नारेबाजी / मजदूरों की मौत के खिलाफ किया विरोध-प्रदर्शन नेताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी

Protest against the death of laborers, leaders shouted slogans against the government
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Protest against the death of laborers, leaders shouted slogans against the government

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

बक्सर. यात्रा के दौरान सड़क एवं रेल दुर्घटना में हुए मजदूराें की मौत को शहादत व सरकारी की लापरवाही बताते हुए माकपा भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी बिहार राज्य कमेटी के आवाहन पर जिला कमेटी माकपा ने स्थानीय वीर एकलव्य मल्हार टोली मोड़ पर तख्ती लेकर मजदूरों की मौत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में  प्रदेश कांग्रेस कमेटी बिहार के नेता डॉक्टर सत्येंद्र ओझा को  आमंत्रित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता एसएफआई के छात्र नेता दीपेंद्र वर्मा एवं प्रतीक आनंद ने संयुक्त रूप से किया कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कमेटी सदस्य धीरेंद्र कुमार चौधरी एवं राजेश कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से किया तथा मंच संचालन गुड्डू शर्मा एवं जन अधिकार पार्टी के नेता सोनू खरवार ने किया।  मौके पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य एवं वरिष्ठ नेता बक्सर विधानसभा 200 के प्रतिनिधि ने इस कार्यक्रम का पुरजोर समर्थन किया एवं अपनी उपस्थिति दर्ज की।

डॉ सत्येंद्र ओझा ने कहा कि सरकार यदि चाहती तो मजदूरों को संसाधन युक्त सुविधाओं के साथ भी अपने घर भेज सकती थी ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार बड़े राजनेताओं अधिकारियों वीआईपी छात्रों एवं धनवान व्यक्तियों को सुविधा युक्त साधनों से एक राज्य से दूसरे राज्य भिजवाया गया परंतु मजदूरों को ट्रकों में वस्तुओं की तरह लादकर उन्हें घर भेजा गया सड़कों पर एवं रेल ट्रैक पर उन्हें दिवस और लाचार जाने दिया गया यह सरकार का दोहरा मापदंड है जो अति निंदनीय एवं कृत्य है।

वहीं वरिष्ठ साहित्यकार कुमार नयन ने कहा की सरकारों के अंदर से संवेदना का तत्व हट गया है उनकी राजनीतिक नैतिकता कमजोर पड़ गई है जिसका परिणाम है कि आज मजदूर दर-दर भटकने के लिए विवश हैं हजारों की संख्या में सड़कों पर अपनी जान गवाने के लिए विवश हैं सरकारों को इन्हें संरक्षण एवं सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। वही जिला कमेटी सदस्य राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि मजदूरों एवं बाहर फंसे हुए सभी लोगों की जिम्मेदारी व जवाबदेही महज सरकार को है तेरी सरकारी चाहे तो संसाधनों का प्रयोग करके इन्हें सुविधा युक्त तरीके से एक राज्य से अपने गृह वापस भेज सकते हैं।

सीमा पर ही उनकी स्वास्थ्य की जांच हो सकती है परंतु यह भीषण लापरवाही सरकारों के द्वारा की गई है जिसके परिणाम स्वरूप मजदूरों की दर्दनाक मृत्यु हुई। पार्टी यह मानती है कि मजदूरों की या निर्मम मौत हत्या है उन्हें शहीद का दर्जा देते हुए एवं उनके परिवारों को आर्थिक संरक्षण प्रदान करते हुए सरकारों की अपने नैतिक जवाबदेही लेने की बात कही। 2 मिनट का मौन रखकर शहीद मजदूरों को मौके पर श्रद्धांजलि दी गई। मौके पर प्रतीक आनंद दीपेंद्र कुमार वर्मा शिव प्रकाश यादव डब्लू जी गुड्डू शर्मा सोनू खरवार सहित दर्जनों साथी उपस्थित रहे।

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