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पूजा-पाठ:अगस्त महीने से हो रहा है कई बड़े त्योहार का शुभारम्भ, कोरोना के कारण चमक रहेगी फीकी

बक्सर7 दिन पहले
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  • शनि प्रदोष व्रत के साथ शुरू हुआ महीना, इस माह अंतिम सोमवारी और रक्षाबंधन का त्योहार
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शनि प्रदोष व्रत के साथ अगस्त महीने की शुरुआत हो चुकी है। इस बार अगस्त महीने में कई बड़े त्योहार पूरे देशभर में मनाए जाएंगे। परंतु कोरोना संक्रमण के कारण सभी त्योहारों की चमक फीकी रहेगी। इस बार अगस्त महीने की शुरुआत सावन मास की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी के साथ हुई। इस साल अगस्त महीने में कई बड़े त्योहार पड़ रहे है अगस्त महीने की शुरुआत शनि प्रदोष व्रत, रक्षाबंधन, सावन का पांचवा सोमवार, जैसे बड़ त्योहार से हो रहा है।

3 अगस्त को रक्षा बंधन तथा श्रावण मास की अंतिम सोमवारी है। जबकि 12 अगस्त को जन्माष्टमी, 15 को स्वतंत्रता दिवस, 22 अगस्त को गणेश चतुर्थी व्रत मनाया जाएगा। परंतु कोरोना काल में त्योहारों का उमंग कम हीं देखने को मिलेगा। ये सभी व्रत और त्योहार देशभर में मनाए जाएंगे। इनका धार्मिक, सामाजिक और आध्यात्मिक रूप से काफी महत्व है।
दो एकादशी के संयोग से खास है अगस्त का महीना
बता दें कि इस बार अगस्त का महीना इसलिए भी खास है क्योंकि इस माह मे दो एकादशी पड़ रहें हैं। एक अजा और दुसरा परिवर्तिनी एकादशी पड़ रहा हैं। इसलिए यह महीना भक्तों के लिए भी बड़ा उत्तम माना जा रहा है। क्योंकि दोनों एकादशी का संयोग भक्तों के लिए काफी कल्याण कारी है।
कल मनाया जाएगा रक्षा बंधन: कल 3 अगस्त श्रावण पूर्णिमा है। धार्मिक दृष्टि से श्रावण पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। श्रावण पूर्णिमा के दिन ही भाई-बहन का पावन उत्सव रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना के लिए उन्हें राखी बांधती है।
कजरी तीज : 6 अगस्त को इस बार कजरी तीज का त्योहार पड़ रहा है। कजरी तीज भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इसे भादो तीज भी कहा जाता है, इस व्रत में भी सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु का कामना में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा विधिवत रूप से करती है। कजरी तीज इस बार 6 अगस्त को मनाई जाएगी।
संकष्टी चतुर्थी: 7 अगस्त को संकष्टी चतुर्थी व्रत है। संकष्टी चतुर्थी का तात्पर्य संकट को हरण करने वाली चतुर्थी तिथि से है। धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि संकष्टि के दिन गणपति की पूजा-आराधना करने से समस्त प्रकार की बाधाएं दूर हो जाती हैं।
जन्माष्टमी पर्व : इस बार 12 अगस्त को जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा। जन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के समय हुआ था। जन्माष्टमी पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार कोरोना वायरस के कारण यह पर्व अपने घरों में ही मनाना पड़ेगा।
अजा एकादशी व्रत : अजा एकादशी व्रत 15 अगस्त को रखा जाएगा। प्रत्येक वर्ष यह व्रत भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। यह व्रत रखने से सभी प्रकार के कष्टों से मु्क्ति मिलती है। इस दिन रात्रि में जागरण करते हुए भगवान विष्णु का ध्यान किया जाता है।
स्वतंत्रता दिवस : 15 अगस्त को हर साल स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। यह राष्ट्रीय त्योहार 15 अगस्त 1947 को भारत को ब्रिटिश शासन से आजादी मिलने के बाद पूरे देशभर में स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
प्रदोष व्रत : 16 अगस्त को कृष्ण प्रदोष व्रत है। प्रदोष व्रत भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए रखा जाता है। यह व्रत प्रति माह में दो बार त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है।
मासिक शिवरात्रि : 17 अगस्त को मासिक शिवरात्रि व्रत रखा जाएगा। यह व्रत प्रत्येक महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस बार 17 अगस्त मासिक शिवरात्रि है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है।
भाद्रपद अमावस्या: भाद्रपद अमावस्या 19 अगस्त को पड़ रहा है। इस अमावस्या को पिठौरी व कुशग्रहणी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर अमावस्या पर पितर तर्पण किया जाता है और इसका अपना एक विशेष महत्व होता है।
हरतालिका तीज: इस बार 21 अगस्त को हरतालिका तीज पड़ रहा है। भाद्रपद मास की तृतीया को हरतालिका तीज मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं और लड़कियां सारा दिन निर्जला रह कर सौभाग्यवती रहने का वरदान प्राप्त करती हैं। हरतालिका तीज का व्रत बहुत ही कठिन होता है और इसे महिलाएं बहुत ही आस्था के साथ करती हैं।
गणेश चतुर्थी : गणेश चतुर्थी पर्व 22 अगस्त शनिवार के दिन मनाया जाएगा। इस दिन भगवान गणेश जी का जन्म भादप्रद माह के शुक्ल पक्ष कि चतुर्थी को हुआ था। इसलिए हर साल यह पर्व मनाया जाता है।
परिवर्तिनी एकादशी : हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की एकादशी को पद्मा एकादशी या परिवर्तिनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है। इस बार यह तिथि 29 अगस्त को पड़ रही है।
प्रदोष व्रत : 30 अगस्त को भगवान कृष्ण प्रदोष व्रत है। प्रदोष व्रत भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए रखा जाता है। यह व्रत प्रति माह में दो बार त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है।

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