विभाग की पहल:गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं का टीकाकरण बहुत जरूरी, करें जागरूक

बक्सर16 दिन पहले
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वैक्सीन लगवाती महिला। - Dainik Bhaskar
वैक्सीन लगवाती महिला।

कोविड-19 महामारी मानव जाति के लिए अब तक का सबसे बड़ी सार्वजनिक महामारी साबित हुई है। इस वायरस का संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के साथ रहने या दूषित सतहों से होने के लिए जाना जाता है। वहीं स्वास्थ्य कर्मी समेत अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए हमेशा खतरा बना रहता है। क्योंकि ये कोविड मरीजों के बिल्कुल करीब होते हैं। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए लॉकडाउन जैसी परिस्थितियां भी सामने आई है।

ऐसे में जरूरी है कि कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाए। इसके तहत केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा 37 पेज का गाइडलाइन जारी किया गया है। जिसमें बताया गया है कि आम महिलाओं की तुलना में गर्भवती महिलाओं को कोविड-19 संक्रमण का गंभीर खतरा बढ़ सकता है। लैंसेट ग्लोबल हेल्थ (31 मार्च 2021) के एक शोध में पाया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान मातृ व भ्रूण के परिणाम खराब पाए गए हैं। जिसमें मातृ मृत्यु, मृत जन्म, टूटा हुआ अस्थानिक गर्भ धारण और मृत्यु अवसाद में वृद्धि पायी गयी है।

तीसरे लहर से बचाव को लेकर जागरुकता जरूरी, कोविड गाइडलाइन करें फॉलो

संक्रमित गर्भवती के लिए अलग वार्ड बनाने की सलाह

जारी किए गए गाइडलाइन के अनुसार सभी डिलिवरी प्वाइंटस को आइसोलेशन क्षेत्र रखने की सलाह दी गयी है। कोविड-19 से संक्रमित गर्भवती के लिए एक अलग प्रसव कक्ष व एक अलग शल्य कक्ष बनाने की सलाह दी है। यदि आसन्न श्रम में कोई कोविड संदिग्ध या सकारात्मक गर्भवती महिला किसी गैर कोविड सुविधा में आती है तो उसे सेवाओं से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उसे अन्य प्रकार की दी जाने वाली सुविधाएं देनी चाहिए।

ओटी में रहने वाले सभी कर्मियों को पीपीई कीट पहनना अनिवार्य

जारी किए गए गाइडलाइन के अनुसार ओटी (ऑपरेशन थियेटर ) में कम से कम एक स्टाॅफ रखें। जिसमें सभी को पीपीई कीट पहनना जरूरी है। एसओपी के अनुसार ऑपरेशन के बाद पुरी तरह से ऑपरेशन थियेटर की सफ़ाई व सैनिटाइजेशन जरूरी है। पीपीई के उपयोग के लिए मैटर व स्टाल सहित सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षित करें।

ताकि आपात स्थिति में थियेटर 24 घंटे काम कर सके। स्टाॅफ को नियमित रूप से हाथ धोने के पहले व बाद में हाथ धोने के नियमों के पालन करने के बारे में जानकारी जरूरी है। प्रत्येक रोगी को जांच करना,रोगी की जांच के लिए रोगाणु रोधी दस्ताने पहनना जरूरी है। कोविड का टीका दोनों के लिए पुरी तरह सुरक्षित है।

टीकाकरण के लिए गर्भवती महिलाओं की काउंसलिंग जरूरी
गर्भवती महिलाओं के टीका लगाने के लिए एक सुचित निर्णय लेने में मदद करने के लिए गर्भावस्था में कोविड-19 संक्रमण के जोखिम, टीकाकरण से लाभ, टीकाकरण से संभावित दुष्प्रभावों की जानकारी प्रदान करनी चाहिए। प्रदान की गई जानकारी के आधार पर एक गर्भवती महिला के पास टीका लेने का विकल्प होगा। कोविड का टीका गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी जरूरी है। कोविड का टीका दोनों के लिए पुरी तरह सुरक्षित है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी इन दिशा-निर्देशों का करें पालन
▪︎किसी में भी आरटी-पीसीआर जांच दोहराया नहीं जाना चाहिए। जिसने आरएटी या आरटी-पीसीआर द्वारा एक बार सकारात्मक परीक्षण किया है। ▪︎कोविड-19 मामलों की वर्तमान वृद्धि के दौरान खांसी, सिर दर्द, गले में खरास, सांस फूलना, शरीर में दर्द, हाल हीं में स्वाद या गंध की कमी, थकान या दस्त के साथ बिना बुखार वाले ऐसे किसी भी व्यक्ति को कोविड का संदिग्ध मरीज मानना चाहिए। ▪︎किसी स्वास्थ्य सुविधा में प्रवेश के लिए कोरोना का सकारात्मक परीक्षण अब जरूरी नहीं है।

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