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जलस्तर धीरे-धीरे खतरे के निशान की ओर:पानापुर, अमनौर, तरैया, भेल्दी, मकेर के बाद परसा दरियापुर व गड़खा में बाढ़, पलायन कर रहे हैं लोग

छपराएक वर्ष पहले
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गड़ख प्रखंड के ये गांव भी है प्रभावित गड़खा प्रखंड के गंडकी व माही नदी के बीच के गांव ईंटवा, सलेमपुर, श्रीरामपुर, ताहिपुर, गलिमापुर, पीठाघाट, बंगाड़ी, जलाल बसंत, श्रीपाल बसंत से लेकर रतनपुरा बसंत तक की फसलें नष्ट हो चुकी है। हरना बांध टूटने से पानी तेजी के साथ मूड़ा स्वीइलिश गेट से चंदा, कतरा, केंचुली, निन्हिया, होते पूरब और पश्चिम की ओर फैल रहा है। लिहाजा, दिघरा व दरियापुर प्रखंड के प्रतापपुर, छोटामी, मकईपुर होते हुए लोचना के चंवरा में फैल रहा है। मटिहान के देवी स्थान व नागेश्वर नेता के पिछवाड़े तक पानी धक्का दे रहा है। बालू वाहक नौकाओं से धन उगाही जारी पटना जिला व सारण के दियारे क्षेत्र में रंगदारों की चांदी है। जानकारी के अनुसार लाल बालू वाहक नौकाओं से धन उगाही में दियारे के चारों गिरोह एकजुट हैं और 100 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक प्रति नावों से ली जा रही है रंगदारी तो रंगदारों से भी रंगदारी वसूली में आगे हैं, डोरीगंज व कोइलवर के रंगदार।नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक दियारावासी ने बताया कि पटना व सारण के दियारे क्षेत्र के रंगदारों पर भारी हैं, बड़हरा, कोइलवर व डोरीगंज थाना क्षेत्र के दियारे के रंगदार जो रात्रि में इन पर छापा मार कर मोबाइल फोन सहित राशि व हथियार भी छीन ले जाते है। - Dainik Bhaskar
गड़ख प्रखंड के ये गांव भी है प्रभावित गड़खा प्रखंड के गंडकी व माही नदी के बीच के गांव ईंटवा, सलेमपुर, श्रीरामपुर, ताहिपुर, गलिमापुर, पीठाघाट, बंगाड़ी, जलाल बसंत, श्रीपाल बसंत से लेकर रतनपुरा बसंत तक की फसलें नष्ट हो चुकी है। हरना बांध टूटने से पानी तेजी के साथ मूड़ा स्वीइलिश गेट से चंदा, कतरा, केंचुली, निन्हिया, होते पूरब और पश्चिम की ओर फैल रहा है। लिहाजा, दिघरा व दरियापुर प्रखंड के प्रतापपुर, छोटामी, मकईपुर होते हुए लोचना के चंवरा में फैल रहा है। मटिहान के देवी स्थान व नागेश्वर नेता के पिछवाड़े तक पानी धक्का दे रहा है। बालू वाहक नौकाओं से धन उगाही जारी पटना जिला व सारण के दियारे क्षेत्र में रंगदारों की चांदी है। जानकारी के अनुसार लाल बालू वाहक नौकाओं से धन उगाही में दियारे के चारों गिरोह एकजुट हैं और 100 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक प्रति नावों से ली जा रही है रंगदारी तो रंगदारों से भी रंगदारी वसूली में आगे हैं, डोरीगंज व कोइलवर के रंगदार।नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक दियारावासी ने बताया कि पटना व सारण के दियारे क्षेत्र के रंगदारों पर भारी हैं, बड़हरा, कोइलवर व डोरीगंज थाना क्षेत्र के दियारे के रंगदार जो रात्रि में इन पर छापा मार कर मोबाइल फोन सहित राशि व हथियार भी छीन ले जाते है।

बाल्मीकि नगर बराज से 1,86 क्यूमेक्स वाटर डिस्चार्ज के बाद बाढ़ क्लाइमेक्स की ओर बढ़ रहा है। पानापुर के 11 पंचायत, समित तरैया, मशरक, अमनौर, परसा, मकेर, दरियापुर, गड़खा को जल प्रलय प्रवाह अपनी जद में ले रहा है। इधर गंगा व सोन का जलस्तर धीरे-धीरे खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। बहरहाल, यदि गंगा व सोन ने हुंकार भरी तो फिर रैन बसेरा के भी लाले पड़ जाएंगे।

