लगातार बढ़ रहे मामले:24 घंटे में 10 कोरोना मरीजों की मौत

सासाराम/बिक्रमगंज6 महीने पहले
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सासाराम रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की जांच करती मेडिकल टीम। - Dainik Bhaskar
सासाराम रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की जांच करती मेडिकल टीम।
  • जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वालों की संख्या 132 हुई, सक्रिय मरीजों की संख्या 2266 पहुंची

जिले में बढ़ता कोरोना का कहर दिनों-दिन डरावना होते जा रहा है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट में पिछले 24 घंटे के भीतर 293 नए पॉजिटिव मरीज मिले हैं। जबकि सदर अस्पताल और एनएमसीएच जमुहार के कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड में भर्ती 10 मरीजों ने दम तोड़ा दिया है। जिले में अब कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वालों की संख्या 132 हो चुकी है। जिले में गुरुवार को सक्रिय मरीजों की संख्या भी 2266 हो गई है। जिसमें से 159को इलाज के लिए सदर अस्पताल व एनएमसीएच जमुहार के अलावा अनुमंडलीय अस्पताल बिक्रमगंज तथा डेहरी में भर्ती कराया गया है। जबकि 2107 को होम आइसोलेशन में रखकर इलाज की जा रही है। डीएचएस के जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी रितु राज ने बताया कि आइसोलेट किए गए 159 मरीजों में से सदर अस्पताल सासाराम में 55 एनएमसीएच जमुहार में राशि अनुमंडलीय अस्पताल बिक्रमगंज में 10 तथा अनुमंडलीय अस्पताल डेहरी में 12 मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। 1109 सैंपल का रिपोर्ट आना बाकी है। कहा कि 24 घंटे के दौरान 10 की मौत कोरोना से हुई है।

कोरोना के 159 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती, 2107 मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया

वेंटिलेटर के अभाव में हो रही मरीजों की मौत, सिविल सर्जन को दिया निर्देश

पिछले 24 घंटे में 10 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। मृतकों में से आठ सदर अस्पताल सासाराम तथा 2 एनएमसीएच, जमुहार में भर्ती थे। सदर अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की ज्यादातर मौतें हो रही है। सदर अस्पताल में कोविड मरीजों की हो रही मौत के पीछे यहां वेंटिलेटर की व्यवस्था का नहीं होना कारण बताया जा रहा है। कोरोना संक्रमण से जान गवाने वाले कई मरीजों के परिजनों ने भी वेंटिलेटर का नहीं होना मौत का कारण बताया है। सरकार द्वारा डीएम व सिविल सर्जन को हर हाल में वेंटिलेटर की व्यवस्था शुरू कराने का निर्देश दिया गया है।
फोन नहीं उठाते नोडल चिकित्सा पदाधिकारी, कर्मी भी बरत रहे हैं लापरवाही
जिला स्तर पर कोविड-19 के संक्रमण के फैलाव को रोकथाम के लिए तीन डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर के संचालन के लिए चिकित्सीय नोडल पदाधिकारी एवं प्रशासनिक पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। सदर अस्पताल सासाराम को डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर में नोडल चिकित्सा पदाधिकारी के तौर पर डॉ श्री भगवान सिंह की प्रतिनियुक्ति की गई है। लेकिन उनके मोबाइल नम्बर 9431677866 पर अगर मरीज के परिजन फोन करते है तो ओ कॉल उठान मुनासिब नहीं समझते।

ये शिकायत कई मरीजों के परिजनों की है। लोगो की माने तो डॉ श्री भगवान सिंह को दर्जनों बार कॉल किए जाने के बाद भी वह फोन नहीं उठाते। इसका परिणाम है कि कोरोना आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीजों की देखभाल में वहां के कर्मी लापरवाही बरत रहे हैं। एक मरीज के परिजन बताया कि यहां के स्वास्थ्य कर्मी मरीज हो ऑक्सीजन लगाने से भी परहेज करते हैं काफी आग्रह के बाद ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई चालू कर वहां से निकल लेते हैं मजबूरी में मरीज के परिजनों को ही ऑक्सीजन पाइप लगानी पड़ती है।

