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खेती-किसानी:5 हेक्टेयर में होगी जी-9 प्रभेद के टिश्यू कल्चर केले की खेती, बढ़ेगी आमदनी

बिहारशरीफ11 दिन पहले
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केला का पौधा वितरण करते डीएचओ। - Dainik Bhaskar
केला का पौधा वितरण करते डीएचओ।
  • 14 हजार पौधा का किया गया है वितरण, 62000 प्रति हेक्टेयर मिलेगा अनुदान

जिले के किसान अब जी-9 टिश्यू कल्चर केले की खेती कर अपनी आमदनी को दोगुना कर सकेंगे। इसके लिए किसानों को जागरूक करते हुए पौधा का वितरण किया जा रहा है। हालांकि अभी तक केले की खेती के प्रति जिले के किसानों में कोई खास जागरुकता नहीं आई है। लेकिन इससे होने वाली आमदनी और गुणों के बारे में किसानों को जानकारी दी जा रही है। ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान केले की खेती से जुड़ सकें। बताया जा रहा है कि टिश्यू कल्चर विधि से केला की खेती कर जिले के किसान समृद्ध होंंगे। केले की जी-9 प्रजाति की खेती से किसान पारंपरिक केले की तुलना में पांच गुना अधिक आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रजाति के केले की कई खासियत है। जी-9 प्रजाति के पौधे लैब में तैयार होते हैं और पौधे के मजबूत होने के बाद इसे किसानों को उपलब्ध कराया जाता है। जिले में इस बार विभाग द्वारा टिश्यू कल्चर केले की खेती के लिए 5 हेक्टेयर का लक्ष्य विभाग निर्धारित किया गया है।
4 हेक्टेयर में14 हजार पौधे का किया गया वितरण
सहायक निदेशक उद्यान ज्ञानचंद शर्मा ने बताया कि जिले में 5 हेक्टेयर में केले की खेती करने का लक्ष्य दिया गया है। जिसके लिए किसानों से आवेदन लिए जा रहे हैं। जैसे-जैसे आवदेन आ रहा है वैसे-वैसे किसानों को पौधा का वितरण किया जा रहा है। करीब 4 हेक्टेयर के लिए 14 हजार पौधा का वितरण किया जा चुका है।

गुणों से भरपूर है केले की यह प्रजाति है लाभप्रद

टिश्यू कल्चर से तैयार केले की यह प्रजाति सिर्फ रोग प्रतिरोधक मामले में ही अव्वल नहीं है बल्कि यह गुणों से भरपूर भी है। इसकी खासियत है कि खेतों में लगे सभी पौधे एक साथ बड़े होते हैं और एक साथ फल देते हैं। इससे किसानों को एक मुस्त आमदनी हो जाती है। जब तक एक पौधा फल देता है तब तक इससे निकला दूसरा पौधा भी बड़ा हो जाता है। पहली फसल12-13 माह आौर दूसरी फसल 7-8 माह में ही तैयार हो जाता है। उन्होंने कहा कि केले की खेती करना काफी लाभप्रद है। उन्होंने कहा कि इच्छुक किसान प्रखंड या जिला स्तर पर आवेदन जमा कर सकते हैं। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर योजना का लाभ दिया जाएगा।

कम समय में होगी अधिक आमदनी

सहायक निदेशक ने बताया कि जी-9 प्रभेद के केले की खेती से किसान कम समय में अधिक आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। इस पौधे की खासियत यह है कि 9-10 महीने में ही फसल लग जाते हैं। इसमें लगने वाले केले सामान्य केलों से अलग होते हैं। इसका उत्पादन भी आम केलों की तुलना में दोगुना होता है। किसानों को इसका फायदा मिलेगा।

50 प्रतिशत दिया जाएगा अनुदान : एक हेक्टेयर में केले के पौधे लगाने पर करीब सवा लाख रुपये की लागत आती है। जिसपर सरकार द्वारा 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। प्रथम वर्ष 75 प्रतिशत एवं पौधा को सुरक्षित रख लेते हैं तो 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। सहायक निदेशक उद्यान ने बताया कि एक हेक्टेयर में 3 हजार 86 पौधे लगेंगे। पौधे का मूल्य सरकार द्वारा 16.75 रुपये निर्धारित है। लेकिन किसानों को शुरूआती दौर में डेढ़ रुपए प्रति पौधा लिया जाएगा, शेष 15.25 रूपया अनुदान की राशि से काटी जाएगी।

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