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  • The Administrative System Remained Confined To The Inspection At The Chhath Ghats, The Devotees Will Have To Do Chhath Puja In The Swamp Itself, Even The Instructions Of The Officials Have No Effect.

खुद सफाई कर रहे लोग:छठ घाटों पर निरीक्षण तक सिमट कर रह गयी प्रशासनिक व्यवस्था, व्रतियों को दलदल में ही करनी होगी छठ पूजा, अधिकारियों के निर्देश का भी असर नहीं

बक्सरएक महीने पहले
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गंगा नदी नदी में पानी बढ़ने से दलदल हुआ घाट। - Dainik Bhaskar
गंगा नदी नदी में पानी बढ़ने से दलदल हुआ घाट।

इस बार प्रशासनिक इंतेजाम नहीं होने से दलदली और गंदगी के बीच छठ पूजा करने की मजबूरी होगी। क्योंकि, गंगा नदी के पानी बढ़ने के बाद सभी कच्चे घाट पर कीचड़ का दलदल हो गया है। वही, गंगा घाट पर गंदगी का भी अम्बार है। घाट पर गंदा नाले के पानी बहने से घाट बनाने वालो को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। यह हालात सती घाट, बंगला घाट, होते हुए जहाज घाट और रामरेखा घाट तक है।

छठ घाट की सुरक्षा और सफाई व्यवस्था का जायजा लेकर नगर परिषद व डीएम एसपी स्तर तक के अधिकारी कर चुके है। लेकिन, हालत बद से बदतर होते जा रहा है। गंगा नदी का पानी घटने के साथ घाटों पर कोई अभी तक कार्य नहीं किया जा रहा है। नप केवल गंगा घाट की सफाई योजना फाइलों में बना रहा है। चार दिन बाद गंगा किनारे छठ पूजा करने वाले लाखों श्रद्धालु घाट पर होंगे।

लेकिन, घाटों की अभी तक सफाई भी नहीं हुई है। सती घाट के ऊपर कूड़ा का अम्बर लगा हुआ। इस घाट के ऊपर तक छठ पूजा किया जाता है।सती घाट पर घाट बना रहे सोनू कुमार, कन्हैया जयसवाल, मनोज कुमार ने बताया कि नप द्वारा घाट पर अभी तक कोई कार्य नहीं किया गया है।

सती घाट के ऊपर गंदगी का लगा है अम्बार
सती घाट के ऊपर मंदिर के पास गंदगी का अम्बार लगा हुआ है। घाट के ऊपर रखे मूर्ति के पास आस पास के लोग कूड़े फेक रहे है। कूड़े को हटाने की जिम्मेवारी नगर परिषद की होती है। लेकिन नप सफाई करमुई कूड़े का उठाव समय से नहीं कर रहे है। जिसके कारण गंदगी बढ़ता हुआ जा रहा है। यही हालात रहा तो गंदगी के रास्ते ही व्रती घाट पर पूजा करने पहुंचेगी।

डीएम ने किया था घाटों का निरीक्षण, पूजा योग्य बनाने का दिया था निर्देश
छठ घाट का एक सप्ताह पूर्व डीएम ने निरीक्षण किया था। निरीक्षण कर डीएम नगर परिषद को कई दिशा निर्देश दिए थे। छठ पूजा को देखते हुए कच्चे घाटों पर साफ सफाई के साथ घाटों पर आने जाने के रास्ते के अलावे कच्चे सीढ़ी का निर्माण कर दलदली घाट को पूजा योग्य बनाने का भी आदेश जारी हुआ था।

लेकिन, नगर परिषद केवल अभी तक कागज में ही योजना बनाने लगा हुआ है। घाट पर कार्य केवल निरीक्षण ही दिख रहा है। सूत्र बता रहे है कि छठ पूजा के दिन तक घाट का केवल बैरिकेडिंग और बोरी में बालू भर कर सीढ़ी बनाया जाना है। जब तक घाट की सफाई के लिए सफाई कर्मी लगाए जाएंगे तब तक घाट की सफाई श्रद्धालु और व्रती कर चुके होंगे।

जगह-जगह घाट पर बह रहा है गंदा पानी
सती घाट पर जगह जगह नाले का गंदा पानी बह रहा है। गंदा पानी और बड़े नाले के बीच छठ पूजा करने में काफी परेशानी होने की उम्मीद है। क्योकि, आसपास के घरों से निकले गंदा पानी पूजा के लिए बनाए गए घाट से होकर निकल रहा है।घर के निकले पानी का समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सफाई किए घाट गंदा और गिला हो जा रहा है।

छठ पूजा के घाट पर सुअर का है आतंक
गंगा किनारे बने पूजा घाट पर सूअर का आतंक बढ़ा हुआ है। घाट को प्रतिदिन लोग साफ सफाई कर अगले दिन घाट पर जाते है तो आवारा सुअर के घूमने से घाट गंदगी में तब्दील हो जा रहा है। सूअर के आतंक से पूजा घाट बनाने वाले लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रहे है। क्योंकि प्रतिदिन घाट की सफाई करते रह जाते हैं। जबकि इस मामले में नगर परिषद का कोई ध्यान नहीं है।

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