पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

इलाज के अभाव में तड़पकर मरीज की मौत:रात में बंद था केसठ पीएचसी का गेट, इलाज के अभाव में तड़पकर मरीज की मौत, हंगामा

बक्सर7 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

सोमवार की रात में केसठ पीएचसी का गेट बंद था। गंभीर स्थिति में पहुंचे मरीज की इलाज के अभाव में मौत हो गयी। मरीज को लेकर पहुंचे निवर्तमान वार्ड सदस्य प्रतिनिधि शंकर यादव ने बताया कि पीएचसी के दोनों गेट बंद होने के कारण वे घंटे भर आवाज लगाते रहे। गेट पीटते रहे।

लेकिन, अंदर से किसी ने आवाज दी कि ड्यूटी में कोई नहीं है। आपलोग इलाज के लिए अन्यत्र चले जाएं। जब डुमरांव जाने लगे तो मरीज की मौत हो गयी। मृतक का नाम मिथिलेश सिंह उर्फ उमेश सिंह उम्र लगभग 58 वर्ष, पिता स्वर्गीय तेज नारायण सिंह बताया जा रहा है।

परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों व स्टाफ के नहीं रहने से इलाज के अभाव में मिथिलेश की मौत हुई है। इसकी सूचना पर लोगों ने रात में ही जमकर हंगामा किया। सुबह भी पीएचसी पर पहुंचकर ग्रामीणों ने बवाल काटा। हालांकि डॉक्टर से लेकर सभी स्टाफ यहीं सफाई देते रहे कि सभी ड्यूटी में मौजूद थे। सुबह करीब 11 बजे पहुंची महिला चिकित्सक डॉ. अदिति ने लोगों को समझाबुझाकर शांत कराया।

मरीज के अटेंडेंट ने अंदर से लॉक कर दिया था गेट
इस बाबत जब पीएचसी के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शत्रुघ्न प्रसाद ने बताया कि रात को ड्यूटी मेडिकल अफसर डॉक्टर धर्म देव सिंह, एएनएम अंजना सिन्हा, बालाकुमारी, एंबुलेंस ड्राइवर संजय राम, ईएनटी विकास कुमार सिंह, डाटा ऑपरेटर रवि लाल की थी। सभी लोग ड्यूटी में थे। पीएचसी में गार्ड नहीं रहने से बड़ा गेट रात को बंद कर दिया जाता है। छोटा गेट खुला रहता है। हालांकि यह दुर्भाग्य था कि किसी मरीज के अटेंडेंट ने अंदर से छोटा गेट भी बंद कर दिया था।

चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शत्रुघ्न प्रसाद ने बताया कि रात्रि करीब 2:30 बजे की घटना है। ड्यूटी में मेडिकल अफसर से लेकर सभी स्टाफ थे। हालांकि, सभी लोग सो रहे थे। गेट बंद रहने के कारण आवाज न मिल सकी। बताया कि रात में दो डिलीवरी भी हुई है।

खबरें और भी हैं...