सख्ती:आरोपी ने किशोर होने का किया दावा जांच के लिए बोर्ड भेजा गया सर्टिफिकेट

बिहारशरीफ2 महीने पहले
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किशोर न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी मानवेंद्र मिश्र ने फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर किशोर बताने के चल रहे गोरखधंधा पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। उन्होंने खासकर हत्या, अपहरण, रेप व लूट के मामले में इस तरह के सर्टिफिकेट दाखिल कर किशोर घोषित किए जाने की कई शिकायतें पकड़ी है। उन्होंने न सिर्फ किशोर के दावे को खारिज किया बल्कि इस तरह के अन्य मामले में शामिल एक हेड मास्टर व मुंशी को जेल भी भेज दिया है। ताजा मामला राजगीर के सबलपुर निवासी कुंदन सिंह हत्याकांड से जुड़ा है। इसमें अस्थावां थाना निवासी आरोपी ने किशोर होने का दावा करते हुए अपना मैट्रिक का सर्टिफिकेट दाखिल किया था।

फर्जीवाड़े पर शिकंजा कसने को कोर्ट हुआ सख्त

कोर्ट ने सर्टिफिकेट जांच के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को भेजकर प्रतिवेदन देने को कहा है। इतना ही नहीं उन्होंने पुलिस से सामाजिक पृष्ठभूमि रिपोर्ट एवं पर्यवेक्षण गृह में मनोवैज्ञानिक काउंसलर से किशोर के मन: स्थिति के बारे में भी रिपोर्ट मांगी है। इसी मामले में कोर्ट में एक आरोपी कुंदन कुमार ने किशोर होने का दावा किया था। जिसे जांच के बाद श्री मिश्रा ने किशोर होने के दवा को खारिज करते हुए वयस्क घोषित किया एवं उसका उम्र 18 वर्ष से अधिक पाया एवं अभिलेख को सीजेएम के पास लौटा दिया। अब उक्त अभियुक्त का मामला सामान्य आरोपी की तरह चलेगा। एपीपी जय प्रकाश ने बताया कि हत्या एवं अन्य गंभीर अपराध में आरोपी सजा से बचने के लिए फर्जी सर्टिफिकेट का सहारा लेकर किशोर होने का दावा करता है। इस मामले में भी एक अभियुक्त ने किशोर होने का दावा किया था। लेकिन जांच में वयस्क पाया गया। राजगीर थाना क्षेत्र के सबलपुर गांव निवासी व्यवसायी कुंदन सिंह को 2 मई 2021 की सुबह अपराधियों ने उस वक्त गोली मार दी जब वे मॉर्निंग वॉक में निकले थे। गंभीर अवस्था में उन्हें पीएमसीएच भेजा गया था। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी थी।

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