है। खरीद की शुरुआत 15 नवंबर से हुई है, लेकिन अभी अधिकांश पैक्स अध्यक्ष धान खरीद में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है। मंगलवार को डीएम ने धान अधिप्राप्ति को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में बताया गया कि धान खरीद के लिए निर्धारित 19.70 लाख क्विंटल लक्ष्य के विरुद्ध अब तक महज 1654 किसानों से 13,687.02 मेट्रिक टन धान की ही खरीद हो पाई है। इनमें से 1274 किसानों को धान अधिप्राप्ति के विरुद्ध बैंक के द्वारा 149,104,946.70 रुपए का भुगतान किया जा चुका है। डीएम योगेंद्र सिंह ने जिला सहकारिता पदाधिकारी को बताया कि पिछले खरीफ विपणन वर्ष में राज्य में सर्वाधिक 45000 किसानों से नालंदा जिला में धान अधिप्राप्ति की गई थी। उन्होंने इस वर्ष भी राज्य में सर्वाधिक किसानों से धान अधिप्राप्ति नालंदा से ही सुनिश्चित करने को कहा। डीएम ने राज्य खाद्य निगम को समितियों के द्वारा आपूर्ति किए गए सीएमआर के विरुद्ध राशि की प्रतिपूर्ति अगले दो दिनों में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। ताकि राशि का चक्रण धान खरीद के लिए बरकरार रखा जा सके। बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला आपूर्ति पदाधिकारी,जिला सहकारिता पदाधिकारी,जिला प्रबंधक राज्य खाद्य निगम के प्रतिनिधि तथा विभिन्न प्रखंड के पैक्स प्रतिनिधि उपस्थित थे।

सिटी पार्किंग की कमी नहीं
बैठक में प्राथमिक सहकारी समिति के अध्यक्ष भरत शर्मा द्वारा बताया गया कि उन्हें आशंका है कि समितियों के द्वारा धान अधिप्राप्ति किए जाने के बाद चयनित मिल के पास भेजे गए धान के वाहनों के लिए पार्किंग स्थल का अभाव है। इस पर डीएम ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वह आज ही स्थल निरीक्षण करें। पैक्स अध्यक्षों द्वारा पटेल एग्रो इंडस्ट्रीज पर दैनिक रोस्टर बनाए जाने का अनुरोध किया गया। इस पर डीएम ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी रोस्टर बनाने का निर्देश दिया।

पार्किंग के निरीक्षण में खड़ी मिलीं गाड़ियां

डीएम के निर्देश पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने पार्किंग स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि पटेल एग्रो इंडस्ट्रीज के लगभग 5 एकड़ पार्किंग स्थल पर 23 गाड़ियां खड़ी थी। माधवपुर अवस्थित गंगा राम हाईटेक मिल पर 16 गाड़ियां खड़ी थी। इन दोनों स्थानों पर उपलब्ध पार्किंग स्थान का 90 प्रतिशत स्थान खाली था। डीएम ने सहकारी समितियों की सुविधा के लिए दूरस्थ प्रखंड इसलामपुर के लिए किसी एक क्लस्टर पॉइंट, गिरियक प्रखंड में एक क्लस्टर पॉइंट तथा बिन्द प्रखंड में 1 क्लस्टर पॉइंट संबंधित मिल के द्वारा बनाने का निर्देश दिया गया। ताकि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो सके।

अधिक सीएमआर लिए जाने पर प्रसन्नता
डीएम ने राज्य में सबसे अधिक सीएमआर नालंदा में लिए जाने पर प्रसन्नता जाहिर की। उपस्थित सहकारी समितियों के अध्यक्षों के सुझाव पर कि अरवा मिलों को 1 साल के लिए और भी मौका दिया जाए के संबंध में डीएम ने बताया कि उसना चावल लिए जाने का निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया है। जिले की जनता भी उसना चावल का ही उपयोग करती है। बैठक में उपस्थित जिला सहकारिता पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि वह वैसी समितियों को चिन्हित करें जिनके द्वारा किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिए जाने संबंधित योजना को विफल करने का प्रयास किया जा रहा है। जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि लगभग 90 प्रतिशत सहकारी समिति धान का अधिप्राप्ति करना आरंभ कर दिए हैं। 10 प्रतिशत वैसे ही सहकारी समिति बचे हैं जो अपने निजी लाभ के लिए अरवा चावल का व्यवसाय करते हैं। इन समितियों को उनके द्वारा धान अधिप्राप्ति किए जाने का नोटिस दिया गया है।

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