धर्म-आस्था:सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने किया गंगास्नान

बक्सर8 महीने पहले
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  • सुख शांति व समृद्धि के लिए भगवान से की कामना, सुबह से शुरू हो गयी थी पूजा अर्चना

सोमवार को सोमवती अमावस्या को लेकर रामरेखा घाट पर गंगा स्नान के लिए सैकड़ों की संख्या में जुटे थे। स्नान के बाद लोगो ने पूजा अर्चना किया गया। और परिवार की शांति की कामना किया गया। इसे स्नान, दान और श्राद्ध की अमावस्या भी कहा जाता है। दर्श अमावस्या की रात्रि में चांद आसमान में बिलकुल भी दिखाई नहीं देता है। हिंदु मान्यताओं को अनुसार सुख समृद्धि और परिवार के कल्याण की कामना के लिए इस दिन पूजा की जाती है। इस दिन पूजा करने से घर में सुख समृद्धि आती है और लोगों का उद्धार होता है। इस दिन पूर्वजों की भी पूजा होती है हिंदू धर्म में इसका खास महत्व है।

पंडित मुक्तेश्वर शास्त्री ने बताया कि इस दिन व्रत रखने और चंद्रमा की पूजा करने से चंद्र देवता प्रसन्न होते हैं और सौभाग्य और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। इससे इंसान को मानसिक शांति मिलती है। कहा जाता है कि इस तिथि पर पितर धरती पर आते हैं और अपने परिवार जनों को आशीर्वाद देते हैं।इसलिए इस तिथि पर पूर्वजों के लिए प्रार्थना की जाती हैं। पितरों की पूजा होने से इस अमावस्या को श्राद्ध अमावस्या भी कहा जाता है।

पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए इस दिन पितृ तर्पण, स्नान-दान आदि करना बहुत ही पुण्य फलदायी माना जाता है। पुराणों के अनुसार अमावस्या के दिन स्नान-दान करने की परंपरा है। वैसे तो इस दिन गंगा-स्नान का विशिष्ट महत्व माना गया है, परंतु जो लोग गंगा स्नान करने नहीं जा पाते, वे किसी भी नदी या सरोवर तट आदि में स्नान कर सकते हैं और शिव-पार्वती और तुलसीजी की पूजा कर सकते हैं।

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