वेतन के अभाव में फीका पड़ा दशहरा:पैसा रहते हुए भी शिक्षकों को वेतन देने में सकारात्मकता नहीं दिखाते अधिकारी

बक्सर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

वैसे तो नियोजित शिक्षक सरकार की गलत नीति से हमेशा वेतन अभाव की मार से अधमरा सा रहते हैं ।सरकार के शिक्षक विरोधी विचारधारा में चार चाँद लगाने का काम अधिकारियों द्वारा किया जाता रहा है ।जिला में पैसा रहते हुए भी अधिकारियों द्वारा शिक्षकों के वेतन भुगतान में सकारात्मकता नहीं दिखाई जाती है ।

मानो लगता है शिक्षकों को समय पर वेतन दे देने से अधिकारियों की नौकरी पर आफत आ जाएगी। इन बातों का जिक्र करते हुए शिक्षक संघर्ष मोर्चा बक्सर के जिला अध्यक्ष मुक्तेश्वर प्रसाद ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि आज अधिकारियों के मनमानी चरम पर है।

जिला में पैसा रहते हुए भी दशहरा जैसे पर्व पर भी शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं किया गया ।परिवार सहित अन्य समस्याओं को पूरा करने में काफी दिक्कत होगी ।समय पर वेतन नहीं मिलने से आर्थिक सामाजिक मानसिक क्षति होती रहती है। अधिकारियों के आपसी विवाद में शिक्षकों को पीसा जाता है ।

वर्तमान डीईओ केवल नैतिकता की बातें करते हैं लेकिन समय पर वेतन भुगतान नहीं करके अनैतिकता की माला पहनकर शान से घूम रहे हैं ।अधिकारियों की गलत नीति के कारण बहुत से शिक्षकों का बकाया वेतन भी वर्षों से लटका हुआ है ।

इतिहास तथा वर्तमान में अधिकारियों की रवैया की तुलना की जाय तो गुलाम भारत में भारतीयों के साथ अंग्रेजी शासन व्यवस्था का जो व्यवहार था आज वही अधिकारियों द्वारा शिक्षकों के साथ दिखाया जा रहा है। यह कहना ज्यादा गलत नहीं होगा ।हम अधिकारियों के मनमानी का जोरदार विरोध करते हैं तथा आगे समय पर सार्थक लड़ाई लड़ी जाएगी ।

तानाशाही को उसी तरह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जैसे हमारे पूर्वजों ने नहीं किया ।शिक्षक नेता अमितेश कुमार, जयप्रकाश शर्मा, धनजी सिंह,जय कुमार ,राजेश शर्मा, मुन्ना कुमार, संजय कुमार, रवीन्द्र सिंह, राजेश कुमार, संतोष सिंह ने दशहरा में वेतन भुगतान नहीं होने पर नाराजगी जताई।

खबरें और भी हैं...