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मौसमी बीमारी का कहर:सर्दी, खांसी व जुकाम के बढ़ रहे हैं मरीज इलाज के लिए अस्पताल में जुट रही भीड़

बिक्रमगंज5 दिन पहले
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मरीज का इलाज करते चिकित्सक। - Dainik Bhaskar
मरीज का इलाज करते चिकित्सक।
  • बरसात के मौसम में चिकित्सक दे रहे ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह
  • बारिश के मौसम में तापमान के अचानक उतार-चढ़ाव से होती है परेशानी

अचानक गर्मी और फिर उसके बाद सर्दी का एहसास इस तरह से करवट लेता मौसम स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा सावधानी की जरूरत है। सुबह और शाम की हवाओं के बीच सोमवार रात हुई बारिश के बाद एकाएक तापमान में काफी गिरावट आई है। ऐसे में अगर लापरवाही बरती तो दवा खानी पड़ सकती है। जिससे सांस, हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियां घर कर सकती है। पर्यावरण प्रदूषण के कारण पहले से ही स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है। बदलते मौसम में सावधानी से काम न लेने पर बीमारियों का दायरा और भी बढ़ सकता है। तापमान गिरने के साथ सर्दी, खांसी, बुखार, निमोनिया, दमा, ब्रोंकाइटिस, कोल्ड डायरिया और हृदय संबंधी बीमारियों के प्रकोप का खतरा भी बढ़ने लगा है।

सरकारी के साथ निजी अस्पतालों में भी मौसम बदलने के साथ मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। तापमान में ज्यादा गिरावट आने के साथ प्रकोप और बढ़ जाएगा। डॉक्टरों का कहना है कि अगर सावधानी नहीं बरती गई तो समस्या ज्यादा होगी। डॉक्टर कहते हैं कि कि बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों में सावधानियां ही बचाव का सर्वोत्तम उपाय है। सावधानी बरतने से होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है। इस मौसम में तापमान में गिरावट और सर्दी के एहसास बढ़ने के कारण बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखना चाहिए।

बदलते मौसम में ये उपाय करें

  • बदलते मौसम में संक्रमण का खतरा होता है। ऐसे में सूती और पर्याप्त वस्त्र पहनना चाहिए।
  • खानपान पर ध्यान देने की जरूरत है। पौष्टिक आहार लेना चाहिए, इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। मौसमी फलों एवं सब्जियों का खाने में प्रयोग करना चाहिए।
  • विटामिन सी वाले फल जैसे संतरा, नींबू ज्यादा लेना चाहिए क्योंकि यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
  • ठंडे पदार्थों का सेवन भी कई बार वायरल बुखार का कारण बन जाता है।
  • आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक का सेवन नहीं करना चाहिए, साथ ही जंक फूड से भी बचना चाहिए।
  • सुबह की सैर के साथ-साथ योग भी अच्छा व्यायाम होता है।

खाने पीने के लिए गरम चीजों का करें इस्तेमाल

  • इस संबंध में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनम सिंह ने कहा कि बदल रहे मौसम सभी के लिए नुकसानदेह है। सर्दी-जुकाम और बुखार तो सामान्य सी बात है। कई अन्य गंभीर बीमारियां भी ज्यादा होने पर हो जाती हैं। हृदय रोगियों के साथ सांस, दमा रोगियों के लिए भी ऐसा सीजन खतरनाक है। परेशानी होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लें। खाने-पीने में गरम चीजों का इस्तेमाल करें।

बच्चों का रखें विशेष ख्याल
चिकित्सक ने कहा कि बच्चों को सर्दी में बाहर न निकालें। जुकाम से त्रस्त व्यक्ति को बच्चों से दूर रखें। सर्दियों में बच्चों को सर्दी, खांसी, बुखार, कोल्ड डायरिया के साथ ब्रोंकाइटिस का खतरा बना रहता है। बच्चों को टोपा, दस्ताने, मोजे जरूरत पहनाएं। सर्दियों में बच्चों को गरम पानी ही पीने को दें। गुनगुना दूध दें। जिस कमरे में बच्चे हों उसे गरम रखें, लेकिन धुआं आदि नहीं होना चाहिए।

बच्चों को रखा हुआ खाना न दें। सोते समय उनका मुंह और नाक खुला रखें। पसलियां चलते समय ज्यादा सावधानी बरतें। बच्चों का खुद इलाज न करें। परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह लें। ​​​​​​​

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