कार्यक्रम:भगवान की ओर से धर्म के अनुसार दिए गए उपदेशों का संग्रह है भागवत गीता

बक्सरएक महीने पहले
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गीता जयंती के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के द्वारा गीता जयंती समारोह सह शौर्य संचलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय रामलीला मंच पर किया गया। पूज्य राजाराम शरण जी महाराज एवं पूज्य गंगा पुत्र त्रिदंडी स्वामी जी महाराज के कर कमलों से भारत माता एवं प्रभु श्री राम का पूजन अर्चन कर तथा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जयंती समारोह को संबोधित करते हुए पूज्य गंगापुत्र त्रिदंडी स्वामी जी महाराज ने कहा की भगवत गीता भगवान की वाणी है। भगवान के द्वारा धर्म के अनुसार दिए गए उपदेशों का संग्रह है भगवत गीता। स्वामी जी ने कहा कि गीता का ज्ञान मनुष्य को पूर्णता प्रदान करता है। वही पूज्य राजाराम शरण जी महाराज ने गीता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बक्सर एक सर्वश्रेष्ठ तीर्थ है और यहां प्रत्येक माह इस प्रकार के धार्मिक आयोजन होने चाहिए। उन्होंने कहा कि बक्सर को विकसित कर यहां के धार्मिक महत्व के स्थानों का पूर्ण विकास करने की आवश्यकता है। महाराज जी ने ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों के मजबूती पर भी बल दिया। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सत्संग प्रमुख रामायण शास्त्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व हिंदू परिषद धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहता है। पं. छविनाथ त्रिपाठी जी ने अपने संबोधन कहा कि गीता दुनिया का सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ है। गीता मनुष्य को जीवन जीने की कला सिखाती है। विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय संगठन मंत्री चितरंजन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा की विश्व हिंदू परिषद की स्थापना 1964 में धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिए किया गया था जिस कार्य में विश्व हिंदू परिषद अपने स्थापना काल से से ही सदैव सक्रिय है। उन्होंने संगठन की मजबूती पर बल देते हुए युवा एवं धर्म प्रेमियों से इस कार्य से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विहिप के जिलाध्यक्ष सिद्घनाथ मिश्र एव संचालन कन्हैया पाठक ने किया। शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्गो का भ्रमण करते हुए रामलीला मंच पर जाकर संपन्न हो गई।

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