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कवायद तेज:बाढ़ वाले इलाकों में बीमारियों से भी निपटने की तैयारी

बक्सरएक महीने पहले
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  • मौसमी बीमारियों के साथ-साथ सर्पदंश व एंटी रैबीज दवाओं की भी रहेगी उपलब्धता

बरसात का मौसम शुरू होने से पहले ही जिले में संभावित बाढ़ के खतरे के मद्देनजर तैयारियां शुरू कर दी जाती है। जहां एक ओर आपदा प्रबंधन विभाग राहत व बचाव कार्य में लगा है, तो वहीं स्वास्थ्य विभाग बाढ़ व मौसम के कारण उत्पन्न बीमारियों से निपटने की तैयारी में जुट गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से संबंधित इलाकों की एएनएम को बाढ़ के दौरान कोविड-19 के सामान्य नियमों का पालन करने हेतु जागरूक करने का निर्देश दिया गया है। जिसके लिये लोगों को सुरक्षित स्थानों तक लाने के दौरान सोशल डिस्टैंसिंग सहित अन्य नियमों का पालन करने की अपील की जायेगी। वहीं, नावों या मोटर बोटों को भी आवश्यकता के अनुसार सैनिटाइज किया जायेगा ताकि कोरोना संक्रमण का फैलाव नहीं हो।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थित सभी प्राथमिक और अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं का भंडारण किया जायेगा। प्रभावित इलाकों में दवाओं की कमी न हो इसके लिये सर्दी, खांसी, जुकाम, डायरिया एवं हैजा जैसी मौसमी बीमारियों के अलावा सर्पदंश व एंटी रैबीज दवाओं का भी भंडारण किया जायेगा। ताकि, जरूरत पड़ने पर आवश्यक इलाकों में इन दवाओं की सप्लाई की जा सके।

उन्होंने बताया है, फिलवक्त जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण की संभावना है। जिसको देखते हुये स्वास्थ्य विभाग ने अतिरिक्त व्यवस्था करने की तैयारी में है। जिसके तहत पिछले वर्ष की भांति ही जिले के प्रभावित पांच प्रखंडों के इलाकों में नौका अस्पताल संचालित किया जायेगा। जिससे बाढ़ से घिरी आबादी तक पहुंच कर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा सकेगी।

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