परेशानी / गहरा रहा जल संकट, कई इलाकों में पानी का स्तर गिरा, हैंडपंप भी सूखे

Water crisis deepens, water level drops in many areas, hand pumps also dry
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Water crisis deepens, water level drops in many areas, hand pumps also dry

  • दिनारा प्रखंड के कोरी, बलिया, भेलारी, रघुनाथपुर में पीने योग्य पानी भी नहीं
  • सबसे बुरा हाल बिक्रमगंज अनुमंडल के दिनारा प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

बिक्रमगंज. तपिश इस बार देर से शुरु हुआ तो जल संकट भी गहराने लगा। कई इलाकों में जलस्तर खिसक गया है। वही चापाकल पानी देना बंद कर दिया है। कोरोना संकट के साथ- साथ जल संकट भी उत्पन्न होने लगा है। सबसे ज्यादा दिक्कत हो रहा है पशु, जानवर व पक्षी को। आलम यह है कि जंगली जानवर भी भटक कर पठारी इलाको में पहुंच गए हैं। अनुमंडल क्षेत्र के आहर-पोखर का जलस्तर खिसकने लगा है। इतना ही नहीं कई प्रखंड के गांवों में चापाकल पानी देना भी बंद कर दिया है।
मार्च की शुरुआत में जब ऐसी हालत है तो अभी तो पूरी गर्मी का मौसम बाकी है। आलम यह है कि ग्रामीण इलाकों में तो लोगों काे दो दो किलोमीटर से पीने का पानी लाना पड़ता है। सबसे बुरा हाल बिक्रमगंज अनुमंडल क्षेत्र के दिनारा प्रखंड के गांव का होता है। उसके बाद दावथ के भी कुछ गांव ऐसे हैं जहां पानी की किल्लत से लोगो को जूझना पड़ता है। 
आधा दर्जन से अधिक गांवाें में चापाकल पानी देना कर देता है बंद: दिनारा प्रखंड के कोरी, बलिया, भेलारी, रघुनाथपुर में शुद्ध पीने योग्य पानी की दिक्कत होती है। चापाकल का पानी हर साल देना बंद कर देता है। पहले ऐसी स्थिति मई जून के महीने में होता था, लेकिन अब हाल के दिनों में जिस तरह फरवरी महीने से ही आहर पोखर के जल स्तर खिसका है। एक्सपर्ट का मानना है जितनी तेजी से पेड़ पौधे कट रहे हैं। उतना लग नहीं रहा है। अभियान भी फोटो खिंचाने तक सीमित है। यही हाल रहा तो स्थिति को संभालना मुश्किल हो जाएगा। 
पलस्टनपुर के लोग बगल के गांव से पानी लाते हैं
बुजुर्ग रामप्रवेश सिंह कहते है कि फरवरी में पहली बार आहर तलाब को सूखते हुए देखा गया है यह प्रकृति व आम आदमी के लिए अच्छा संकेत नही है। दिनारा के भाजपा नेता बिजय क्रांति कहते है कि अरिला रघुनाथपुर, साराव, मुसवत, करहंसी, जगदीशपुर टोला, पलस्टनपुर गांव के लोगो को तो बगल के गांव से पानी लाना पड़ता है दो किलोमीटर पैदल या फिर साइकिल से पानी पीने के लिए लाते है। इसी तरह दावथ के परमेश्वर पुर में भी पानी की किल्लत हो जाता है। हांलाकि बीते साल सरकार के पीएचईडी विभाग ने क्षेत्र के कुछ इलाकों में चापाकल लगाएं हैं जिससे कुछ राहत मिल गया है। लेकिन समस्या पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है।
पीपरमिंट की खेती से और तेजी से घट रहा जलस्तर
इस बार पानी का जलस्तर और भी गिरने की ज्यादा संभावना बढ़ गया है। कारण की किसानों के फसल बर्बाद होने से पिपरमेंट की खेती दिनारा क्षेत्र में बढ़ गया है। पानी खिसकने का एक और कारण है कि हर दस बीघा खेत पर एक पंप सेट चलाने के लिए बोरिंग कराया गया है। बिक्रमगंज अनुमंडल क्षेत्र के संझौली, राजपुर, दिनारा, कराकाट, दावथ, सूर्यपुरा, कछवा में अधिकतर चापाकल बैकअप देना शुरु कर दिया है।

इधर हालत को देखते हुए पीएचईडी विभाग भी गांव में चापाकल की मरम्मती का काम शुरु करने के लिए कागजी प्रक्रिया में जुट गई है। हला की ग्रामीण इलाकों के साथ साथ अनुमंडल मुख्यालय व आस पास बाजारो पर का भी चापाकल की हालत खराब होने लगी है।

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