पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

मगही कवि सम्मेलन:गोल मोल वादा हे, पनसुखल इरादा हे, नयका-पुरनका साथ, देख के हदस जाहि! हर बेरी फंस जाहि!

बिहारशरीफ2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • ऑनलाइन मगही कवि सम्मेलन में शामिल हुए जिला सहित मगध के नामचीन कवि

विश्व मगही परिषद के 7वें अंतरराष्ट्रीय मगही चौपाल में रविवार को ऑनलाइन ‘मगही कवि सम्मेलन ‘ का आयोजन मगध विश्वविद्यालय के मगही विभाग के अध्यक्ष प्रो० भरत सिंह की अध्यक्षता में हुई। कवियों का स्वागत हिंदुस्तान हॉटलाइन न्यूज़ के सीईओ डॉ . बिपिन कुमार ने किया।

कार्यक्रम में नालंदा के वरिष्ठ मगही कवि उमेश प्रसाद उमेश, दिल्ली से डॉ. सत्येंद्र सत्यार्थी, जमुई से डॉ. नूतन सिंह, जहानाबाद से सुनैना कुमारी, गया से टोला-टाटी के संपादक व कवि सुमंत जी , गोड्डा से कवि विनय विनम्र ने मगही की कविताओं का शानदार कव्यपाठ किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए हिंदी एवं मगही के युवा कवि संजीव कुमार मुकेश ने कहा कि मगही सभी भाषा की मूल है।

‘सा मागधी मूल भाषा’ रहने के बाद भी अपने घर में उपेक्षित है। जब हम खुद इसकी उपेक्षा करें तो दूसरों से इसके सम्मान की बात सोंच भी कैसे सकते हैं। हमें गर्व के साथ मगही को कम से कम संवाद की भाषा जरूर बनानी चाहिए। बेहतर होगा कि हम इसकी शुरुआत अपने अपने घर घर से ही करें। बिहार के चुनावी माहौल पर उन्होंने अपनी रचना भी पढ़ी।

बिहार के राजनैतिक गठबंधन पर चुटकी लेते हुए उन्होंने अपनी व्यंग्य रचना “गोल मोल वादा हे, पनसुखल इरादा हे, नयका-पुरनका साथ, देख के हदस जाहि! हर बेरी फंस जाहि!” सुनाई। धन्यवाद ज्ञापन संस्था के महासचिव प्रो० नागेंद्र नारायण ने किया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष कमलेश शर्मा भी उपस्थित थे।
सबके खुद्दी फांका ही
नालंदा जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के सचिव व मां मालती देवी स्मृति न्यास के अध्यक्ष प्रसिद्ध मगही साहित्यकार व कवि उमेश प्रसाद उमेश ने 70 के दशक में लिखी अपनी चर्चित व्यंग्य रचना से सभी जगह व्याप्त भ्रष्टाचार को आईना दिखाया। उन्होंने “हमरा की टुक-टुक ताको हा, मुखिया, लीडर, डीलर बन के सब के खुद्दी फको हा.... हुँह.. हमरा की टुक-टुक ताको हा!” सुनाया । पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए भी “ये साजन बन जा तू एक माली, हमें मालिनियां बनबो ना” गीत पढा।
कविता में छलका मगही की उपेक्षा का दर्द
मगही को आठवीं अनुसूची में अभी तक शामिल नहीं किये जाने के दर्द को शब्दों में एक मुक्तक के माध्यम से मगध क्षेत्र के नेताओं से गुहार लगाते हुए देश के चर्चित कवि डॉ सत्येंद्र सत्यार्थी ने करोड़ो लोग के अरमान, पावन आस हे मगही,
अपन पूर्वज के थाती-ज्ञान के विश्वास हे मगही।
कमर कस लीं कि मगही संविधान में सही जगह पाए,
अनगिनत लोग के सपना के तो आकास हे मगही।। का पाठ किया।
मगही की चिंता
जमुई की कवयित्री डॉ. नूतन सिंह ने अपनी रचना में मगही की चिंता को व्यक्त किया।
“कब ले जोगा के रखबा इनका घरे तार के दोना में,
मगही हय फयलल भैया दुनिया के कोना कोना में।
मगही के इतिहास खोल के एक बार दोहराहो त,
चन्द्रगुप्त,चाणक्य, अशोक, गौतम से भी पाछे जाहो त,
सतयुग, त्रेता,द्वापर के सब दिन इ हला सिरहौना में।
मगही हय फयलल भैया दुनिया के कोना कोना में।”

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज भविष्य को लेकर कुछ योजनाएं क्रियान्वित होंगी। ईश्वर के आशीर्वाद से आप उपलब्धियां भी हासिल कर लेंगे। अभी का किया हुआ परिश्रम आगे चलकर लाभ देगा। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों के ल...

और पढ़ें