भूमिपूजन:जेपीविवि परिसर में भूमिपूजन आज, 9 करोड़ की लागत से बनेगा वीसी आवास, गेस्ट हाउस और महिला छात्रावास भी

छपराएक महीने पहले
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स्थल का जायजा लेते कुलपति। - Dainik Bhaskar
स्थल का जायजा लेते कुलपति।
  • राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम कराएगा निर्माण , रजिस्ट्रॉर को भूमिपूजन का जिम्मा

जेपीविवि के कुलपति को अब किराये के आवास में नही रहना पड़ेगा। जल्द ही विवि परिसर में ही कुलपति के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस कुलपति आवास का निर्माण कराया जाएगा। वहीं विवि में आने वाले अतिथियों को ठहराने के लिए शहर के होटलों में रूम की तलाश नही करनी होगी। कुलपति आवास के साथ ही विवि परिसर में ही गेस्ट हाउस तथा गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण कराया जाएगा। इसकी जानकारी देते हुए जेपीविवि के पीआरओ प्रो.हरिश्चंद्र ने बताया कि उपरोक्त तीनो बिल्डिंग के निर्माण के लिए लगभग 8 करोड़ 70 लाख की राशि राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत कर लिया गया है।

निर्माण के लिए टेंडर भी कंपलीट हो चुका है। तीनों बिल्डिंग का निर्माण कार्य बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना निगम लिमटेड द्वारा किया जाएग। उधर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए बुधवार 15 दिसंबर को ही भूमिपूजन की तिथि निर्धारित किया गया है। निर्माण कार्य शुरू करने के लिए सरकार के इंजीनियर आमोद कुमार सोमवार को विवि पहुंच चुके हैं। उनके साथ मंगलवार को विवि के पदाधिकारी सीसीडीसी प्रो.हरिश्चंद, परीक्षा नियंत्रक प्रो.अनिल कुमार सिंह,डीन प्रो.एआर सफी, विवि के इंजीनियर प्रमोद कुमार सिंह, डा.धन्नंजय आजाद एवं डा.शेखर कुमार सिंह आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

आधुनिक सुविधाओं का रखा जाएगा ख्याल, अतिथियों को भी ठहराने के लिए अब होटलों में नहीं खोजने पड़ेंगे कमरे

2014 के बाद से विवि में निर्माण कार्य ठप पड़ा है
जेपीविवि में 2014 के बाद से निमार्ण कार्य ठप पड़ा है। हालांकि इस बीच विवि परिसर में परीक्षा हॉल का निमार्ण कार्य जरूर शुरू हुआ है। विवि सूत्रों की माने तो वर्ष 2009 से ही विवि के तत्कालीन कुलपति द्वारा करीब 20 करोड़ का प्रस्ताव एचआरडी को भेजा गया था। हालांकि उसके बाद के वर्षो में विवि के सूस्त रवैया कहें या फिर विवि के विकास के प्रति पदाधिकारियों मे जज्बे की कमी।

2014 के बाद से विवि में निर्माण कार्य ठप पड़ा है
जेपीविवि में 2014 के बाद से निमार्ण कार्य ठप पड़ा है। हालांकि इस बीच विवि परिसर में परीक्षा हॉल का निमार्ण कार्य जरूर शुरू हुआ है। विवि सूत्रों की माने तो वर्ष 2009 से ही विवि के तत्कालीन कुलपति द्वारा करीब 20 करोड़ का प्रस्ताव एचआरडी को भेजा गया था। हालांकि उसके बाद के वर्षो में विवि के सूस्त रवैया कहें या फिर विवि के विकास के प्रति पदाधिकारियों मे जज्बे की कमी।

2014 के बाद से विवि में निर्माण कार्य ठप पड़ा है
जेपीविवि में 2014 के बाद से निमार्ण कार्य ठप पड़ा है। हालांकि इस बीच विवि परिसर में परीक्षा हॉल का निमार्ण कार्य जरूर शुरू हुआ है। विवि सूत्रों की माने तो वर्ष 2009 से ही विवि के तत्कालीन कुलपति द्वारा करीब 20 करोड़ का प्रस्ताव एचआरडी को भेजा गया था। हालांकि उसके बाद के वर्षो में विवि के सूस्त रवैया कहें या फिर विवि के विकास के प्रति पदाधिकारियों मे जज्बे की कमी।

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