कोरोना का डर / बेबस आंखों ने देखी दिल्ली से वसुधर आए प्रवासी की मौत, शव से लिपटने के लिए बिलखती रही मां

Unaided eyes saw the death of a migrant who came to Delhi from Delhi, the mother kept crying to cover the body
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Unaided eyes saw the death of a migrant who came to Delhi from Delhi, the mother kept crying to cover the body

  • मां ने कहा; हमनी के खेत बेच के लइका में लगवाने रहतीं, लइका ले आके मुआ दिहल लोग
  • रोती रही मां पर संक्रमण की आशंका को देखते हुए छूने नहीं दिया गया

दैनिक भास्कर

May 29, 2020, 05:00 AM IST

बक्सर. (विकास पांडेय) हमनी के खेत बेच के लइका में लगवाने रहतीं जा। लइका ले आके मुआ दिहल लोग। उक्त बातें क्वारेंटाइन सेंटर में हुए प्रवासी श्रमिक की मौत के गम में उसकी मां अस्तुरना देवी कह रही थी। उन्होंने बताया कि क्वारेंटाइन करके इटाढ़ी प्रखंड स्थित वसुधर हाईस्कूल में रखे गये उक्त गांव के ही रहने वाले वीरेंद्र यादव की मौत प्रशासनिक लापरवाही से हुई है। मौत की सूचना के बाद सदर अस्पताल में पहुंची मृतक की वृद्ध मां रो-रो कर कह रही थी।

उन्होंने कहा कि ‘खेत बेच के पईसा से आरा पटना ले जा के हमनी के इलाज करवले रहतीं जा। बाकि एहिजा ला के हमरा लइका के मुआ दिहल लाेग।’ विदित हो कि इलाज के दौरान उक्त प्रवासी मजदूर की सदर अस्पताल में बुधवार की देर रात मृत्यु हो गयी। जिसके बाद वीरेंद्र को अस्पताल कर्मियों के द्वारा मेडिकल चेकअप के बाद परिजनों को सूचना दी गयी। इस सूचना के बाद सुबह में परिजन किसी तरह से आनन फानन में अस्पताल में पहुंचे। जहां वीरेंद्र की मौत पर विलाप करने लगे। मां का कलेजा जैसे फटा जा रहा था। 

पीपीई किट पहन कर किया अंतिम संस्कार: बेबस व लाचार मां अपने कलेजे पर पत्थर रख बेटे के गम में आंसू बहा रही थी। उसे सिर्फ देखने की इजाजत मिली थी। बाद में मेडिकल कर्मियों ने पीपीई किट पहनकर उसे ब्लैक पॉलीथिन में पैक किया। उसे लेकर अलग एम्बुलेंस में श्मशान घाट पहुंचे। वहीं एक अन्य एम्बुलेंस से परिजनों को भी लेकर पहुंचे। वहां घर वालों की मौजूदगी में युवक का अंतिम संस्कार किया गया।  
प्रवासी मजदूर का लिया गया स्वैब: प्रवासी मजदूर वीरेंद्र यादव की मृत्यु के बाद प्रशासन हर कदम फूंक कर रख रही है। किसी तरह की कोई लेकिन परंतु ना रहे इसके लिए उसके शव से स्वैब लिये गये। ताकि यह स्पष्ट किया जा सके उसको कहीं कोरोना तो नहीं था। सूत्र बताते हैं कि उसे पहले से ही खांसी थी। हालांकि डीएस डॉ भूपेंद्र नाथ बताया कि जिस दिन लाया गया था उसके शरीर का तापमान 98.1 था। वहीं यह बताया गया है उसे बहुत ज्यादा मात्रा में पेशाब हो रहा था। हालांकि कोरोना था या नहीं यह तो जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा। 
सभी सतर्कता बरत रहे: डीएम
युवक की जांच हुई थी। जिसमें कोरोना निगेटिव मिला था। मृतक के परिजनों का कहना है कि वह चार पांच वर्षों से बीमार रहता था। फिर भी मौत के बाद पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। जांच रिपोर्ट पुनः आने के बाद समुचित कार्रवाई की जाएगी। -अमन समीर, डीएम, बक्सर

16 मई को दिल्ली से आया था वीरेंद्र
जानकारी के अनुसार वीरेंद्र बीते दिन 16 मई काे दिल्ली के पास स्थित से वसुधर आया था। जिसे वहीं के हाईस्कूल में क्वारेंटाइन करके रखा गया था। बाद में उसकी तबियत खराब होने लगी। इस स्थिति को देखते हुए जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल 25 मई को लाया गया। जहां पर वीरेंद्र ने बुधवार के करीब 9 बजे अंतिम सांस ली।

एसडीओ व एसडीपीओ ने की पूछताछ
सुबह में चिकित्सीय कोरम पूरा करने के बाद उसके शरीर से स्वैब लिया गया। ताकि उसे कोरोना पॉजिटिव होने नहीं होने की जानकारी हासिल की जा सके। शव को परिजनों के हाथ सौंपने से सदर अस्पताल पहुंच कर सदर एसडीओ केके उपाध्याय व एसडीपीओ सतीश कुमार मामले की पूरी जानकारी ली। सदर एसडीओ ने कहा कि प्रशासन अपने स्तर से प्रत्येक कदम फूंक कर रख रही है। 

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