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परेशानी:लगातार हो रही बारिश से खेतों में हुआ बाढ़ सा नजारा

बिक्रमगंजएक महीने पहले
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खेत मे लगा पानी दिखाते किसान - Dainik Bhaskar
खेत मे लगा पानी दिखाते किसान
  • संसार डिहरी गाव में विद्यालय जाने वाले रास्ते में भी पानी जमा हो गया है

प्रखण्ड में रुक-रुककर हो रही बारिश से खेतों में डाले गए धान के बिचड़े पर बुरा असर पड़ा है। वही पिपरमेंट के खेती पर भी बहुत असर पड़ा है। जिससे किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। साथ ही बाढ़ सा नजारा देख कृषि कार्य मे देर न हो जिससे उनके माथे पर चिंता की लकीर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। वही दूसरी ओर लगातार हो रहे बारिश से प्रखण्ड के मोथा, संसार डिहरी, करूप,मानिक परासी,इटढिया, बेनसागर, सहित दर्जनों गांवो में बाढ़ सा नजारा बना हुआ है। वही संसार डिहरी गाव में विद्यालय जाने वाले रास्ते मे भी पानी जमा हो गया है। ग्रामीण मनोज पाण्डेय अंशु पाण्डेय ,डब्लू पाण्डेय सहित कइयो का कहना है कि गनीमत है कि फिलहाल कोविड 19 की वजह विद्यालय बन्द है। दूसरी ओर पिपरमेंट की खेती करने वाले किसानों को लगातार बारिश होने से लाखों रुपये की फसल का नुकसान हो रहा है।

बारिश से पिपरमेंट तेल की मात्रा होती जा रही कम

लगातार बारिश से पिपरमेंट तेल की मात्रा कम होती जा रही, इसलिए एक एकड़ में लगभग 50 लीटर निकलने वाला तेल मात्र पांच से दस लीटर ही निकल रहा। जिससे पिपरमेंट की खेती करने वाले किसानों के चेहरों पर मायूसी छायी है। जबकि लगातार बारिश की वजह पिपरमेंट प्लांट बंद पड़े हैं। जिसकी वजह पिपरमेंट खेतों में जमा पानी मे सड़ने की कगार पर हैं। प्रखण्ड के मोथा,कुरुर, तुर्ति,मुंजी,पिपरा सहित कई गांवों में इस साल पिपरमेंट की खेती खूब की गई । लगभग आसपास के गांवों में करोड़ों की खेती में लगातार बारिश होने से कई किसानाें को घाटा उठाना पड़ा है।

कुरुर के किसान योगेंद्र सिंह,मोथा के जनार्दन प्रसाद,तुर्ति के मनोज कुमार सहित कई किसानों ने बताया कि लगातार बारिश से पिपरमेंट की फसल पानी में डूबने से खराब हो रही और पानी में होने से तेल की मात्रा 90 फीसदी कम हो जाती है। इधर, बारिश से आसपास के गांवों में किसानों की पिपरमेंट की खेती प्रभावित हो रही है, जिससे किसानों के चेहरों पर मायूसी साफ दिख रही है।

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