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जलजमाव की स्थिति उत्पन्न:महादलित बस्ती में जलजमाव से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं लोग

चरपोखरी23 दिन पहले
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पिछले चार दिनों से रुक- रुक कर हो रही बारिश से नगरी बाजार के स्टेट हाईवे से सटे महादलित बस्ती में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पानी निकासी का उचित प्रबंध नहीं होने सेे बारिश का पानी घरों में घुसने लगा है और चारों तरफ गलियों में पानी और कीचड़ भर गया है। जिससे बस्ती में रहने वाले लोगों का जीवन नरकीय हो गया है। अधिक बारिश होने पर लोगों को घर से बाहर पानी निकालने के लिए बर्तन कटोरा से पुरी रात पानी बिछना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि घरों में पानी लगने के कारण घरों में सोना भी मुश्किल हो गया है। पुरी रात बैठ कर गुजरने पड़ रहा है।

घरों में पानी भर जाने के कारण घरों में में भी कीचड़ हों गई है। स्थानीय प्रतिनिधि से पक्की नाली गली निर्माण कराने की मांग की जाती रही है। महादलित बस्ती के निवासी बिनोद राम का कहना है कि कई बार चुनाव में आने वाले नेताओं से और स्थानीय प्रतिनिधि से पक्की नाली गली निर्माण कराने की मांग हमलोग करते आए हैं लेकिन गरीब लोग का बात कहां कोई सुनता है।

पानी निकासी का उचित प्रबंध नहीं होने सेे बारिश का पानी घरों में घुसने से बढ़ी परेशानी, गंदगी से बीमारी फैलने की आशंका

तीन सौ लोगों के लिए गंदगी के बीच एक मात्र हैंडपंप, पेयजल की भी परेशानी
लगभग तीन सौ कि आबादी वाले इस महादलित बस्ती में लोगों को पानी पीने के लिए मात्र हैंडपंप है , जहां पुरे बस्ती की महिला बर्तन साफ़ करती है, पीने का पानी घरों में ले जाती है। वहां भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है। आरा सासाराम स्टेट हाईवे के किनारे इस बस्ती में सड़क किनारे लगी गंदगी का अंबार भी पानी के बहाव से बस्ती में जमा हो गया है जिसके कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि महादलित के इस वार्ड संख्या 10 में वर्ष 2016 नाली निर्माण कार्य शुरू किया गया था लेकिन जल निकासी का रास्ता नहीं होने से अधूरा रह गया ‌ और फिर हर साल इस समस्या से जूझना पड़ता है।

क्या कहते हैं ग्रामीण
माननीय नीतीश कुमार जी हम लोगों के लिए कहते हैं कि प्रत्येक योजना पहले महादलित बस्ती तक पहुंचाना है लेकिन उनका कहना अधूरा ही रह जाता है ,यह प्रखंड स्तर तक आकर ही सिमट जाता है। हम लोगों का जीवन यापन इसी तरह करना पड़ेगा, कौन किसका ख्याल रखने वाला है।
-वीरेंद्र राम, ग्रामीण।

महादलित बस्ती में लगभग 400 लोग जीवन यापन करते हैं और यहां हमेशा 26 जनवरी और 15 अगस्त को प्रखंड विकास पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी जैसे लोग आकर झंडा फहराते हैं लेकिन इन सब बात की जानकारी नहीं लेते हैं। जनप्रतिनिधियों और अफसरों को लोगों की समस्यां दूर करने के लिए कार्य करना चाहिए। -अनुराग पांडे, उप मुखिया, ग्राम पंचायत नगरी।

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