बाढ़ से कई गांवो का संपर्क टूटा:बक्सर में स्टेट हाइवे से लेकर किसान के खेतों तक सब कुछ जलमग्न; 3 cm प्रति घंटे के हिसाब से बढ़ रही है गंगा

बक्सर4 महीने पहले
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बक्सर में बाढ़। - Dainik Bhaskar
बक्सर में बाढ़।

बक्सर जिले में गंगा का रफ्तार कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जिसके कारण नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पास जा पहुंचा है। गंगा नदी के तेजी से बढ़ते जलस्तर के कारण सहायक नदियों ने अपने क्षेत्र में तांडव मचाना शुरू कर दिया है। वहीं बक्सर जिला में कई गांवों का सम्पर्क टूट चुका है। हजारों एकड़ में लगी किसान की फसलें जलमग्न हो गयी है। गंगा नदी के दबाव से कर्मनाशा नदी ने अपना रौद्र रूप दिखाना प्रारंभ कर दिया है। चौसा मोहनिया स्टेट हाइवे के पास बाढ़ का पानी पहुंच चुका है, अगर जलस्तर ढाई फिट और बढ़ गया तो पानी चौसा मोहनिया मार्ग पर चढ़ जाएगा।

3 सेंटीमीटर प्रति घण्टे के हिसाब से बढ़ रही है गंगा

बक्सर में 3 सेंटीमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से गंगा नदी का जलस्तर अभी भी बढ़ रहा है। शनिवार के 8 बजे तक 59.78 सेंटीमीटर जलस्तर दर्ज किया गया है। इस तरह से गंगा नदी का जल स्तर खतरे के निशान के पास पहुंच चुका है। अगर बढ़ने का रफ्तार यंही रहा तो बहुत जल्द गंगा नदी खतरे के निशान को भी पार कर लेंगी।

इटाढी प्रखंड के अतरौना मुख्य पथ पर पुल के समीप बाढ़ का पानी चढा चुका है। इसके आवागमन बाधित हो गया है। वहीं बाढ़ का पानी प्रखंड के कई गांव में पहुंचने से किसानों के द्वारा लगाए गए धान का फसल पानी के चपेट में आ चुका है। अभी भी पानी लगातार बढ़ रहा है। वंही दियरा के श्री कांत राय के डेरा जाने वाली सड़क बाढ़ में डुब गई। सड़क पर पानी चार फीट ऊपर बह रहा है। जिसको लेकर लोग पशुओं व खाद्य सामग्री को सुरक्षित करने में लगे है।

सैकड़ो एकड़ की फसलें बर्बादी के कगार पर

क्षेत्र में विगत तीन दिनों से गंगा के बढ़ते जलस्तर से हाय तौबा मची हुई है। नदियों ने तांडव मचाना शुरू कर दिया है। क्षेत्र के सैकड़ों गांव के हजरों एकड़ खेत पानी से जलमग्न हो गये है। खेतो में नाव चल रही है। जिसमे इटाढ़ी, सिमरी, ब्रह्मपुर व चौसा प्रखण्ड सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र है। खेतों में रोपी गई धान अरहर, मक्का, जोनहरी, समेत सब्जी की फसलें पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है।

रोक के बावजूद बाढ़ के पानी में कूद रहे है युवा

प्रशासन द्वारा नदी किनारे 144 लगाने के साथ सभी ग्रामीणों से अपील की गई है कि तेजी से बढ़ते जलस्तर के कारण नदी में स्नान न करें। साथ ही अभिभावकों से अपील की गई है कि अपने बच्चों को नदी किनारे नहाने के लिए न जाने दे। लेकिन इसके बावजूद लोगों की लपरवाही बाढ़ में बढ़ गयी है। चौसा मोहनिया स्थित एमसी कॉलेज के समीप पुल के पास दर्जनों युवक व किशोर नदी में छलांग लगा स्नान कर रहे थे। जिससे कभी भी अनहोहोनी हो सकती है। इस लिए आप सभी से अपील की जा रही है कि इस बाढ़ जैसी विकट परिस्थिति में प्रशासन का सहयोग करे।

इधर, बक्सर SDO के उपाध्याय द्वारा बताया गया कि लगातर क्षेत्र भ्रमण किया जा रहा है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नाव व गोताखोरों को अलर्ट कर दिया गया है। राहत बचाव कार्य के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। बाढ़ के बाद बर्बाद फसलों का आकलन कर किसानों को मुवावजा दिया जायेगा। वंही जिनके घरों में पानी घुस गया है उन्हें घर से निकाल सुरक्षित स्थान पर रखा जायेगा। वहीं गांव से सम्पर्क जोड़ने के लिए सरकारी नावों की व्यवस्था की गई है।

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