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पलायन शुरू:पानापुर के बसहियां गांव की 10 बीघा जमीन और 24 पेड़ कटाव में बह गए, विभाग अब शुरू किया कटावरोधी काम

छपरा3 महीने पहले
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कटाव बढ़ने से लोग मकान तोड़कर ईट ले जाते हुए - Dainik Bhaskar
कटाव बढ़ने से लोग मकान तोड़कर ईट ले जाते हुए
  • गंडक नदी में कटाव गंगा में जलस्तर बढ़ने से लोगों का पलायन शुरू

बसहियां गांव में लगातार गंडक नदी का कटाव जारी है। लगभग 10 बीघा उपजाऊ जमीन नदी में समाने और 2 दर्जन पेड़ कटाव के शिकार होने के बाद जल संसाधन विभाग की नींद खुली। शनिवार को जल संसाधन विभाग ने बंबू रोल का कार्य कराना शुरू किया। हालांकि जल संसाधन विभाग के बंबू रोल के कार्य से स्थानीय लोग खुश नहीं हैं। लोगों का कहना है कि बंबू रोल से कटाव नहीं रुकने वाला है। विभाग को बंबू रोल के अलावे दूसरे कार्य भी कराना चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल संसाधन विभाग कटाव शुरू होने के बाद लगातार कटाव निरोधक कार्य कराता तो हमें इतनी क्षति नहीं होती।

गंडक नदी के रौद्र रूप को देखकर स्थानीय लोग भयभीत
बसहियां में गंडक नदी के रौद्र रूप को देखकर स्थानीय लोग भयभीत हैं। तेजी से हो रहे कटाव के कारण तटीय इलाके में बसे लोग विशेष सावधानी बरतने लगे हैं। शनिवार को रामचंद्र सहनी अपने ही हाथों अपने घर की दीवाल को उजाड़ना शुरू कर दिया। पत्नी और बच्चों के साथ घर की दीवाल तोड़ रहे रामचंद्र सहनी ने बताया कि तेजी से नदी कटाव कर रही है। नदी काटते-काटते घर के पास भी आ सकती है। इसलिए ईंट को बचाने के लिए घर तोड़ रहा हूं। एक ईंट दस रुपये का हो गया है।

अब नदी और तटबंध के बीच दूरी घटकर मात्र 62 मीटर हो गई
बसहियां में गंडक नदी के गुस्से से बाद ग्रामीणों की उपजाऊ जमीन और विशाल पेड़ कटाव के शिकार हुए। जिससे स्थानीय ग्रामीणों को लाखों की क्षति हुई है। बसहियां में कटाव होने से सारण तटबंध पर भी खतरा बढ़ गया है। लगातार कटाव करके नदी तटबंध के काफी नजदीक आ गई है। पहले गंडक नदी सारण तटबंध से लगभग 160 मीटर दूर थी। अब नदी और तटबंध के बीच दूरी घटकर मात्र 62 मीटर हो गई है।

गंगा में जलस्तर बढ़ने से लोगों का पलायन शुरू
गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ाव जारी है, इससे आसपास के गांवों की ओर पानी बढ़ने लगा है। गांव के लोग सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने लगे हैं। दो दिनों के बाद गंगा में तेज बढ़ाव की संभावना है। मंडलायुक्त प्रयागराज ने बलिया के जिला प्रशासन को अवगत कराया है कि चंबल नदी में धौलपुरा बैराज राजस्थान से 4 अगस्त को 17,81200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसका असर प्रयागराज में दिखने लगा है। बलिया में भी 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।

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