रेल का खेल:75 मिनट में एक्सप्रेस, जबकि पैसेंजर स्पेशल साढ़े 5 घंटे में पहुंचती है पटना, फिर भी एक समान है दोनों का किराया

बक्सर10 दिन पहले
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रेलवे स्टेशन का बुकिंग काउंटर। - Dainik Bhaskar
रेलवे स्टेशन का बुकिंग काउंटर।

साढ़े 5 घंटा में बक्सर से पटना तक पहुंचाने वाली डीडीयू पटना पैसेंजर ट्रेन में मेल व एक्सप्रेस का भाड़ा लेना कहां तक सही है। यह सवाल जवाब भले ही नेता व जनप्रतिनिधि नहीं करते हो, किंतु इन दिनों सभी पैसेंजर ट्रेनों को स्पेशल बनाकर लिए जा रहे हैं डबल किराया पर आम जनों ने चर्चाएं करना शुरू कर दी है। लोगों का सवाल भी लाजमी है। क्योंकि स्पेशल के नाम पर उन्हें वही सुविधा मुहैया कराई जा रही है, जो वर्षों से पैसेंजर ट्रेन में मिलती रही है।

यानी ट्रेनों का जगह-जगह ठहराव होना और घंटों समय बिताने के बाद अपने निश्चित स्टेशन पर पहुंचना उन्हें सोचने को विवश कर दिया है। लेकिन करें भी तो क्या करें।रेलवे ने अपनी इस नए फार्मूले से यात्रियों की जेब ढीली कर अपनी राजस्व को मजबूत करने मे जो जुट गई है। लोग कह रहे हैं कि लगता है कि लॉकडाउन से टूट चुके आम जनों के प्रति सरकार व रेलवे की संवेदना ही समाप्त हो चुकी है।

क्योंकि लॉक डाउन आम जनों की हालत इतनी दयनीय हो गई है कि उन्हें मेल एक्सप्रेस तो दूर पैसेंजर ट्रेन में चलना भी मुश्किल सा लग रहा है। यात्री विजय कुमार कहते हैं कि रेलवे द्वारा पैसेंजर ट्रेन को स्पेशल के नाम पर अधिक पैसा लेना किसी मनमानी से कम नहीं है।वही यात्री अनामिका कहती है कि रेलवे को आम जनों के प्रति भी सोचना चाहिए। कुछ लोगों ने कहा कि ऐसे गंभीर मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों का चुप्पी साधना कई सवाल खड़े कर रहे हैं।

रेलवे के नए फार्मूले पर यात्री मजबूरी में दुगुना किराये पर कर रहे सफर

75 मिनट में एक्सप्रेस तो पैसेंजर स्पेशल 5 घंटे में पटना बक्सर से पटना 118 किलोमीटर दूरी तय करने में मेलवा एक्सप्रेस ट्रेन को जहां 75 मिनट लगते हैं। वही पैसेंजर स्पेशल ट्रेन यानी 03294 पैसेंजर स्पेशल ट्रेन 9:05 पर बक्सर से खुलती है जो विभिन्न स्टेशन व हाॅल्टाे को होते हुए 14:40 पर पटना में पहुंचती है।

ऐसे में मेल एक्सप्रेस का भाड़ा देकर बिना सुविधा के घंटों समय बिताने वाली पैसेंजर स्पेशल ट्रेन में मेल व एक्सप्रेस का भाड़ा लगना कहां तक उचित है। यह सवाल जनता के जुबान पर आने लगे हैं। यही हाल बक्सर से डीडीयू तक जाने वाली पैसेंजर स्पेशल ट्रेनों का है।जिसमें रेलवे के नए फार्मूले पर यात्री मजबूरी बस दुगुना दाम देकर 100 किलोमीटर की दूरी तय कर रहे हैं।

बता दें कि1 अक्टूबर से बक्सर से पटना व डीडीयू तक चलने वाली सभी पैसेंजर ट्रेन को स्पेशल का नाम दे दिया गया है।जिस में सफर करने के लिए यात्रियों को अब मेल व एक्सप्रेस ट्रेन का किराया चुकाना पड़ रहा है। हालांकि बक्सर से पटना तक जाने वाली मोकामा सटल एकमात्र पैसेंजर ट्रेन है, जिसमें पहले की तर्ज पर पैसेंजर ट्रेन का किराया लिया जा रहा है।

रेल सूत्रों की माने तो उक्त पैसेंजर ट्रेन पर भी रेलवे के नए फार्मूले की नजर लगने वाली है। जिसके बाद मोकामा सटल भी स्पेशल ट्रेन हो जाएगी। ऐसे में लोगों में काफी नाराजगी है। जिसको लेकर आए दिन लोग सरकार व रेलवे को कोस रहे हैं।

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