देखते ही देखते सोन नदी में समा गई नाव:छपरा के डोरीगंज घाट पर बालू से लदी नाव डूबी; नाव पर सवार लोग पानी में कूदे, तैराकों ने रेक्स्यू कर बचाई जान

छपरा4 महीने पहले
डोरीगंज घाट पर कुछ ऐसे गंगा में समा गई नाव।

सारण के डोरीगंज-दफ्तरपुर घाट पर बालू लदी एक नाव देखते ही देखते गंगा में डूब गई। नाव डूबता देख उस पर सवार दर्जनों लोगों ने पानी में छलांग लगा दी, जिन्हें बाद में स्थानीय नाविकों की मदद से उन्हें बचा लिया गया। इस क्षण को दूसरी नाव में सवार एक व्यक्ति ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बिहार में मानसून के कारण बाढ़ आ चुकी है। सभी नदियों का जलस्तर बढ़ चुका है। सोन में उफान के कारण नाव असंतुलित हो गई और तेज लहरों में समा गई। सोन नदी से लाल बालू का खनन होता है। यहां से 10 घाटों पर बालू उतारा जाता है। सारण में बालू के अवैध खनन पर प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से बालू का काला खेल जारी है।

स्थानीय तैराकों ने बचाई दर्जनों लोगों की जान

रहरिया घाट सोन नदी में शुक्रवार रात बालू लोड नाव डूब गई। इसमें एक दर्जन मजदूरों सवार थे। नाव डूबता देख मजदूरों ने नदी में छलांग लगा दी। मजदूरों को डूबते देख स्थानीय तैराक भी नदी में कूद पड़े और रेस्क्यू कर मजदूरों की जान बचा ली। शुक्रवार रात सोन नदी से अवैध बालू खनन कर एक नाव डोरीगंज घाट की तरफ आ रही थी। इसी बीच नदी के बीच मझधार में तेज धार और ओवरलोडिंग होने की वजह से नाव डूब गई।

डूबते देख पास से गुजर रहे दो नाव बचाव के लिए पहुंचे। तब तक नाव पूरी तरह डूब गई। उस पर सवार सभी लोग भी डूबने लगे। हालांकि, स्थानीय तैराकों ने मजदूरों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। गनीमत रही कि सभी लोग बाल-बाल बच गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गई।

प्रतिबंध के बावजूद लाल बालू का काला खेल जारी

सारण में बालू खनन और परिवहन पर रोक के बावजूद यहां के विभिन्न घाटों पर प्रत्येक दिन 500 से ऊपर बालू से लदा नाव पहुंचता है। डोरीगंज, झौआ, दिघवारा के विभिन्न घाटों के अलावा नयागांव तथा सोनपुर के LCT घाट, परमानंदपुर डोमवा घाट, कल्लू घाट गंगाजल घाट के अलावा सबलपुर पंचायत के कई घाटों पर नाव उसे बालू उतारा जाता है। इसे यहां से ट्रक, ट्रैक्टर और हाइवा पर लादकर NH- 19 से विभिन्न जगहों पर बालू को बेचा जाता है। इस धंधे में प्रत्येक दिन लाखों रुपए की कमाई होती है। यह तस्वीर झौआ और दिघवारा घाट की है।

10 घाटों पर उतारा जाता है

सोन नदी से लाल बालू का खनन होता है। वहां से नाव लोड होकर डोरीगंज घाट होते बैजू टोला से बंटकर दो रुटों में चली जाती है। घाघरा नदी से UP के चांददियारा और बैजू टोला व सिताबदियारा घाटों पर अनलोड की जाती है। वहां से गंगा नदी के रूट से जाने वाली नावें देवरियां, टुकटी, लालगंज, पंचरुखियां, रामगढ़ घाटों पर अनलोड होकर बिक जाती है। वहां से ट्रकों से परिवहन हो जाता है।

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