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बुझ गए चिराग:इंद्रपुरी डैम में चार दोस्त डूबे

बिक्रमगंजएक महीने पहले
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  • चंदतन शहीद पहाड़ी घूमने के बाद नहाने पहुंचे थे नौ दोस्त, सभी मैट्रिक और इंटर के छात्र
  • साथी डूब गए तो चार पहुंचे पुलिस के पास, एक अन्य भी लापता

सोन नदी के इंद्रपुरी बराज में मंगलवार की शाम नहाने पहुंचे नौ युवकों में से चार युवक डूब गए। एक घटना के बाद वहां से गायब है। बाकी के चार अपने साथियों के डूबने के बाद दहशत से भाग कर पुलिस के पास पहुंचे। प्रशासन ने डूबे हुए युवकों की तलाश शुरू की। लगभग तीन बजे घटी इस घटना के बाद चार घंटे तक की गई खोजबीन में कोई युवक नहीं मिला। उनके शवों को तलाश करने के लिए गोताखोरों की टीम भी बुलाई गई। यह घटना इंद्रपुरी बराज के फाटक नंबर एक के समीप घटी।

जब सभी नौ युवक बराज में उतरकर कम पानी देख धीरे-धीरे गहरे धार वाले जगह पर चले गए। नौ में से बार-बारी चार युवक गहराई में समाते गए, जबकि पांच उन्हें डूबते देखकर चिल्लाते हुए भाग खड़े हुए। इस घटना में लापता होने वाले सभी युवक दावथ थाना के कोआथ के रहने वाले बताए गए हैं। जिसमें शाहनवाज कुरैसी, राजा बाबू, सल्लू इद्रीसी और ओसामा इद्रीसी शामिल हैं। सभी मैट्रिक व इंटर के छात्र थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद वहां पहुंचे इंद्रपुरी थानाध्यक्ष सरफराज आलम, डेहरी अंचलाधिकारी अनामिका कुमारी और डेहरी पुलिस निरीक्षक विनय कुमार ने युवकों की तलाश शुरू कराई। इसी बीच डेहरी प्रखंड विकास पदाधिकारी अरूण कुमार भी जा पहुंचे। युवकों की तलाश जारी थी।

चार घंटे की खोज के बाद भी नहीं मिले शव
युवकों के सोन नदी में डूबने के बाद चार घंटे की तलाश में भी कोई सफलता नहीं मिली। तब तक अंधेरा हो जाने के कारण आए हुए गोताखोरों की टीम की परेशानी और बढ़ गई। इधर प्रशासन ने मॉनिटरिंग सेल को निर्देश देकर सभी फाटकों से जलापूर्ति बंद करा दी, ताकि लापता युवकों के शवों को बरामद किया जा सके। अंचलाधिकारी अनामिका कुमारी ने बताया कि गोताखोरों के अलावे स्थानीय मछुआरों को भी शवों को तलाशने के लिए लगाया गया है। इधर मृतकों के परिजनों को सूचना मिलने के बाद वे भी घटना स्थल पर पहुंच चुके थे। कोआथ में इस घटना के बाद कोहराम मचा हुआ है। सभी युवक घर से यह कहकर पवन सिंह की भाड़े की स्कार्पियो से निकले थे कि शबे-ए-बारात के बाद वे सासाराम के चंदतनशहीद मजार पर घूमने जा रहे हैं। जहां दोपहर में पहुंचकर घूमने के बाद सीधे इंद्रपुरी बराज के लिए निकल गए।

ये रोकते तो नहीं जाती मासूमों की जान: न होमगार्डों ने रोका, न डैम के कर्मचारियों ने

इंद्रपुरी बराज पर डैम के रास्ते बड़े वाहनों के आने जाने से रोकने के लिए वहां होमगार्ड के चार जवान तैनात थे। वे भी उन युवकों को बराज में नीचे उतरने से नहीं रोके। जबकि बराज मॉनिटरिंग सेल कर्मचारियों की भी वहां 24 घंटे तैनाती रहती है। उनमें से भी किसी ने युवकों को नहीं रोका। इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे युवकों को नहीं रोका जाना अपने आप में प्रशासनिक विफलता की बड़ी कहानी है। जिसको लेकर युवकों के परिजनों में आक्रोश है। छात्रों की टोली में शामिल मोहम्मद जावेद ने बताया कि लगभग दो बजे वे इंद्रपुरी बराज पहुंचे थे। सोन नदी के फाटक नंबर एक में उतर गए। पानी का बहाव कम होने के कारण वे धीरे-धीरे गहराई की ओर जाने लगे। आगे चल रहे चारों जब अचानक डूब गए। एक नंबर फाटक के नीचे उतरने से उन्हें किसी ने मना नहीं किया।

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