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ईद उल अजहा का त्योहार:अकीदत के साथ मनाई बकरीद, मुल्क में अमन चैन की मांगी दुआ

बक्सर4 दिन पहले
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  • ईद को लेकर जिले के 85 संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल रहा तैनात, मस्जिदों पर कड़ा पहरा

जिले में कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण भाईचारे के साथ ईद उल अजहा का त्योहार मनाया गया। बता दें कि बकरीद की त्योहार को लेकर जिले के 85 संवेदनशील स्थानों पर अधिकारियों के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई थी। जबकि आपात स्थिति से निबटने के लिए वज्र वाहन, एंबुलेंस समेत दंगा नियंत्रण टीम को तैनात किया गया था।

जबकि जिला नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया। बुधवार को सुबह होते हीं नामाजी तैयारी में जुट गए थे। नगर परिषद के द्वारा साफ-सफाई का इंतजाम कर दिया गया था। मुस्लिम धर्म गुरुओं ने बताया कि अल्लाह की राह में कुर्बानी के जज्बे का इजहार करने वाला मजहब-ए-इस्लाम का पाकीजा त्योहार है ईद-उल-अजहा यानि बकरीद। कोविड प्रोटोकॉल के तहत भले हीं मस्जिद बंद है परंतु उत्साह में कोई कमी नहीं है। लोग अपने अपने घरों पर हीं नमाज अदा किए। एक दूसरे से गले मिले। जिले के सभी प्रखंडों ग्रामीण इलाकों में भी लोगों ने उत्साह के साथ ईद उल अजहा का त्योहार मनाया।

प्रखंडों में भी हर्षोल्लास के साथ मनाई गई ईद उल अजहा

चौसा में पूरी अकीदत के साथ मनाई। हालांकि कोविड-19 महामारी के चलते पिछली बार की तरह ही इस बार भी नजारा पूरी तरह से जुदा रहा। अकीदतमंदों ने अपने घरों में ही बकरीद की खास नमाज अदा की और मुशायरे व मुल्क में अमन-चैन, लोगों की सेहतयाबी की दुआ मांगी। इसके चलते मस्जिदें सूनी पड़ी रहीं, वहां पूर्व से निर्धारित महज पांच जनों को नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी। कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन कराने और हर ओर त्योहार पर शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल काफी अलर्ट दिखा।

चौक चौराहों पर पुलिस की दिखी चहलकदमी
चौसा प्रखण्ड स्थित चौक चौराहों व मस्जिदों के बाहर भी पुलिस के जवान तैनात रहे।वही दूसरी तरह प्रशासन की वाहन भी अपने अपने क्षेत्र में फर्राटे मार रही थी। हालांकि सारी मुश्किलों के बाद भी लोगों में त्योहार को लेकर उत्साह था, लोग सुबह से ही तैयारियां शुरू कर दिए थे। बड़े-बुजुर्गों के साथ ही बच्चे भी सुबह ही जागकर गुस्ल-ओ-फरागत से निपट कर नमाज की तैयारियों में जुट गए।

नियत समय पर हर घर के आंगन, कमरे, हॉल, अहाते व लॉन में मुसल्ले (जानमाज) बिछे और लोगों ने अकीदत के साथ नमाज अदा की। पुरुषों के बाद घर की महिलाओं ने भी घरों में नमाज अदा की। इस दौरान आम अकीदतमंदों के साथ ही मौलाना ने देश व दुनिया के लिए अमन चैन की दुआएं मांगीं। हर घर में बकरीद की खुशियां हिलोरे ले रही थीं।

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