गंगा की गोद में फिर दिखने लगीं लाशें:बक्सर में 3 शव बहते दिखे; प्रशासनिक पहरा हटते ही बहाए जाने लगे शव, महिला के शव को कौए नोचते दिखे

बक्सर5 महीने पहले
चौसा श्मशान घाट पर कपड़े से लिपटी महिला की लाश।

बिहार-UP बॉर्डर पर गंगा किनारे एक बार फिर शव बहते दिखने लगे हैं। बक्सर जिले के चौसा घाट पर 3 लाश बहती हुई देखी गई हैं। गुरुवार देर रात गंगा में शवों को बहाया गया, जिसके कारण एक बार फिर से चौसा घाट चर्चा में है। इन शवों को जलीय जीव और कौए नोच रहे थे। इस बेकद्री से हर किसी का दिल कांप उठा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछली बार गंगा में बहती लाशों के पाए जाने के बाद सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, लेकिन अब ये हटा लिए गए हैं। इसलिए फिर से गंगा की सतह में शव दिखने लगे हैं, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस संबंध में बक्सर DM अमन समीर ने कहा कि शवों को बहाए जाने की सूचना मिली है। मौके पर अधिकारियों को भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा।

9 मई को बक्सर के चौसा घाट से भयावह तस्वीर सामने आई थी, जहां UP बॉर्डर से गंगा किनारे पानी में दिखे 40 शव बहते दिखे थे। इसके बाद ये सोशल साइट पर वायरल हुई थी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के संसदीय क्षेत्र होने के कारण मामला तूल पकड़ा था। हालांकि प्रशासन ने उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद और वाराणसी से शव के बहने की दलील दी थी।

शव को नोंचकर खाता कौआ।
शव को नोंचकर खाता कौआ।

घाट पर लकड़ी बेचने वालों ने बताया कि प्रशासन के न होने से कुछ लोग जबरन शव को नदी की किनारे फेंक कर भाग जा रहे हैं। स्थानीय निवासी छट्ठू प्रसाद ने बताया कि जो लाशें यहां बहती हुई पाई गई हैं, उनमें एक लगभग 25 वर्षीय महिला की है। शव कपड़े में लपेटा गया है। वहीं, दूसरा शव मानव का ही है, लेकिन पता नहीं चल रहा है कि आदमी का है कि औरत का है। संभवत: उसका भी जल-प्रवाह ही किया गया है। रात के समय अंधेरा होने के कारण यहां आने-जाने वाले किसी व्यक्ति पर किसी की नजर नहीं होती। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर भी कोई रोक-टोक तो नहीं है।

स्थानीय निवासी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि 9 मई को गंगा में बहते शव मिलने के बाद यहां पर प्रशासन की तरफ से लाइट, मजिस्ट्रेट और भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी। इसके बाद गंगा में शवों का बहने का सिलसिला थम गया था, लेकिन जैसे ही प्रशासनिक पहरा हटा नदी में फिर शव मिलने लगे हैं।

इससे पहले केंद्र सरकार ने भी मामले में सख्ती दिखाई थी। जल संसाधन मंत्रालय ने यह सख्त हिदायत दी थी कि गंगा में आदमी का ही नहीं, बल्कि जानवर के भी शव नहीं फेंके जाने चाहिए।

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