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  • 25 Lakh Theft At The Martyr's House 150 Meters Away From The Police Station, Even After 11 Days, The Police Got Involved In The Conspiracy

दुस्साहस:थाने से 150 मीटर दूर शहीद के घर 25 लाख की चोरी, 11 दिन बाद भी पुलिस खानापूर्ति में उलझी

बक्सर13 दिन पहले
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घर में चोरी के बाद बिखरे पड़े सामान। - Dainik Bhaskar
घर में चोरी के बाद बिखरे पड़े सामान।
  • शहीद के परिवार का दर्द : पुलिस ने शहादत का अपमान किया, वीरांगना की तबीयत बिगड़ी
  • 25 लाख के गहने व 50 हजार नकद चुराए, दुबारा चोरी की कोशिश की

औद्योगिक थाने से महज 150 मीटर दूर निरंजनपुर मोहल्ले में चोरों ने एक शहीद के घर से मुख्य गेट, कई कमरों व आलमारी की ताला-कुंडी तोड़कर 25 लाख रुपये की संपत्ति की चोरी कर ली। पीड़ित परिवार ने पुलिस को कुछ संदिग्धों के नाम भी बताए हैं, लेकिन चोरी की घटना में अबतक पुलिस सिर्फ कागजी खानापूर्ति ही कर सकी है। घटना के बाद से शहीद की पत्नी की तबीयत खराब हो गयी है।

शहीद के बेटे व बेटी को घटना के 11 दिन बाद भी न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही है। परिवार ने कई बार एसपी से बात की। डीजीपी तक को मेल भी किया है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही है। बता दें कि औद्योगिक थाना के 150 मीटर की दुरी पर निरंजनपुर गांव स्थित शहीद नारायण राय के घर पर बीते 18 मई की रात चोरों ने चोरी की थी।

पूजा करने गए थे पैतृक गांव, तभी हुई घटना
शहीद की वीरांगना मंजू राय ने औद्योगिक थानाध्यक्ष को आवेदन दिया है। जिसमें कहा कि निरंजनपुर के मकान में ताला लगाकर पूजा के लिए अपने गांव चले गए थे। जब लौटे तो देखा कि मेन गेट समेत सभी कमरों का ताला टूटा पड़ा है। जबकि घर में अलग-अलग स्थानों में रखे अलग-अलग प्रकार गहने (कीमत लगभग 20-25 लाख) व 50 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए गए हैं। शहीद की वीरांगना ने बताया है कि उनकी दो बेटियों के भी गहने उन्होंने यही रखे थे।

शर्मनाक : एसआई ने परिवार वालों से कहा- लकड़ी का पटरा रखें तब आएंगे
शहीद के पीड़ित पुत्र प्रिंस राय ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब आवेदन दे दिया गया तो 20 मई की शाम में एसआई हरेश कुमार मामले की जांच के लिए पहुंचे। बारिश होने से गली में पानी लग गया था। उन्होंने हमलोगों से रास्ते में लकड़ी का पटरा रखने की डिमांड करते हुए कहा कि रास्ते में कीचड़ है। पटरा रखिए तब हम आएंगे। हालांकि शहीद के बहनोई ने कहा कि हम भी पुलिस डिपार्टमेंट में ही नौकरी करते हैं। इसी रास्ते से आते जाते हैं। यह कहकर आग्रह किया। इसके बाद किसी तरह एसआई आए। घटना की तहकीकात में कुछ फोटो वीडियो लेकर चले गए। आरोप है कि पीड़ित परिवार के आग्रह के बावजूद पुलिस ने फिंगर प्रिंट, फुटप्रिंट या डॉग स्क्वायड से जांच में दिलचस्पी नहीं दिखाई।

11 दिन बाद पुलिस के हाथ खाली : घटना की एफआईआर के बाद संदिग्ध लोगों ने दोबारा शहीद के घर में छत के रास्ते से घुसने की कोशिश की। परंतु परिजनों के शोर मचाने से वे लोग भाग गए। बड़ा सवाल यह है कि एफआईआर दर्ज होने के 11 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। जबकि शहीद की बेटी अन्नू राय ने कई बार पुलिस को फोन कर घटना के जिम्मेवार लोगों को पकड़ने की मांग करती रही। परंतु, पुलिस कागजी खानापूर्ति के अलावा अब तक कुछ नहीं कर सकी।

दंतेवाड़ा में हुए थे शहीद
नारायण राय 2009 में पाडीगुडा चिंतागुफा दंतेवाड़ा में नक्सलियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। परंतु आज परिजनों का आरोप है कि पुलिस जब शहीद के परिजनों को न्याय नहीं दिला सकती तो आम जन का क्या हो सकता है।

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