पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में गड़बड़ी:फर्जी तरीके से वृद्धावस्था पेंशन ले रहे 9 हजार 316 लोग, आधार में उम्र 60 से कम

बक्सर13 दिन पहलेलेखक: अरविंद चौबे
  • कॉपी लिंक
  • विभाग ने जब आधारकार्ड आधारित जीवन प्रमाणपत्र मिलाया, तो मामला सामने आया
  • सभी बीडीओ को दिया जांच कर कार्रवाई का जिम्मा : सहायक निदेशक

जिले की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में गड़बड़ी सामने आई है। वृद्धावस्था पेंशन योजना की सूची में नाम दर्ज कराने वालों में युवा भी शामिल हैं। विभागीय जांच में इसका खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार बड़े पैमाने पर गलत उम्र दर्शा कर फर्जी तरीके से करीब 9 हजार 316 लोग पेंशन का लाभ ले रहे हैं।

बताया जा रहा है किइसमें मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना में 65 व इंदिरा गांधी वृद्धावस्था पेंशन में करीब 9 हजार 251 लोग शामिल हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा आधार कार्ड आधारित जीवन प्रमाणपत्र से मिलान करने पर यह मामला पकड़ में आया है। बक्सर के सभी ग्यारह प्रखण्ड में इस तरह के मामले सामने आए हैं।

जिसमें सैकड़ों लाभुक गंभीर जांच के दायरे में हैं। विभागीय निर्देश के अनुसार फर्जी आईडी बनाकर पेंशन लेने वालों से अबतक ली गयी पेंशन की राशि तो वसूल की ही जाएगी। उनपर एफआईआर भी दर्ज किया जाएगा।
निदेशक ने पत्र भेज राशि की वसूलने को कहा
विभाग अब ऐसे लोगों से पेंशन राशि की वसूली करेगा। इसकी कवायद शुरू कर दी गयी है। समाज कल्याण विभाग के निदेशक दयानिधान पांडेय ने संबंधित जिला के सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशकों को पत्र लिखकर भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट मांगी है। पत्र मेें कहा गया है कि पेंशनधारियों की सूची में मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के 65 एवं इंदिरा गांधी वृद्धावस्था पेंशन योजना में 9 हजार 251 पेंशनधारियों की आयु 60 वर्ष से कम पाई गई है। ऐसे पेंशनरों के आयु संबंधी जांच बायोमेट्रिक या भौतिक सत्यापन के बाद सही पाए जाने पर ही भुगतान के लिए लॉक किया जाएगा। फर्जी लाभुकों से पेंशन राशि की वसूली होगी।

डीबीटी सिस्टम लागू होने से सामने आया मामला
समाज कल्याण विभाग द्वारा डीबीटी (प्रत्यक्ष हस्तांतरित लाभ) सिस्टम से पेंशनरों के बैंक खाते में राशि भेजने की शुरुआत की गई। इसके लागू होने के बाद हर वर्ष पेंशनरों का आधार आधारित जीवन प्रमाणपत्र जमा करना होता है। विभाग की मानें तो पहले डीबीटी सिस्टम से वोटर कार्ड के आधार पर ही पेंशन स्वीकृत होते थे। उसमें उम्र छिपा कर पेंशन का लाभ लिया गया। ऐसे लोगों का जब आधार आधारित जीवन प्रमाणपत्र सत्यापित कराया गया तो मामला सामने आया।

  • जिले में 9316 लोगों द्वारा उम्र अधिक दर्शा कर पेंशन लेने का मामला प्रकाश में आया है। पेंशनरों की सूची सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को जांच के लिए भेज दी गई है। फर्जी तरीके से पेंशन लेने का मामला प्रमाणित होने पर विभाग के निर्देशानुसार राशि की वसूली की जाएगी। - पूनम कुमारी, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग।

2017 में भी उजागर हुआ था मामला,
13,199 फर्जी लाभार्थी ले रहे थे पेंशन का लाभ, 3486 मृतक भी थे शामिल

बक्सर| सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में जिले में मृतकों द्वारा भी हर महीने निकासी किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। यह कोई पहली बार नहीं है। फरवरी 2017 में जिले में ऐसे 3 हजार 486 लाभुकों के खाते में प्रतिमाह राशि भेजी जा रही थी। जिनकी मृत्यु हो चुकी थी।

मामले का खुलासा तब हुआ जब विभागीय निर्देश के आलोक में लाभुकों को बैंक खाते में राशि भेजे जाने की योजना के तहत बैंक खातों को आधार से लिंक किया गया था। लेकिन, ज्यादातर लाभुक आधार कार्ड नहीं होने के बहाने बना रहे थे। पेंशन लाभ पाने वाले जिले के 1 लाख 28 हजार 823 लाभार्थियों के वास्तविकता की जांच की गयी थी। जिसमें 13 हजार 199 फर्जी लाभार्थी पाए गए थे। सभी का खाता पीएफएमएस द्वारा रिजेक्ट कर दिया गया था। अब पुनः मामला आने के बाद विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।

खबरें और भी हैं...