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जिद पर अड़े हड़ताल कर्मी:पुलिस बुलाकर आउटसोर्स कर्मियों से सफाई करा रहा निगम, हड़ताली कर्मियों ने जबरन काम बंद कराया

बिहारशरीफ3 दिन पहले
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विरोध करने के दौरान पुलिस व सफाई कर्मियों के बीच हाथापाई। - Dainik Bhaskar
विरोध करने के दौरान पुलिस व सफाई कर्मियों के बीच हाथापाई।
  • काम बंद कराने के दौरान पुलिस के साथ हाथापाई, सफाई के लिए लाए गए ट्रैक्टर पर कब्ज़ा
  • हड़तालियों में आक्रोश, न काम कर रहे और न दूसरों को करने दे रहे

सफाईकर्मियों की हड़ताल के कारण शहर की हालत नारकीय हो गई है। हड़ताली कर्मी न सफाई करने और न ही वैकल्पिक व्यवस्था से सफाई करने देने की जिद पर अड़े हैं। जिससे एक बार फिर नगर निगम द्वारा कुड़ा उठाव के लिए की गई वैकल्पिक व्यवस्था असफल हो गई। मंगलवार को पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हड़ताली कर्मियों द्वारा आउटसोर्स से सफाई कार्य होने नहीं दिया गया। हो-हंगामा कर काम को बाधित कर दिया। हंगामे और विरोध के कारण अधिकारी भी वापस लौट गए। बता दें कि शनिवार को भी निजी सफाई कर्मियों द्वारा अस्पताल चौराहा से बड़ी पहाड़ी तक सफाई का की शुरूआत की गई थी । उस दिन कई हड़ताली कर्मियों ने जबरन काम रुकवा दिया था। इसके बाद मंगलवार को एक बार फिर से पुलिस बल की तैनाती कर कुड़ा उठाने का प्रयास किया गया था। यह प्रयास भी असफल रहा। करीब 3 बजे पुलिस बल की मौजूदगी में उपनगर आयुक्त व सिटी मैनेजर ने निजी वाहनों व सफाई कर्मियों की मदद से अस्पताल चौराहा पर कुड़ा उठाव का काम शुरू करवाया। इसी बीच नगर आयुक्त भी पहुंच गए। करीब 15 मिनट के बाद ही हड़ताल पर डटे सफाई कर्मी हाथ में झाड़ु-डंडा लेकर अस्पताल चौराहा पहुंच गए और काम को जबरन बाधित कर जमकर हंगामा किया। इस दौरान समझाने आई पुलिस के साथ हाथापाई भी हुआ। सफाई के लिए लाए गए ट्रैक्टर पर भी कब्जा जमा लिया। महिला सफाई कर्मियों ने ट्रैक्टर पर चढ़कर सिस्टम को ही झाड़ु दिखा दिया। लाख समझाने के बावजूद भी लोग मानने को तैयार नहीं थे। सरकार व निगम के विरूद्ध जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान अधिकारी भी कुछ करने में असहाय दिखे।
पहले मांग हो पूरी, उसके बाद काम
निगम द्वारा निजी स्तर से सफाई कराने की बात सुनकर निगम कार्यालय के समीप धरना पर बैठे सफाई कर्मी पहुंच और काम को रोक दिया। सफाई कर्मियाें का कहना था कि पहले हमलोगोे की मांग को पूरा किया जाए, उसके बाद ही काम होगा। मांग पूरी हुए बिना किसी भी हालत में काम नहीं होने देंगे। हंगामा कर रहे लोग हड़तालियों पर एफआईआर दर्ज कराए जाने से भी भड़के हुए थे। थानाध्यक्ष संतोष कुमार और डीएसपी शिब्ली नोमानी ने समझाने का काफी प्रयास किया।

सामने आई कमजोरी: निगर निगम द्वारा शहर में जमा कुड़ा को उठाने का काफी प्रयास किया जा रहा है लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही है। पूर्व में भी विरोध किया गया था और एस समय तो पुलिस भी पीछे हट गई थी। इसके बावजूद भी मंगलवार को फुलप्रूफ प्लानिंग के साथ काम नहीं किया गया। दिखाने के लिए पुलिस तो थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। नगर आयुक्त ने बताया कि कुड़ा उठाने के लिए निजी स्तर से गाड़ी व सफाई कर्मी को बुलाया गया था लेकिन इन लोगों ने काम होने नहीं दिया। इनपर कार्रवाई की जाएगी।

13 सफाईकर्मियों पर प्राथमिकी
सोमवार को नगर आयुक्त के आदेश के बाद कुछ नियमित कर्मी काम पर लौटे थे। इसी दौरान कुछ महिला सफाई कर्मी निगम कार्यालय के अंदर पहुंच गई और काम करने से रोक दिया। उपनगर आयुक्त विनोद कुमार ने सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के आरोप में 13 सफाई कर्मियाें पर बिहार थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। नगर आयुक्त अंशुल अग्रवाल ने बताया कि मांग और हड़ताल करना कर्मियों के लिए जायज है लेकिन सरकारी काम काे बाधित नहीं कर सकते हैं। लेकिन इन लोगों द्वारा लगातार कार्यालय में आकर काम नहीं करने दिया जा रहा है। हड़ताल करने के पूर्व भी 3 सितम्बर को इन लोगो के खाते पर वेतन भुगतान कर दिया गया है। थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि 13 लोगों पर उपनगर आयुक्त द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

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