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स्वास्थ्य:फाइलेरिया से बचाव के लिए इस माह से शुरू होगा उन्मूलन का प्रोग्राम

बक्सर6 महीने पहले
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  • स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों से बचाव के सुझाए उपाय

बरसात के दिनों में मच्छरों के आतंक बढ़ जाता है। जिसके कारण लोगों को मच्छर जनित रोग मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, जापानी इन्सेफेलाइटिस, जीका वायरस, चिकनगुनिया आदि का खतरा बढ़ जाता है। इन्हीं बीमारियों में से एक है फाइलेरिया। जो लोगों को दिव्यांग बना सकता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्लूएचओ) के अनुसार फाइलेरिया दुनिया की दूसरे नंबर की ऐसी बीमारी है जो बड़े पैमाने पर लोगों को विकलांग बना रही है।

इन तथ्यों के आधार पर इस बीमारी का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसे में लोगों को प्रारंभिक तौर पर खुद को व अपने परिजनों को मच्छरों से बचाना होगा। ताकि, फाइलेरिया का संक्रमण उनके घर तक दस्तक ना दे। इस क्रम में जिला स्वास्थ्य समिति ने आगामी दिनों में चलाये जाने वाले अभियान में सभी से सहयोग करने और सफल बनाने की भी अपील की। मच्छर से फैलने वाली इस बीमारी से बचने में साफ-सफाई का बहुत ही बड़ा मह्त्वपूर्ण योगदान है। क्योंकि जब गंदगी नहीं रहेगी तो मच्छर से बचना भी आसान होगा।
रात में लिए जाते हैं खून के नमूने: डॉ. शैलेन्द्र ने बताया इस बीमारी की जांच के लिए पहले सर्वे किया जाता है। जिसके बाद रात के समय चिन्हित इलाकों में लोगों के खून के नमूने लिए जाते है। ऐसा इसलिए किया जाता है, क्योंकि रात के समय में ही माइक्रो फाइलेरिया परजीवी एक्टिव रहता है। नमूनों के आधार पर जांच में ये पता किया जाता है कि मरीज के रक्त में परजीवी की संख्या कितनी है। जांच रिपोर्ट 48 घंटे में मिल जाएगी। इसके बाद मरीज का उपचार शुरू होगा। मरीज की 12 दिन की दवा चलती है जो इस बीमारी के परजीवी को मार देती है। उन्होंने कहा यदि किसी को इस बीमार के लक्षण नजर आते हैं तो वे घबराएं नहीं। स्वास्थ्य विभाग के पास इसका पूरा उपचार उपलब्ध है। विभाग स्तर पर मरीज का पूरा उपचार निशुल्क होता है। इसलिए सीधे सरकारी अस्पताल जाएं
फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी, हाथीपांव के नाम से प्रचलित है यह बीमारी

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने बताया फाइलेरिया (लिंफेटिक फाइलेरियासिस) एक गंभीर बीमारी है। यह जान तो नहीं लेती, लेकिन जिंदा आदमी को मृत के समान बना देती है। हाथीपांव नाम से प्रचलित यह बीमारी कई राज्यों में विकराल रूप ले चुकी है। यह एक दर्दनाक रोग है। इसके कारण शरीर के अंग जैसे पैरों में और अंडकोष की थैली में सूजन आ जाती है। लिंफेटिक फाइलेरियासिस को खत्म करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एमडीए कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

फाइलेरिया से बचाव के लिए करें ये उपाय

  • सोने के समय मच्छरदानी का उपयोग करें
  • पीने के पानी को हमेशा ढंक-कर हीं रखें
  • आस-पास गंदा पानी जमा ना होने दें
  • जमा पानी में जले हुए तेल का छिड़काव करें
  • घर के आसपास गंदगी या कूड़ा जमा ना होने दें
  • नालियों में पानी रुकने ना दें
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