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पार्क निर्माण:सूबे के पहले फिलाटेलिक पार्क की हुई शुरुआत डाक टिकटों से देश की संस्कृति से हो सकेंगे रूबरू

बिहारशरीफ़एक महीने पहले
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कोरोना संक्रमण के दौर में बच्चों व किशोरों में रचनात्मक शैली विकसित करने के लिए डाक विभाग ने एक नई पहल की है। बिहार सर्किल द्वारा नालंदा में सूबे का पहले फिलाटेलिक पार्क की शुरुआत की गई है। पार्क का उद्घाटन पोस्ट मास्टर जनरल पूर्वी क्षेत्र अनिल कुमार द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। फिलाटेलिक पार्क नालंदा, राजगीर एवं पावापुरी जैसे पर्यटन स्थलों, स्कूलों , डाकघरों इत्यादि में बनाया गया है। बिहार में इस तरह का पार्क अपने आप में पहला और अनोखा होगा।

श्री कुमार ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों एवं बच्चों के बीच डाक टिकटों के माध्यम से देश-विदेश की संस्कृति, सभ्यता, इतिहास, विज्ञान,विभिन्न जीव जंतुओं, पेड़ पौधों एवं महान विभूतियों आदि के संबंध में रोचक एवं ज्ञान परख जानकारी देना है। डाक अधीक्षक उदयभान सिंह ने बताया कि फिलाटेली को “शौको का बादशाह” कहा जाता है। फिलाटैली एक ऐसी रचनात्मक शौक है जिससे बहुत ही अमूल्य ज्ञान हासिल किया जा सकता है। डाक टिकटों के मूल्य में हो रही वृद्धि के कारण यह निवेश का भी एक अच्छा विकल्प है।

उन्होने बताया कि विद्यार्थियों में डाक टिकट संग्रह और इसके पीछे छुपे कथ्य व इतिहास के प्रति अध्ययन की अभिरुचि को विकसित किया जा रहा है। इससे छात्र-छात्राओं को शिक्षा में भी फायदा मिलेगा। श्री सिंह ने बताया कि जल्द ही इस तरह के फिलाटेलिक पार्क का निर्माण जिले के अन्य प्रमुख स्थानों पर भी किया जाएगा।

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