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दौरा:किसी भी तरह से हो फसल क्षति, मिलेगा मुआवजा जांच में पारदर्शिता है जरूरी : विजय कुमार चौधरी

बिहारशरीफ4 दिन पहले
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चेक देते शिक्षा एवं संसदीय कार्य विभाग व जिले के प्रभारी मंत्री विजय कुमार चौधरी। - Dainik Bhaskar
चेक देते शिक्षा एवं संसदीय कार्य विभाग व जिले के प्रभारी मंत्री विजय कुमार चौधरी।
  • प्रभारी मंत्री ने की बाढ़, अतिवृष्टि व अन्य आपदाओं की समीक्षा, जनप्रतिनिधि भी अपने स्तर से विभाग को देंगे रिपोर्ट

शिक्षा एवं संसदीय कार्य विभाग व जिले के प्रभारी मंत्री विजय कुमार चौधरी ने मंगलवार को हरदेव भवन में बाढ़, अति वृष्टि और अन्य आपदाओं की जिले में स्थिति की समीक्षा की। डीएम योगेन्द्र सिंह ने मंत्री का स्वागत किया। डीडीसी वैभव श्रीवास्तव ने पीपीटी द्वारा जिले में आपदा एवं कोरोना से संबंधित किये जा रहे काम की जानकारी दी। उन्होंने कोरोना संक्रमण की जांच, वैक्सीनेशन, ऑक्सीजन प्लांट की स्थिति, अस्पतालों में बेड, पल्स ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर आदि की स्थिति के बारे में बताया। कोरोना संक्रमण से मौत के बाद दिए जाने वाले राहत अनुदान के बारे में जानकारी दी गई।
तटबंध कटाव पर भी चर्चा
बैठक में जिले के कुछ प्रखंडों में तटबंध कटाव तथा फसल क्षति पर भी चर्चा हुई। जल जमाव के कारण पथों के खराब होने और उसकी मरम्मत कराने की जानकारी मंत्री को दी गई। बैठक में गंगा उद्वह योजना के तहत चल रहे कार्यों पर तैयार वीडियो भी दिखाया गया। डीएम ने कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए जिले में तैयार एप ईएएमएस जिससे कर्मियों, पदाधिकारियों के लोकेशन की जानकारी मिलती है के बारे में भी मंत्री को बताया।

जन प्रतिनिधियों ने रखी बात। सांसद कौशलेंद्र कुमार ने आपदा अनुग्रह अनुदान के चेक मिलने और राशि भुगतान में विलंब होने की बात कही। विधायक हरिनारायण सिंह ने आपदा से हुए फसल क्षति का तैयार प्रतिवेदन को आंशिक बताया। उन्होंने खाद की किल्लत की भी बात कही। अस्थावां विधायक डा. जितेन्द्र कुमार ने आपदा में पशुओं के देखभाल पर प्रश्न उठाया। उन्होंने कोवैक्सीन के भी कुछ डोज जिला में उपलब्ध कराने की बात कही। हिलसा विधायक कृष्ण मुरारी शरण ने उदेरा स्थान से छोड़े गए पानी से होने वाले जलाधिक्य और फसल क्षति की बात कही। इसलामपुर विधायक राजीव कुमार रौशन ने बैठक से दो दिन पूर्व समीक्षात्मक प्रतिवेदन दिए जाने की बात कही।

स्थिति नियंत्रण में बताया । समीक्षा के बाद मंत्री ने कहा कि जिले में आपदा की स्थिति पूर्ण रूप से नियंत्रण में है। चाहे वह बाढ़, सुखाड़ या कोरोना से संबंधित आपदा हो। जिले में बेहतर ढंग से इसका सामना किया जा रहा है। फसल क्षति पर उन्होंने सभी जनप्रतिनिधि से अनुरोध किया कि वे भी अपने-अपने क्षेत्रों तथा इससे संबंधित व्यक्तियों के नाम सूची में जुड़वाने में मदद करें। ताकि सभी सही व्यक्ति का नाम जुड़ सके और गलत व्यक्ति को हटाया जा सके। खाद की किल्लत पर उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी से जानकारी ली और बताया कि खाद की मांग और आपूर्ति में भिन्नता के कारण कमी की स्थिति बनी है। जिसे शीघ्र ही सुधार लिया जाएगा। उदेरा स्थान तथा मंड़ई बीयर की जानकारी बाढ़ नियंत्रण कार्यपालक अभियंता तथा मंड़ई बीयर के अभियंता से लिया तथा वहां से जल अचानक नहीं छोड़ने का निर्देश दिया। मंत्री ने शिक्षा विभाग में 40000 प्रधानाध्यापक की नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग से कराने की बात कही।

मुआवजा के रूप में प्रति एकड़ छह हजार दिए जाएंगे
समीक्षा बैठक के बाद सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि बाढ़ के कारण किसी भी तरह का फसल क्षति होता है तो किसानों को इसका मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियो को पारदर्शिता के साथ फसल क्षति की रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही जनप्रतिनिधियों को भी अपने स्तर से जांच कर किसानों को लाभ दिलाने की बात कही गई है। ताकि सही किसानों को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि फसल क्षति दो प्रकार से होता है। लगी हुई फ़सल बर्बाद हुई हो या खेत में पानी रहने के कारण फसल नहीं लगाया गया हो। दोनों ही स्थिति में किसानों को प्रति एकड़ 6 हजार दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि कंपनी द्वारा उर्वरक आवंटन में समस्या आ रही है। जिले के लिए 45 हजार एमटी का डिमांड किया गया था लेकिन अभी तक 38 हजार एमटी ही उर्वरक आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि जो भी उर्वरक आवंटन किया गया है उसका वितरण सही तरीके से हो रहा है या नहीं इसपर नजर रखने का निर्देश जिला कृषि पदाधिकारी को दिया गया है।

स्वास्थ्य केन्द्रों की मॉनिटरिंग की आवश्यकता। मंत्री ने कहा कि कोरोना के तीसरे लहर से निपटने के लिए सरकार द्वारा प्रयास जारी है। ऑक्सीजन की कमी न हो इसके लिए जिला से लेकर अनुमंडल स्तर पर ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की गई है। वैक्सीनेशन एवं जांच की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। सीएस को निर्देश दिया गया है कि स्वास्थ्य उपकेन्द्रों की मॉनिटरिंग लगातार करते रहें। जानकारी मिल सके और कमी को दूर किया जा सके।

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