ठंड में बढ़ गया मच्छरों का प्रकोप:डेंगू से बचने के लिए करें मच्छरदानी का उपयोग

बिहारशरीफएक महीने पहले
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मौसम धीरे धीरे सर्द होता जा रहा है। इसके साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ता जा रहा है। जिससे डेंगू जैसे मच्छरजनित बीमारी के बढ़ने की आशंका भी बढ़ गई है। ऐसे में रहन-सहन में बदलाव , साफ-सफाई विशेष ध्यान रखने के साथ –साथ सावधान रहने की भी जरूरत है। सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार ने बताया कि फिलहाल डेंगू से बचाव का सबसे बेहतर और सुरक्षित उपाय है सोने के समय मच्छरदानी का उपयोग करना है। लोग सोते समय मच्छरदानी के इस्तेमाल को अपनी आदत बना लें। इसके अलावा साफ-सफाई, रहन-सहन में सकारात्मक बदलाव की जरूरत है। साथ ही लक्षण दिखने के साथ ही तुरंत चिकित्सकों से जांच करानी चाहिए । डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज कराना चाहिए।
साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान
डेंगू से बचाव को लेकर खुद के साथ-साथ घरों एवं आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें। शौचालय एवं उसके आसपास की जगह, रसोई घर , बेडरूम आदि जगहों की साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें। क्योंकि, यह बीमारी मच्छर काटने से होता है और गंदे स्थानों पर मच्छर पनपते है। इससे बचाव के लिए खुद के साथ-साथ दूसरों को भी जागरूक करें। जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव होगा।
डेंगू के लक्षण
डेंगू के बुखार में उल्टी, सूजन,चकत्ते की समस्या होती है। साथ हीं सांस तेज चलना, पेट में दर्द, मसूड़ों से खून निकलना, कमजोरी, उल्टी में खून आने के लक्षण भी मिलते हैं। शुरुआती दौर में इलाज शुरू होने से मरीजों को विशेष परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है। लक्षण दिखते ही तुरंत इलाज के लिए नजदीकी चिकित्सालय या चिकित्सक से संपर्क करें।
सरकारी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था
सिविल सर्जन ने बताया कि डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग से पूरी तरह अलर्ट है। इससे बचाव के लिए सरकारी अस्पतालों में इलाज की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। इसलिए, किसी भी प्रकार का परेशानी होने पर सीधा सरकारी अस्पताल जाएं।
गिलोय रस के सेवन से भी डेंगू से बचाव
डेंगू होने पर चिकित्सकीय परामर्श को नजरंदाज न करने की सलाह दी जाती है । लेकिन डेंगू के बुखार से बचने के लिए गिलोय रस को कारगार माना गया है। गिलोय जूस मेटाबोलिज्म बेहतर करने के साथ-साथ इम्युनिटी भी मजबूत करता है। मजबूत इम्युनिटी डेंगू के बुखार से लड़ने में शरीर की मदद करती है। इससे प्लेटलेट काउंट बढ़ता है और रोगी को बेहतर लगता है। एक गिलास पानी में दो छोटे गिलोय के तनों को उबाल लें और इस पानी को गुनगुना होने पर पी लें। इसका दिन में दो बार से अधिक न सेवन करें।

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