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धर्म:व्यासपीठ के पूजन व वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुभारंभ, कई राज्यों से पहुंचे साधु-संत

बक्सर4 दिन पहले
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व्यासगद्दी पूजन करते राजाराम शरण दास जी महाराज। - Dainik Bhaskar
व्यासगद्दी पूजन करते राजाराम शरण दास जी महाराज।
  • श्री सीताराम विवाह महोत्सव आश्रम के प्रांगण में शुरू हुआ प्रिया-प्रियतम मिलन महोत्सव
  • संतों के लिए सीताराम विवाह आश्रम में रहने और खाने की व्यवस्था की गई

अनंत संपन्न नेहनिधि श्री नारायणदास जी भक्तमाली ‘मामाजी’ के निर्वाण तिथि पर उनके द्वारा नया बाजार में स्थापित श्री सीताराम विवाह महोत्सव आश्रम के प्रांगण में ‘प्रिया-प्रियतम मिलन महोत्सव’ गुरुवार को प्रारंभ हो गया। इस अवसर पर आश्रम में विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रमों का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ।

आश्रम के महंत राजाराम शरण जी महाराज के द्वारा व्यास पीठ पूजन एवं पूज्य महाराज जी के चित्र पर पुष्पांजलि एवं पूजन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। जिसमें बाल्मीकि रामायण की महिमा बताते हुये आचार्य श्री ने कहा कि यह ग्रंथ श्रीराम की नहीं, अपितु जानकी चरित्र की कथा है। जिसके प्रथम गायक लव व कुश व श्रोता खुद भगवान श्रीराम हैं।

इसके रचयिता महर्षि बाल्मीकि। ग्रंथ के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि श्री ब्रह्मा जी की कृपा के उपरांत देवर्षि नारद की प्रेरणा से इस ग्रंथ की रचना हुई। उन्होंने कहा कि रामायण श्रीराम का शरीर व माता जानकी की आत्मा है। जिसके श्रवण से व्यक्ति भगवान श्रीराम की तरह चरित्रवान, गुणवान व शीलवान व करुणा से ओतप्रोत हो जाता है।

इस बार स्थगित रखी जाएगी शोभायात्रा

कोराना काल के मद्देनजर पूज्य महाराज जी की स्मृति में निकलने वाली शोभायात्रा इस बार स्थगित रखी जाएगी। दिनांक 2 मार्च को आश्रम परिसर में मामा जी महाराज की पावन निर्माण तिथि पर सविधि पादुका पूजन श्री बिग्रहार्चन, एवं श्रद्धा सुमन समर्पण के साथ समष्टि भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

कई राज्यों से साधु-संत एवं श्रद्धालु पहुंचे आश्रम

महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए कई राज्यों से साधु संत एवं श्रद्धालु आश्रम पहुंच चुके हैं। साधु संतों एवं श्रद्धालुओं को रहने और खाने की व्यवस्था आश्रम में ही की गई है। आश्रम के महंत राजा राम शरण दास जी महाराज के सानिध्य में आयोजित महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं एवं साधु-संतों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

महोत्सव समारोह के शुरुआत के अवसर पर जनक दुलारी शरण जी महाराज, अयोध्या , यादव शरण जी महाराज , वृंदावन, मदन दास जी महाराज, मिथिला, महंत श्री अनुग्रह नारायण दास जी, छोटी मठिया, बजरंग दास जी महाराज के साथ-साथ आश्रम परिवार से जुड़े हुए नागेंद्र कुमार पांडे, सुनील जी सहाय, सत्यनारायण राय, जगनारायण उपाध्याय, नीतीश राय सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित थे।

28 फरवरी को होगा मटकोर

महोत्सव के दौरान रोजाना भक्तमाल मूल पाठ का सामूहिक गायन के साथ साथ विविध सरस आयोजन किये जाएंगे। इस अवसर पर प्रत्येक दिन दोपहर 2:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक भागवत कथा आयोजित की जाएगी। कथा व्यास डॉ. सुरेश शास्त्री जी महाराज (वृंदावन) अपने पीयूष वाणी एवं भगवत भक्ति से ओतप्रोत पावन भागवत कथा सुनाएंगे। इस दौरान पूज्य श्री मामा जी महाराज के उपास्य भाव श्री सीताराम विवाह महोत्सव की विधि के तहत 28 फरवरी को मटकोर एवं एक मार्च को श्री सीताराम विवाह महोत्सव भी संपन्न होगा।

संत हमेशा समाज के लिए रहता है चिंतित : डॉ सुरेश शास्त्री

महोत्सव के दौरान मंगलवार से प्रारंभ हो रही है आठ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन भागवत कथा व्यास डॉ सुरेश शास्त्री जी महाराज ने भगवत भक्ति से ओत प्रोत भागवत कथा से समागत भक्तों को आप्लावित किया। सुरेश शास्त्री महाराज ने भागवत महात्म्य का वर्णन करते हुए कहा की भागवत कथा जीव का कल्याण करने वाली है। इसके श्रवण से मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। शास्त्री जी महाराज ने मैं नारद जी के प्रसंग मनोहरी विवेचना करते हुए कहा संत सदैव समाज के लिए चिंतित रहता है।

समाज का कल्याण ही संतों की चिंता का मुख्य विषय है। प्राचीन काल से ही विश्वामित्र से लेकर दधीचि तक संतो की एक लंबी परंपरा रही है, जब संतो ने समाज की चिंता की और धर्म के समक्ष और समाज के समक्ष उत्पन्न हुई चुनौतियां के समाधान का मार्ग प्रशस्त किया। आज हम सबको अपने राष्ट्र और समाज के चिंता की आवश्यकता है। क्योंकि जब राष्ट्र बचेगा तो धर्म बचेगा और धर्म से ही राष्ट्र पुनः गौरव को प्राप्त करेगा।

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