व्यवस्था पर बातचीत / सीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर सारण के दो क्वारेंटाइन सेंटर पर प्रवासियों का जाना हाल

CM confronts migrants at two quarantine centers in Saran through video conferencing
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CM confronts migrants at two quarantine centers in Saran through video conferencing

  • मजदूरों को दिया आश्वासन, कहा-घबराएं नहीं, अब बाहर जाने की नहीं पड़ेगी जरूरत
  • स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से भी की बात, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने पर दिया गया जोर

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

छपरा. सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सारण जिले के दो क्वारेंटाइन सेंटरों का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जानकारी ली। सीएम ने केन्द्रों में आवासित प्रवासियों से सीधी बात कर उनके हाल-चाल के साथ-साथ उपलब्ध करायी गयी व्यवस्थाओं के संबंध में फीड बैक लिया गया।

गड़खा के प्रखंड स्तरीय क्वारेंटाइन केन्द्र मध्य विद्यालय चैनपुर भैंसवारा एवं रिविलगंज प्रखंड के राजकीय मघ्य विद्यालय सेमरिया पूर्वी में रह रहे प्रवासी श्रमिक भाईयों से मुख्यमंत्री ने जानकारी प्राप्त की। माननीय मुख्यमंत्री ने क्वारेंटाइन केन्द्र पर रह रहे प्रवासियों से पूछा कि वे लोग कहां से आये हैं, वहां क्या करते थे। यहां आ कर उन्हें कैसा लग रहा है।
प्रवासियों ने सीएम से क्या कहा?
मध्य विधालय चैनपुर भैंसमारा, गड़खा में रह रहे प्रवासी श्रमिक पिन्टू कुमार मांझी ने कहा कि वे 14 मई को श्रमिक स्पेशल ट्रेन से मुंबई से यहां आये हैं। स्टेशन पर स्क्रीनिंग हुयी, खाने का पैकेट और पानी बोतल दिया गया। निबंधन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मध्य विद्यालय चैनपुर, भैंसवारा लाया गया। उन्होंने बताया कि यहां की व्यवस्थाएं बहुत अच्छी है। समय पर खाना, नाश्ता मिल रहा है। मेस कमेटी बनी हुयी है। हम लोगों के सुझाव पर साप्ताहिक मेन्यू चार्ट बना हुआ है। उसी के अनुसार खाना खिलाया जा रहा है।
महिला ने कहा-अब हमलोग बाहर नहीं जाना चाहते हैं
पंजाब के पटियाला शहर से आये सोनू कुमार ने बताया कि वे वहां आइसक्रिम फैक्ट्री में कार्य करते थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को इस बात के लिए धन्यवाद दिया कि सरकार के द्वारा प्रवासी श्रमिकों के लिए स्थानीय स्तर पर ही रोजगार की व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है। रिविलगंज के क्वारेंटाइन केन्द्र के एक युवक ने बताया कि वह मुंबई में इलेक्ट्रीशियन का कार्य करते थे, वहीं रेवाड़ी, हरियाणा से आयी एक महिला ने कहा कि अब हमलोग बाहर नही जाना चाहते है। यहां कि सभी व्यवस्थाएं अच्छी है। इस पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता प्रकट की। रिविलगंज केन्द्र पर अपर समाहर्ता डॉ. गगन के द्वारा मुख्यमंत्री को वहां की व्यवस्था के बारे में बताया गया।
अबतक 400 प्रवासियों के बनाए गए हैं जॉब कार्ड
इसके पूर्व जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन द्वारा मंख्यमंत्री को बताया गया कि कैम्पों में रह रहे लोगों का स्किल मैपिंग कराया जा रहा है। जिनका खाता बिहार में नहीं है उनका खाता खुलवाया जा रहा है। अबतक 4000 प्रवासी श्रमिकों को जॉब कार्ड बनवाया गया है। मध्य विद्यालय चैनपुर भैंसवारा केन्द्र की कुल क्षमता 110 है जिसमें अभी 102 लोग यहां आवासित है। यहां भी 70 लोगों का जॉब कार्ड बनाया गया है। 43 लोगों का खाता भी खुलवाया गया है।
प्रवासी मजदूर बात कर काफी खुश नजर आए
जिलाधिकारी के द्वारा कैमरे के माघ्यम से मुख्यमंत्री को एक-एक कर सभी कमरे, मनोरंजन के लिए कमरे में लगा टीवी, रसोई घर, वाशरुम आदि को दिखाया गया। मुख्यमंत्री जिला के क्वारेंटीन केन्द्रों में उपलब्ध करायी गयी व्यवस्था से संतुष्ट दिखे, वही दोनों क्वारेंटाइन केन्द्रों पर रह रहे श्रमिक  भी काफी खुश दिखें क्योकि उनका हाल-चाल मुख्यमंत्री जी ने लिया था।

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