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  • Till June 30, The Heads Of The Panchayats Who Do Not Account For The Government's Money, Will Not Be Able To Contest The Elections.

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सख्ती:30 जून तक सरकार के पैसों का हिसाब नहीं देने वाले पंचायतों के मुखिया जी नहीं लड़ सकेंगे चुनाव

बक्सर9 दिन पहले
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सात निश्चय योजना के तहत बनी गली। - Dainik Bhaskar
सात निश्चय योजना के तहत बनी गली।

जिले के पंचायतों के मुखिया के लिए ऑडिट कराने का अंतिम अवसर विभाग ने दे दिया है। विभाग के मुताबिक यदि मुखिया के द्वारा ऑडिट रिपोर्ट नहीं सौंपी जाएगी तो उनके चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है। विभाग के द्वारा जिले के सभी पंचायतों के मुखिया को इस बात की जानकारी भेजी जा रही है कि तय समय तक अपने अपने पंचायतों का ऑडिट करा कर जिला पंचायती राज पदाधिकारी के कार्यालय में जमा कराएं।

यदि ऐसा नहीं होता है उनकी सूची जिला पंचायती राज कार्यालय द्वारा निदेशालय को भेजा जाएगा। बता दें कि पंचायतों का ऑडिट कराने की अंतिम तिथि 31 मार्च घोषित किया गया था। परंतु कई पंचायतों के वार्डों में अभी भी कार्य चल रहा है। जिसके कारण अभी भी जिले में पंचायतों के मुखिया के द्वारा ऑडिट नहीं कराया जा सका है।

बता दें कि मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत ग्राम पंचायतों को पक्की गली-नली योजना और हर घर नल का जल उपलब्ध कराने की राशि दी गई थी। पंचायतों को 14वें वित्त आयोग की अनुशंसा और पंचम राज्य वित्त आयोग के अनुशंसा पर 5 वर्षों तक राशि दी गई। पूरे राज्य में पंचायतों को दी गई राशि का अभी तक करीब 25 हजार करोड़ का उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं मिला है।

सरकार के आदेश की मुखिया कर रहे अनदेखी
नल जल योजना समेत अन्य योजनाओं में में व्यापक रूप से लापरवाही सामने आने के बाद विभाग के द्वारा ऑडिट कराने का फैसला लिया गया है। परंतु सरकार के द्वारा बार बार ऑडिट कराने को लेकर दिए गए अल्टीमेटम को पंचायतों के मुखिया के द्वारा अनदेखा किया जा रहा है।

पंचायती राज विभाग द्वारा जिले के सभी पंचायतों को 31 मार्च 2020 तक हीं अल्टीमेटम दिया था। परंतु मुखिया जी की गड़बड़ी कहें या इसकी जरूरत नहीं समझते हों परंतु थक हार कर एक बार फिर 31 मार्च 2021 तक अल्टीमेटम दिया। परंतु भी भी ऑडिट कराने में पंचायत तेजी नहीं दिखा रहे हैं। जिसके कारण यह परेशानी बनी हुई है।

30 जून तक हर हाल में कराना होगा ऑडिट

अब तक वैसे मुखिया जो अब तक ऑडिट नहीं करा सकें हैं उनके लिए एक बार फिर से विभाग ने अल्टीमेटम दिया है। वे इस वर्ष 30 जून तक हर हाल में ऑडिट करा लें। यदि ऐसा नहीं करते हैं तो विभाग उन्हें ब्लैक लिस्टेड करेगा। उनकी चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है। जबकि उनके कार्यों की जांच भी की जाएगी।

चुनाव लड़ने पर लग सकती है रोक :

विभागीय सूत्रों की मानें तो पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने निर्देश जारी किया है कि जिन मुखिया के द्वारा ऑडिट नहीं कराया जाएगा उनके चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है। कई पंचायतों में यह बात सामने आ रही है कि सात निश्चय के हर घर जल नल योजना समेत अन्य योजनाओं को को पुरा नहीं किया गया है। जबकि योजनाओं में गड़बड़ी की शिकायतें भी मिली है।

सूत्रों के मुताबिक कई मुखिया इसलिए भी ऑडिट कराने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं कि ऑडिट कराने के दौरान उनकी गड़बड़ी पकड़ी जाएगी। भविष्य में उन्हें परेशानी उठानी पड़ सकती है।

2017-18 और 2018-19 की हो चुकी है ऑडिट
जिले के 142 ग्राम पंचायतों में ऑडिट की रफ्तार धीमी है। कई प्रखंडों के पंचायतों में 2017-18 व 2018-19 तक ऑडिट हो चुकी है। जबकि पंचायतों में अब तक 2017-18 की ही ऑडिट हुई है। जबकि अभी 2018-19 व 2019-20 का ऑडिट कराना अभी शेष है। इसके लिए अब जन प्रतिनिधियों मुखिया समेत वार्ड सदस्यों के पास 30 जून तक समय है।

समय सीमा के अंदर ऑडिट कराना होगा अनिवार्य
सभी पंचायतों के मुखिया को निर्देश दिया गया है कि समय सीमा के अंदर योजनाओं को लेकर खर्च किए गए राशि का हिसाब दें। जो मुखिया समय से सरकारी राशि का ऑडिट नहीं कराते हैं उनकी सूची विभाग को भेज दी जाएगी। चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है।-अभय कुमार तिवारी - जिला पंचायती राज पदाधिकारी बक्सर

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