परेशानी:चरपोखरी में आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका को बीस माह से नहीं मिल पाया है मानदेय

चरपोखरीएक वर्ष पहले
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  • वर्ष 2018 में हुई थी बहाली लेकिन अबतक एक रुपया भी नहीं मिला मानदेय

प्रखंड के आंगनबाड़ी सेविका सहायिका के मानदेय भुगतान में प्रखंड से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों की मनमानी चरम सीमा पर है। कोरोना संकट में आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा घर-घर जाकर सर्वे का काम किया गया इसके बावजूद भी 20 माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है । ऐसे में आंगनबाड़ी सेविका सहायिकाओं के मन में विभाग के प्रति अच्छी खासी नाराजगी देखी जा रही है । प्रखंड के कई आंगनबाड़ी सेविका सहायिका ने नाम नहीं छापा जाने की शर्त पर बताया कि अधिकारियों द्वारा मानदेय भुगतान के लिए राशि की मांग की जा रही है।

राशि नहीं देने वाले को मानदेय भुगतान नहीं करने की धमकी भी दी जाती हैं। गौरतलब हो कि पिछले दिनों हुई पंचायत समिति की हुई बैठक में आंगनबाड़ी सेविका सहायिका के मानदेय भुगतान एवं पंजी पर हस्ताक्षर नहीं करने का मामला भी गर्माया हुआ था। इसके बावजूद भी अधिकारियों द्वारा मानदेय भुगतान में कोई रुचि नहीं ली जा रही है। ऐसे में प्रखंड की सेविका सहायिकाओं ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के पास करने का मन बना रखा है।

सेविका सहायिका के मानदेय भुगतान के संबंध में जानकारी लेने के लिए प्रखंड बाल विकास योजना पदाधिकारी के पास संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन नहीं लगने एवं कार्यालय में उपस्थित नहीं होने के कारण उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।

वहीं इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी संदीप कुमार पांडे से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पंचायत समिति की बैठक में मानदेय भुगतान एवं पोषाहार पंजी पर हस्ताक्षर करने में कमीशन की उगाही का मामला उठाया गया था। इस संबंध में पंचायत समिति की बैठक की प्रति को वरीय अधिकारी के पास कार्रवाई हेतु भेज दी गई है। प्रखंड के आंगनबाड़ी सेविकाओं की बहाली वर्ष 2018 में की गई थी।

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