कानूनी कार्रवाई:बगैर प्राधिकार पत्र एवं लाइसेंस के कृषि उपादान बिक्री करने वाले दुकानदारों की खैर नहीं : डीएओ

बक्सर5 महीने पहले
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  • अभियान चलाकर किसानों के साथ ठगी करने वाले दुकानदारों पर होगी कठोर कार्रवाई

जिले में इस बार नब्बे हजार हेक्टेयर में धान की खेती हो रही है। खेती में पैदवार की बढ़ोतरी हेतु कृषक विभिन्न प्रकार के कृषि उपादान बाजारों से खरीदारी करते है। अगर किसानों को वही कृषि उपादान यथा कीटनाशक, फफूंदनाशक, तृण नाशक इत्यादी कृषि उपादान मानक के अनुरूप नहीं मिले तो किसानों के मंसूबो पर पानी फिर जाता है। इस परिस्थिति से निबटने हेतु कृषि विभाग पूरी तरह तैयार है। बता दें कि जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा जिले में व्यापार कर रहे कृषि उपादान विक्रेताओ पर औचक छापेमारी शुरू कर दी गई है।

डीएओ मनोज कुमार ने बताया कि कृषि उपादान विक्रेता संबंधित कंपनी का प्राधिकार पत्र प्राप्त होने पर उस प्राधिकार पत्र को कीटनाशी लाइसेंस में अंकित कराकर ही संबंधित कंपनी के दवाओं की बिक्री करेंगे। बिना प्राधिकार पत्र के दवाओं की बिक्री करते पाये जाने पर तत्काल प्रभाव से लाइसेंस निरस्त करते हुए सुसंगत धाराओ के अंतर्गत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीएओ ने कहा कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। 28 हजार एमटी यूरिया का लक्ष्य रखा गया था, जबकि 60 फीसदी यूरिया जिले में पहुंच चूका है। जिले में खाद की कमी होते हीं खाद मंगवाया जाता है।

दवा के उपर बैच नंबर जरूर देखें
किसानों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि कृषक दवाओं की खरीद करते समय दवाओं के ऊपर बैच नंबर, एक्सपायरी डेट अवश्य देखे साथ ही संबंधित दुकानदार से दवाओं की खरीदारी करते समय संबंधित दुकानदार का लाइसेंस एवं लाइसेंस में अंकित प्राधिकार पत्र जिसमे खरीदे गए कीटनाशक का प्राधिकार पत्र अंकित हो, अवश्य देखे। आगे उन्होंने कहा कि उर्वरक की खरीद करते समय पर्ची अवश्य लें। अगर किसी भी दुकानदार द्वारा कोई भी कृषि उत्पादन यथा कीटनाशक इत्यादि लेने हेतु बाध्य किया जाता है तो सीधे कृषि विभाग में संपर्क करे। उन्होंने बताया कि ऐसी भी शिकायतें मिल रही है कि उर्वरक विक्रेता खाद की विक्री करने के बाद पर्ची नहीं दे रहे हैं। ऐसे विक्रेताओं को चिन्हित किया जा रहा है। जल्द हीं वैसे उर्वरक विक्रेताओं पर कार्रवाई की जाएगी।

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