कोरोना का खौफ / लाॅकडाउन चार में खुली दुकानाें ने बढ़ाई भीड़, काेराेना संक्रमण का खतरा बढ़ा

Open shops increased crowd in lockdown 4, increased risk of Carena infection
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Open shops increased crowd in lockdown 4, increased risk of Carena infection

  • संझौली, दिनारा, कराकाट, नासरीगंज, दावथ, सूर्यपुरा, राजपुर प्रखंडों में 200 से ज्यादा लोग बाहर से लौटे
  • न चौक - चौराहों पर पुलिस दिख रही है और न ही आमजन सहयोग कर रहे

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

बिक्रमगंज. कोरोना वायरस संक्रमण के प्रभाव कम करने के लिए अभूतपूर्व जनता कर्फ्यू के बाद लॉकडाउन का असर पिछले एक महीने तक किसी असरदार रहा। जनता घरवास थी। मार्केट लॉक था और कोरोना वायरस डाउन था। लेकिन उसके बाद दूसरे महीना के शुरुआत में ही 22 अप्रैल से कोरोना ब्लास्ट होना शुरु हुआ तो महज 28 दिनों में 124 पॉजिटिव केस जिले में मिल गए। एक महीने तक ग्रीन जिला था। प्रशासन भी सख्त था और देखते ही देखते रेड जोन में शामिल हो गया और रेड जोन में शामिल होने के बाद प्रशासन की सख्ती कम हो गई, लोगों की आवाजाही बढ़ गया दुकानों के कुछ शटर उठ गए।

आखिर क्यों जब जिला ग्रीन था तो पुलिस-प्रशासन के साथ साथ आम लोग भी लॉकडाउन के पालन कर रहे थे, लेकिन जब रेड जोन हुआ तो प्रशासन भी ढीली और लोग भी घरवास छोड़ सड़क पर निकल गए हैं। अब न चौक चौराहों पर पुलिस के जवान दिख रहे हैं और न ही  आमजन सहयोग कर रहे हैं। जबकि जानलेवा वायरस से बचाव के लिए अपनी अपनी अधिकतर प्रतिष्ठानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। जबकि आवश्यक वस्तुओं  दूध, सब्जी व मेडिकल जैसी आवश्यक दुकान खोलने के निर्देश दिए गए हैं। अब सरकारी प्रतिष्ठान भी बिल्कुल खोलने के निर्देश दे दिए गए हैं।  

लॉकडाउन का आलम यह है कि जिस चौराहे पर सन्नाटा पसरा हुआ था। अब आवाजाही शुरु हो गया है।  लेकिन अब चुपके चुपके चाय, नाश्ता, पान की दुकान खुल रहा है। अनुमंडल प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग मुस्तैदी से चौक चौराहों पर अलर्ट रहता था। अब वह नहीं रह रहे हैं। व्यस्तम चौराहों पर मेडिकल शहर के पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, अस्पताल, सब्जी,फल फूल, और दूध जैसी आवश्यक वस्तुओं की दुकान तो खोलना ही है इसके साथ साथ अन्य दुकान भी खुल रहा है।  
ट्रेन व बस का परिचालन पूरी तरह से बंद रहा: आरा-सासाराम रेल खंड पर चलने वाले इंटरसिटी व पैसेंजर ट्रेन नही चला तो वही बिक्रमगंज अनुमंडल मुख्यालय स्थित डुमरांव रोड़, डेहरी रोड़, सासाराम रोड़, आरा रोड से खुलने वाले बसों का परिचालन बंद है। जबकि नजदीक के बाजारों पर चलने वाले जीप व ऑटो अब धीरे धीरे चलना शुरु हो गए है। जबकि  31 मई तक अनुमंडल मुख्यालय व सभी प्रखंडों को लॉकडाउन कर दिया गया है। 
अस्पताल के बाहर मरीजों की जुट रही भीड़: लॉक डाउन के चलते सरकारी अस्पताल आ निजी अस्पताल के सामने सन्नाटा पसरा हुआ था लेकिन सरकार के निर्देश पर अब ओपीडी सेवा शुरु किए जाने से अस्पताल के पास भीड़ दिखना शुरु हो गया है हालांकि अभी भी अधिकतर इमरजेंसी लोग ही अस्पताल पहुंच रहे है। जिससे अस्पताल के आस-पास की सन्नाटा भीड़ में तब्दील होने लगा है। 
दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब से आने वालों पर पैनी नजर
दिल्ली मुंबई, पंजाब, महाराष्ट्र से आने वाले लोगो पर प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की नजर तो है ही गांव वाले भी सतर्क है उनके गांव में आने के साथ ही गांव के लोग इसकी सूचना प्रशासन को दे रहे है। दो दिनों में अनुमंडल के संझौली, दिनारा, कराकाट, नासरीगंज, दावथ, सूर्यपुरा, राजपुर प्रखंड में दो सौ से ज्यादा लोग लौटे है जिनमें दिहाड़ी मजदूरों की तादाद है। बिक्रमगंज के मोरौना, धनगाई, शिवपुर, तो दिनारा के भेलारी से ग्रामीणों ने इसकी खबर अनुमंडल प्रशासन को पहुंचाया तो उनकी जांच की गई। 
दो मीटर की दूरी पर रहने का निर्देश का नही हो रहा अनुपालन
 कोरोना वायरस को लेकर दो मीटर की दूरी पर रहने का निर्देश का अनुपालन नही हो रहा है। सब्जी दुकान फल दुकान किराना व मेडिकल दुकानों पर पहुंचने वाले ग्राहक सीधे सीधे नजदीक पहुंच जा रहे है जो सुरक्षा के लिहाज से ठीक नही है। हालांकि प्रशासन चौक चौराहे से गुजर रहे लोगो को दो मीटर की दूरी पर रहने के बात कह रहे है इसके बावजूद भी लोग नही चेत रहे है। हालांकि गुरुवार को एक साथ जिला में 34 पॉजिटिव केस ब्लास्ट होने से फिर से एक बार लोगो के बीच दहशत कायम हो गया है इसके साथ ही 124 कुल पॉजिटिव मरीज हो गए। राहत देने वाले बात यह है कि अधिकतर पॉजिटिव मामले प्रवासी से जुड़ा हुआ है।
कारोबार प्रभावित हो गया, दुकानदार परेशान
कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन किए जाने के बाद शहर के कारोबार पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। सोनभद्रा ट्रांसपोर्ट के प्रतीक ने बताया कि ऐसा हम लोगों के होश में कभी देखने को नहीं मिला। जिस तरह से सरकार कोरोना वायरस को लेकर गंभीर है। उससे लगता है कि दुनिया पर खतरा है। इससे निपटाना हम सब की जवाबदेही है। कुछ दिनों पहले  अनुमंडल मुख्यालय से लेकर दूर दराज के गांव की सड़कें व गलियां में भी सन्नाटा पसरा हुआ था। जबकि कई लोगों ने कहा कि संकट की ऐसी घड़ी में प्रशासन की उदासीनता प्रश्न खड़ा कर रहा है।

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