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सफलता:योजनाओं के 62 लाख रुपए गबन मामले में नगर निगम की चेयरमैन हुई गिरफ्तार

बिक्रमगंजएक महीने पहले
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प्रेस कॉन्फ्रेंस करते एस पी के साथ एएसपी व अन्य पुलिस अधिकारी - Dainik Bhaskar
प्रेस कॉन्फ्रेंस करते एस पी के साथ एएसपी व अन्य पुलिस अधिकारी
  • फर्जी हस्ताक्षर कर दो वार्डों की दो योजनाओं से 62 लाख रुपये की कर ली थी निकासी

नगर निगम सासाराम क्षेत्र में बिना काम कराए फर्जी हस्ताक्षर से 62 लाख रुपए के गबन मामले की आरोपी नगर निगम चेयर मैन कंचन देवी को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया।यह गिरफ्तारी सासाराम नगर निगम क्षेत्र के वेदा स्थित एक मकान से हुई, जहां कंचन देवी छुपी हुई थी। तब नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या- 11 में 14 वें वित्त से 5 योजनाएं एवं नगर निधि से दो योजना सहित अन्य योजनाओं के तहत कार्य कराने के नाम पर 62 लाख रुपए की फर्जी हस्ताक्षर से निकासी की गई थी। रोहतास एस पी ने सासाराम स्थित कैंप कार्यालय मे आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि, यह गिरफ्तारी सासाराम ए एस पी अरविंद प्रताप सिंह के नेतृत्व टाउन थानाध्यक्ष कामाख्या नारायण सिंह आदि पुलिस पदाधिकारियों की टीम ने शुक्रवार को दोपहर बाद की। डी एम के आदेश पर दर्ज हुऐ थे दो एफआईआर: बाकि उक्त वार्ड में कोई कार्य नहीं करवाया गया था। तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी कुमारी हिमानी एवं कनीय अभियंता अरुण कुमार सिंह के विरुद्ध 1 मार्च 2021, 12/08/2020, 11/ 01/2021 को नगर थाने को लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। नगर थाना सासाराम ने गबन के आरोपी मुख्य पार्षद कंचन देवी , कुमारी हिमानी, अरुण कुमार सिंह पर कांड संख्या 156/ 21, धारा 419/ 420/ 467/ 468/ 471 (12बी)/ 406 (34 बी), 503/ 20 में 419/ 420/409/467/468/471(34) भादवी,35/2021 में 419/420/409/467/468/471 भादवी के तहत मामला दर्ज किया गया।

क्या था मामला
सासाराम के वार्ड संख्या 11 और 14 की दो योजनाओं के लिए अलग अलग निर्गत राशि की मापी पुस्तिका बनाकर निकासी कर ली गई थी। जब मामले ने तुल पकड़ा तब तत्कालीन रोहतास डी एम पंकज दिक्षित ने 26 अगस्त 2020 को अपर समहर्ता के नेतृत्व में जांच दल कर दिया। जांच के बाद टीम ने 4 फरवरी को अपनी रिपोर्ट पेश की जिसमें सभी आरोप सही निकले। पी सी सी का कार्य बिना कराऐ राशि की निकासी कर ली गई थी। तब रोहतास डीएम के निर्देश पर तीन प्राथमिकियां दर्ज हुई। तब से कंचन देवी फरार चल रही थी।

शुक्रवार को सासाराम पुलिस को भनक लगते ही बेदा नहर के पास किराए के मकान में छुप कर रह रही कंचन देवी को गिरफ्तार कर लिया। गबन के आरोपी मुख्य पार्षद कंचन देवी की गिरफ्तारी की सूचना जिले में आग की तरह फैल गई। हलाकि इस मामले की आरोपी तत्कालीन ईओ हिमानी और कनीय अभियंता अरुण अभी गिरफ्तार नही हुए हैं जिस पर सवाल उठ रहे हैं। पुर्व पार्षद अतेन्द्र सिंह ने बताया की उन दोनो की भी गिरफ्तारी होनी चाहिए। वे दोनो भी बराबर के दोषी हैं।

पूर्व में भी एक अन्य मुख्य पार्षद की हो चुकी है गिरफ्तारी
बता दे कि सासाराम नगर परिषद के मुख्य पार्षद की गिरफ्तारी का मामला कोई नया नहीं है। इसके पूर्व भी वर्ष 2017 में तत्कालीन मुख्य पार्षद नाजिया बेगम सहित दो अन्य पार्षदों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। वर्ष 2014 से 2016 के बीच सासाराम नगर परिषद में लैपटॉप, हाई मास्क लाइट, डेकोरेटिव पोल, स्ट्रीट लाइट, एलइडी लाइट, रेडीमेड यूरिनल की खरीद में हुई बहुचर्चित 3 करोड़ से अधिक रुपए गबन के मामले में उस समय के तत्कालीन मुख्य पार्षद नाजिया बेगम एवं वार्ड 5 की पार्षद रीता सिन्हा एवं वार्ड 37 के पार्षद विनोद प्रसाद को पटना से आई निगरानी की टीम ने गिरफ्तार किया था जबकि कुछ अन्य आरोपी भागने में सफल हो गए थे।

अन्य अभियुक्तों की होगी जल्द गिरफ्तारी
सासाराम नगर परिषद के मुख्य पार्षद कंचन देवी की गिरफ्तारी को लेकर रोहतास एसपी आशीष भारती ने बताया कि एसडीपीओ अरविंद प्रताप सिंह के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है। जो टीम जल्द हीं सासाराम नप की तत्कालीन ईओ और कनीय अभियंता अरूण कुमार को गिरफ्तार करेगी।पिछले 2 महीने से ही मुख्य पार्षद के साथ-साथ अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाए जा रहे थे। इसी दौरान गुप्त सूचना पर मुख्य पार्षद कंचन देवी को बेदा नहर के पास एक मकान से गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि कंचन देवी पर नगर थाना सासाराम में गबन को लेकर 3 मामले दर्ज है। उसी के तहत यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि इस गबन में शामिल नगर परिषद के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

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