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फर्जीवाड़ा:विनय के फर्जी सर्टिफिकेट पर शिक्षक बना देवेंद्र धराया, 60 हजार में सुशील ने की थी सेटिंग की बात

बक्सर5 दिन पहले
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प्रमाणपत्र सत्यापित करातीं अभ्यर्थी - Dainik Bhaskar
प्रमाणपत्र सत्यापित करातीं अभ्यर्थी

दूसरे के सर्टिफिकेट पर अपना नाम बदल शिक्षक बनने की लालसा पालने वाला देवेंद्र प्रताप सर्टिफिकेट जांच के दौरान फर्जी साबित होने पर पुलिस के कब्जे में चला गया। बक्सर मित्रलोक कॉलोनी निवासी देवेंद्र प्रताप अपना नाम छुपा विनय कुमार पिता विश्राम प्रसाद के नाम से ब्रह्मपुर प्रखंड नियोजन इकाई अंतर्गत सामान्य विषय में कक्षा 1 से 5 के लिए हुए नियोजन में अपना काउंसलिंग बखूबी करा लिया था।

जांच क्रम में कई ऐसे चौकाने वाले मामले आए हैं। गौरतलब है कि 121 फर्जी शिक्षकों की बहाली होने की बात आयी। मंगलवार को एमपी हाई स्कूल में जांच शुरू हुई। जहां पहले दिन 52 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। जिसमें 9 अभ्यर्थी पहुंचे।इन 9 अभ्यर्थियों का जब सर्टिफिकेट की जांच शुरू हुई तो विनय कुमार के नाम से काउंसलिंग करा चुके देवेंद्र प्रताप से आधार कार्ड की मांग की गई तो उसके हाथ-पांव फूलने लगे।

इतना ही नहीं कागजात से संबंधित सवाल जवाब करने पर उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि दूसरे के सर्टिफिकेट पर अपना फोटो लगा कॉन्सिलिंग कराया है। वही अभ्यर्थी ने खुलासा किया कि प्राथमिक विद्यालय अंबेडकर नगर नया भोजपुर के शिक्षक सुशील कुमार द्वारा पैसा लेकर इस तरह का कार्य कराया है।

जांच अधिकारी के समक्ष अभ्यर्थी ने यह भी कहा कि उक्त शिक्षक द्वारा एडवांस में 60 हजार भी लिया गया था। किंतु पुनः सर्टिफिकेट जांच कराने की बात पर कहा कि बाकी सब सेट कर लिया गया है जाओ। और फिर क्या यहां आने पर वह पकड़ा गया। जांच अधिकारियों की टीम ने उक्त अभ्यर्थी को पुलिस के हवाले कर दिया।

नही पहुंची रिंकी कुमारी
दो जगह पर काउंसलिंग करा चुकी रिंकी कुमारी सर्टिफिकेट जांच कराने नहीं पहुंची। बताया जा रहा है कि रिंकी कुमारी के नाम से डुमराव में एक से पांच में सामान्य विषय में कॉन्सिलिंग में हो गया था। जबकि उक्त नाम से ही चौगाई मे भी हुआ है लेकिन जांच कराने नहीं पहुंची। इसी तरह एक अभ्यर्थी का सर्टिफिकेट जांच क्रम में सही पाया गया, किंतु काउंसलिंग के में उसने स्कैन कॉपी दी थी।

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