बिक्रमगंज रेफरल अस्पताल में कोरोना के दो मरीजों की मौत

बृहस्पतिवार को अनुमंडलीय रेफरल अस्पताल में इलाज करा रहे 2 कोरोना संक्रमित व्यक्तियों ने दम तोड़ दिया। सूर्यपुरा के कर्मा निवासी 60 वर्ष एक पुरुष को 26 अप्रैल को भर्ती कराया गया था। जिनका इलाज गहन चिकित्सा कक्ष में चल रहा था। बृहस्पतिवार को करीब 12 बजे ईलाज के क्रम में तोड़ा दम। दूसरी तरफ करगहर थाना क्षेत्र के 50 वर्षीय महिला ने सुबह इलाज के क्रम में दम तोड़ा। इन्हें 27 अप्रैल को दोपहर में भर्ती कराया गया था। उल्लेखनीय है कि रेफरल अस्पताल में बनाए गए आइसोलेशन सेंटर में वर्तमान में 4 कोरोना संक्रमित का इलाज चल रहा है।

दावथ निवासी समाजसेवी युवक टुनटुन कुमार सिंह की मौत कोरोना वायरस के संक्रमण से हो गई है। खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम पसर गया। ग्रामीण विनोद सिंह ने बताया कि उक्त युवक टुनटुन कुमार सिंह का सीएचसी दावथ में जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर स्थिति बिगड़ने पर इलाज विगत करीब पंद्रह दिनों से पटना के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। नोखा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार को दो पॉजिटिव मामले पाए गए। जिनमें एक 72 वर्षीय महिला के मौत हो गई। महिला कारन गांव की बताई जा रही है।

जो नोखा पीएससी में सांस की बीमारी से पीड़ित रहने पर नोखा पीएचसी में इलाज के लिए आई थी। जहां पर उनकी मौत हो गई। वही पर लालगंज गांव में युवती को ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ एंबुलेंस से सासाराम भेजा गया। ऑक्सीजन सिलेंडर को लेकर के कुछ देर तक परिजनों ने हंगामा भी किया। उपस्थित पीएचसी के कर्मियों ने समझा-बुझाकर शांत कराया कराया। कारन गांव की महिला को पीएचसी के प्रभारी डाक्टर अजय प्रताप, प्रबंधक राजीव कुमार सिह ने बताया कि मृतक महिला को परिजनों को किट अंतिम संस्कार करने वाले परिजनों को उपलब्ध कराई गई।

नासरीगंज प्रखण्ड क्षेत्र में मिले पांच नए पाॅजिटिव

नासरीगंज प्रखण्ड क्षेत्र में गुरुवार को पांच कोरोना संक्रमित मरीज मिले। प्रखण्ड में लगातार कोरोना के पाॅजिटिव मरीज मिलने से लोग दहशत में हैं। पीएचसी में गुरुवार को रैपिड एंटीजन किट से 82 जबकि आरटीपीसीआर से 58 लोगों की जांच की गई। प्रखण्ड क्षेत्र के पांच लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इस सम्बंध में बीएचएम अनिल सिंह ने बताया कि गुरुवार को हुए जांच में पांच पाॅजिटिव मरीज मिले हैं।लोगों को सतर्कता बरतने की जरूरत हैं।

काराकाट व राजपुर में चार नए मरीज पाए गए

काराकाट केंद्र में गुरुवार को रैपिड एंटीजन किट से जांच में दो लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। वही करीब 90 लोगों ने कोविड 19 का वैक्सीन भी लिया। बीएचएम कौशलेंद्र शर्मा व नागेश्वर तिवारी ने जानकारी दी। वहीं राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर गुरुवार को 42 लोगों की कोरोना जांच की गई। जिसमें 2 मरीज पॉजिटिव निकले। इस संबंध में चिकित्सा पदाधिकारी सतीश कुमार सिंह ने बताया कि ट्रूनेट विधि से 36 लोगों की जांच की गई।

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