जागरुकता अभियान कार्यक्रम:प्री मैच्योर रिलीज को लेकर सेंट्रल जेल में पैनल अधिवक्ताओं ने चलाया जागरुकता अभियान

बक्सर3 महीने पहले
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सेंट्रल जेल में बंदियों को जागरूक करते पैनल अधिवक्ता। - Dainik Bhaskar
सेंट्रल जेल में बंदियों को जागरूक करते पैनल अधिवक्ता।
  • बंदी ने कहा-दो माह से कारा में कोई फैमिली बेलर ना होने से जेल में बंद है साहब

प्री मैच्यूर रिलीज को लेकर सेंट्रल जेल में पैनल अधिवक्ताओं ने जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें बंदियों को कई बिंदुओं पर जागरूक किया गया।पटना उच्च न्यायालय, पटना एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार सेंट्रल जेल में पैनल अधिवक्ता, आशुतोष कुमार सिंह एवं रवि प्रकाश सिंह द्वारा कारा बंदियों के बीच केंद्र स्थल, कारा गुमटी पर जागरुकता कार्यक्रम के माध्यम से प्री मैच्यूर रिलीज के उद्देश्य को बताया गया ।

मौके पर पैनल अधिवक्ता आशुतोष कुमार ओझा ने यह बताया कि सुप्रीम कोर्ट ऑफ इण्डिया, नई दिल्ली द्वारा अपने एक न्यायालय आदेश सोनाधर वर्सेज स्टेट ऑफ़ छत्तीसगढ़ में यह आदेश दिया है की, कारागार में बंद वैसे बंदी जिनका सजा कुछ महीनों के लिए रह गया है।

वे अपना आवेदन सजा खत्म होने से पूर्व उक्त न्यायालय आदेश के आलोक में कारा बंदी से मुक्त होने के लिए अपना आवेदन अपने कारा अधीक्षक को कर सकते है। मौके पर पैनल अधिवक्ता रवि प्रकाश द्वारा अन्य बंदियों के बीच विधिक सहायता प्रदान करने का कार्य किया गया।

श्री प्रकाश द्वारा कारा बंदी राम बाबू चौहान, अशोक कुमार पांडेय, महावीर मिश्रा, पवन कुमार सिंह, तारकेश्वर सिंह, गोविंदा कुमार, उपेंद्र राय, पवन गुप्ता, जितेंद्र कहार आदि लोगों को विधिक सहायता देने के लिए उनका आवेदन अग्रसारित करने को कहा है।

सभी कारा बंदियों एक एक कर अपनी-अपनी समस्याएं श्री ओझा एवं श्री प्रकाश के सामने एक-एक कर रखा। उनमें से एक संदीप पटवा ने यह कहा कि वह विगत दो माह से कारा में कोई फैमिली बेलर ना होने के कारण ही जेल में बंद है। अगर कोई बेलर उन्हें मिले तो वे कारा से मुक्त हो सकते हैं । मौके पर कार्यालय कर्मी सुधीर कुमार, विधि सेवक, सुंदरम कुमार एवं केंद्रीय कारा के पारा विधिक स्वयंसेवक मनोज राय और राहुल सिंह मौजूद रहे।

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