पानापुर में अबतक नहीं प्राप्त हुई आपदा राशि

नाम गोपनीय रखे जाने की शर्त पर एक प्रखंड कर्मचारी ने बताया कि सरकार द्वारा अबतक कोई राहत व बचाव राशि निर्गत नहीं हुई है। नाव से भी हम वंचित हैं। अंचल अपने स्तर से राहत व बचाव कार्य में जुटा है। प्रखंड मुख्यालय पर छह फीट पानी है। हां बाढ़ में बहार है शराब माफियाओं का। नावों से शराब की तस्करी जारी है। बहरहाल, कम्यूनिटी किचन कहां चले और कैसे चले यह समस्या है।

इस संबंध में पानापुर अंचलाधिकारी रणधीर प्रसाद ने दूरभाषीय संपर्क स्थापित करने की कोशिश की गई किंतु स्विच ऑफ बताया जा रहा था। अमनौर, तरैया, मकेर, बेल्दी प्रखंड के लोग परेशान हैं। पशुओं के चारे व खाद्यान्न संकट तो है ही कीड़े-मकोड़े रेंगते नजर आ रहे हैं। परसा के परसादी, परसौना, बलिगांव, हरपुर पोखरपुर, बभन गांवा आदि बउधा नदी में जलभराव से जलमग्न हो गया है।

दरियापुर प्रखंड के 16 ग्राम पंचायत पूरी तरह बाढ़ की चपेट में

दरियापुर प्रखंड के 16 ग्रामपंचायत पूरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं। हजारों एकड़ भूमि में लगी फसलों की जलसमाधि हो चुकी है। ककरहट, सुतिहार, हरिहरपुर, महेशियां, जितवारपुर, सिसौनी, संझा-कोठिया, बलीटोला, बलि छपरा चारों ओर से घिर चुका है। डेरनी लंगड़ी बांध से ऊपर कर बाढ़ का पानी धरम बागी व भगवानपुर गांव के सामने दिघवारा- बेल्दी मार्ग से पूरब की ओर तेजी से बढ़ रहा है। वाहनों का आवागमन ठप्प है।

हाँ रेल चक्का कारखाना से होकर नयागांव तक जाने वाली सड़क पर यदि एक फीट पानी चढ़ जाए तो कारखाना परिसर से लेकर प्रखंड मुख्यालय व थाना भी जल प्लावित हो सकता है। बाढ़ का जल तेजी से सोनपुर प्रखंड के बहेरवा गाछी, गोपालपुर, चतुरपुर की फसलों की जलसमाधि देते हुए फैल रहा है। ऐसे में यदि गंगा व सोन ने हुंकार भरी तो बभनगांवा समेत दिघवारा प्रखंड की पूर्वी सीमा कुरैया, त्रिलोकचक, बस्ती जलाल चपेट में होगा।

गड़ख प्रखंड के ये गांव भी है प्रभावित

गड़खा प्रखंड के गंडकी व माही नदी के बीच के गांव ईंटवा, सलेमपुर, श्रीरामपुर, ताहिपुर, गलिमापुर, पीठाघाट, बंगाड़ी, जलाल बसंत, श्रीपाल बसंत से लेकर रतनपुरा बसंत तक की फसलें नष्ट हो चुकी है। हरना बांध टूटने से पानी तेजी के साथ मूड़ा स्वीइलिश गेट से चंदा, कतरा, केंचुली, निन्हिया, होते पूरब और पश्चिम की ओर फैल रहा है। लिहाजा, दिघरा व दरियापुर प्रखंड के प्रतापपुर, छोटामी, मकईपुर होते हुए लोचना के चंवरा में फैल रहा है। मटिहान के देवी स्थान व नागेश्वर नेता के पिछवाड़े तक पानी धक्का दे रहा है।

बालू वाहक नौकाओं से धन उगाही जारी

पटना जिला व सारण के दियारे क्षेत्र में रंगदारों की चांदी है। जानकारी के अनुसार लाल बालू वाहक नौकाओं से धन उगाही में दियारे के चारों गिरोह एकजुट हैं और 100 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक प्रति नावों से ली जा रही है रंगदारी तो रंगदारों से भी रंगदारी वसूली में आगे हैं, डोरीगंज व कोइलवर के रंगदार।नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक दियारावासी ने बताया कि पटना व सारण के दियारे क्षेत्र के रंगदारों पर भारी हैं, बड़हरा, कोइलवर व डोरीगंज थाना क्षेत्र के दियारे के रंगदार जो रात्रि में इन पर छापा मार कर मोबाइल फोन सहित राशि व हथियार भी छीन ले जाते है।

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