योजना:जेपीविवि में 10 माह के बाद अब एक अक्टूबर को पीजीआरसी की बैठक, नये व संशोधित शोध प्रस्ताव पर लिया जायेगा निर्णय

छपरा2 महीने पहले
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  • बैठक में लंबे समय से रिसर्च वर्क से संबंधित मामलों पर किया जाएगा विचार, तैयारी अंतिम चरण में

छात्रों के लगातार मांग व आंदोलन के बाद आखिरकार जेपीविवि प्रशासन ने लगभग 10 माह बाद स्नातकोत्तर गवेषणा परिषद(पीजीआरसी)की बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। पीजीआरसी के सचिव सह जेपीविवि के परीक्षा नियंत्रक डा.अनिल कुमार सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि आगामी 1 अक्टूबर को जेपीविवि के सिनेट हॉल में पीजीआरसी की बैठक निर्धारित है। बैठक में विगत 22 दिसंबर 2020 को संपन्न पीजीआरी के कार्यवृत की सम्पुष्टि के साथ ही विभिन्न फैकेल्टी के डिपार्टमेंट से प्राप्त नये व संशोधित शोध प्रस्ताव, रिसर्च स्कॉलर के गाइड के बदलाव के साथ ही विभिन्न आवेदकों द्वारा आवेदन शोध प्रबंघ जमा करने के लिए समयावधि विस्तारित करने संबंधी आवेदनों पर विचार के बाद निर्णय लिया जाएगा। बैठक में शामिल होने के लिए जेपीविवि के रजिस्ट्रार प्रो.आरपी बबलू ने सदस्यांे की सूची जारी कर दिया है। जिसके अनुसार फैकेल्टी ऑफ ह्युमनिटी के 24, सोशलसाइंस के 20, साइंस के 14 तथा कॉमर्स के 7 सदस्य शामिल हैं। बैठक की सूचना सभी सदस्यों के देने के साथ ही उन्हे बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को कहा गया है।

सेकेंड लिस्ट का इंतजार
जेपीविवि में स्नातक पार्ट वन सत्र 2021-24 में एडमिशन के लिए आवेदन करने वाले छात्राें को सेकेंड लिस्ट के जारी होने का इंतजार है। हालांकि फर्स्ट लिस्ट के जारी होने के साथ ही एडमिशन के बाद क्लास का संचालन भी शुरू हो चुका है। मगर विवि प्रशासन सेकेंड लिस्ट अभी तक जारी नही कर पाई है। वैसे फर्स्ट लिस्ट के छात्रों को एडमिशन के लिए 1 से 10 सितंबर तक का समय दिया गया था। सारण प्रमंडल के तीनो जिले के 32 अंगिभूत व संबद्ध कॉलेजों में स्नातक पार्ट वन में निर्धारित 31 हजार 264 सीट पर एडमिशन के लिए इस बार करीब 62 हजार आवेदन आए थे।

60% सीट रह गयी है खाली
विवि सूत्रों के अनुसार फर्स्ट लिस्ट में शामिल छात्रों के एडमिशन के बावजूद भी पार्ट वन में करीब 60 प्रतिशत सीट खाली रह गई है। ऐसे में वंचित छात्रों को सेकेंड लिस्ट जारी होने का इंतजार है। जबकि विवि प्रशासन इस पर चुप्पी साधे हुआ है। मालूम हो कि विवि द्वारा ऑनलाईन प्रक्रिया के तहत एडमिशन लिया जा रहा है। ऐसे में संबंधित कॉलेजों द्वारा फर्स्ट लिस्ट में एडमिशन की जानकारी निर्धारित वेबसाईट संचालक को भेजे जाने के बाद उनके द्वारा निर्धारित सीट पर एउमिशन के लिए चयनित छात्रों की सूची जारी करना है। सूत्रों की माने तो वेबसाईट में तकनिकी समस्या के कारण सेकेंड लिस्ट जारी होने मे देरी हो रही है।

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