कोरोना अपडेट:संक्रमण की रफ्तार तेज लेकिन असरदार नहीं, 1.61 प्रतिशत हो रहे पॉजिटिव तो 1.22 प्रतिशत रिकवर

बिहारशरीफ4 दिन पहले
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कोरोना जांच करते स्वास्थ्यकर्मी। - Dainik Bhaskar
कोरोना जांच करते स्वास्थ्यकर्मी।

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की तुलना में तीसरी लहर में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। कम समय में ही ज्यादा लोगों के संक्रमित होने की रिपोर्ट आ रही है। लेकिन राहत की बात यह है कि संक्रमण असरदार नहीं है। जितनी तेजी से लोग पॉजिटिव हो रहे हैं उतनी ही तेजी से रिकवर भी हो रहे हैं। लोग होम आइसोलेशन में ही ठीक हो रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार इस बार कोरोना से घबराने की नहीं लेकिन बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। अभी से सावधान नहीं हुए और संक्रमण का फैलाव बढ़ता गया तो खतरनाक भी साबित हो सकता है। पहले की तुलना में इस बार संक्रमण का रूप भी बदला है। पहले एन्टीजन जांच में पॉजिटिव आने वाले आरटीपीसीआर में भी पॉजिटिव होता था। लेकिन इस बार ज्यादातर एन्टीजन में पॉजिटिव आने वाले लोग आरटीपीसीआर में निगेटिव हो रहे हैं। सिम्टम्स वाले मरीजों के साथ भी यही हो रहा है। इस कारण लोगो को हैरानी भी हो रही है। मुख्यालय से लगातार गाइडलाइन जारी किया जा रहा है। सीएस डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि कोरोना की रफ्तार पहले से अधिक है लेकिन असरदार नहीं है। हिट एप से होम आइसोलेशन वाले मरीजों को ट्रैक करने के लिए एएनएम को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

बिना सिमटम के जांच कराना जरूरी नहीं : सीएस ने कहा कि एन्टीजन में पॉजिटिव आने वाले को पॉजिटिव माना जाएगा। लेकिन निगेटिव आने वाले व्यक्ति को अगर सिमटम है तो उनका आरटीपीसीआर जांच होगा। अब बिना सिमटम के किसी भी व्यक्ति को जांच कराने की आवश्यकता नहीं है। जितनी तेजी से लोग संक्रमित हो रहे हैं उतनी तेजी से रिकवर भी हो रहे हैं। इस कारण इस बार होम आइसोलेशन का समय मात्र 7 दिन कर दिया गया है। सीएस ने बताया कि जिले में संक्रमण की दर 1.61 प्रतिशत है। जबकि 1.22 प्रतिशत लोग रिकवर भी हो रहे हैं। कई व्यक्ति महज 3-4 दिन के अंदर स्वस्थ्य हो रहे हैं। इसलिए होम आइसोलेशन में 4 दिन बाद भी अगर कोई सिमटम रह जाता है तभी दाेबारा जांच कराने की जरूरत होती है।

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